why so many users not able to use full speed internet even has 5G Network
भारत में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों के लिए पिछले 12 साल में जो कुछ बदला है, उसे किसी क्रांति से कम नहीं कहा जा सकता है। असल में, जो 1GB डेटा 2014 में 268 रुपये का पड़ता था, उसकी कीमत अब घटकर केवल 8 रुपये प्रति GB रह गई है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दौरान केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यह आँकड़े शेयर करते हुए कहा कि इंडिया केबाजार में इंटरनेट बेहद सस्ते में दिया जा रहा है। इसकी कीमत दुनिया में सबसे कम है।
7 से 10 अक्टूबर के बीच आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस का उद्घाटन पीएम मोदी कर चुके हैं। उद्घाटन के समय PM Modi ने भारत में तेजी से बढ़े डिजिटल और टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर का जिक्र किया। पीएम मोदी के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों तक 5G पहुंच चुका है और भारत में 5.5 लाख 5G बेस स्टेशन लगाए जा चुके हैं।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि 2014 में एक यूजर हर महीने औसतन सिर्फ 0.26GB डेटा इस्तेमाल करता था। 12 साल में यह आंकड़ा करीब 140 गुना बढ़कर 36GB प्रति यूजर हर महीने पहुँच चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस सिर्फ टेक्नोलॉजी को गांवों तक पहुंचाने पर नहीं, बल्कि इसे देश के हर नागरिक के लिए उपलब्ध कराने पर रहा है। सस्ते डेटा और बढ़ती कनेक्टिविटी ने इसी बदलाव को तेज किया है।
पीएम मोदी ने कार्यक्रम में साइबर फ्रॉड को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि जिस तेजी से टेक्नोलॉजी बदल रही है, उसी के साथ साइबर अपराध का खतरा भी बना हुआ है। इसके लिए एक ग्लोबल फ्रेमवर्क की जरूरत है। उन्होंने लोगों को फोन कॉल, मैसेज और डिजिटल पेमेंट को लेकर सतर्क रहने की सलाह भी दी है। साथ ही GSMA, टेलीकॉम कंपनियों और दूसरे स्टेकहोल्डर्स के सहयोग की जरूरत पर भी जोर दिया।
पीएम मोदी ने सस्ते डेटा और बेहतर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को गेमिंग और कंटेंट क्रिएशन की ग्रोथ से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि भारत के युवा अब ई-स्पोर्ट्स, गेमिंग और कंटेंट क्रिएशन में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उनके अनुसार, डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार ने इन सेक्टर्स में रोजगार के नए मौके भी पैदा किए हैं।
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