झट में पहचान लेंगे असली और नकली QR Code! ये वाली ट्रिक सीख कर बन जाएंगे चैंप

झट में पहचान लेंगे असली और नकली QR Code! ये वाली ट्रिक सीख कर बन जाएंगे चैंप

हम आज डिजिटल पेमेंट के युग में जी रहे हैं। पान की दुकान हो, ग्रोस्री हो या यहाँ तक की कोई भी महंगा आइटम ही क्यों नहीं खरीदना हो, सभी लोग अपने फोन के जरिए ही पेमेंट करने लगे हैं। इसके अलावा इसी सिस्टम को ज्यादा आसान बनाने के लिए आजकल सभी जगहों पर QR Code का इस्तेमाल पेमेंट लेने के लिए होने लगा है, फिर चाहे वह चाय की टपरी हो, रेस्टोरेंट या पेट्रोल पंप आदि ही क्यों न हो। अब जब हम डिजिटल पेमेंट की ओर बड़े पैमाने पर बढ़ते जा रहे हैं, ऐसे में QR Code के साथ स्कैम होना या इसके जरिए आपके साथ स्कैम होना स्वाभाविक है।

Digit.in Survey
✅ Thank you for completing the survey!

हमने कुछ मामले देखें जिसमें फेक क्यूआर कोड के माध्यम से डिजिटल ठगी हुई है। इस तरह के स्कैम से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि आपको असली और नकली QR Code की पहचान हो। अब कैसे पहचान की जा सकती है कि जो दिखाई दे रहा है वह QR Code असली है या नकली? हम आज आपको इसी बारे में बताने वाले हैं।

कैसे होता है QR Code Scam?

इसके पहले कि हम आपको बताएं कि आखिर आप कैसे पहचान कर सकते है कि असली और नकली QR Code कौन सा है। आइए सबसे पहले यह जान लेते हैं कि QR Code के माध्यम से स्कैम होता कैसे है। कई मामले में भी इससे जुड़े इंटरनेट पर आपको मिल जाने वाले हैं।

असल में, कई मामलों में ऐसा देखा गया है कि ठग असली QR Code के ऊपर अपना नकली QR Code चिपका देते हैं। ऐसा करने से होता यह है कि जब आप पेमेंट करते हैं तो यह हो जाता है लेकिन जिसे मिलना चाहिए, उसे मिलता नहीं है। यानि पेमेंट तो आप कर देते हैं और वह सामने वाले को मिल जाता है लेकिन नकली QR Code के चलते यह ठगों तक पहुँच जाता है। सही QR Code वाले को नहीं मिलता है। इसी कारण आपको ज्यादा से ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। मुझे लगता है कि अगर आप इस तरह से पेमेंट कर रहे हैं तो आपको या तो सीधे फोन पर स्कैनर की मदद से पेमेंट करना चाहिए, या नंबर पर भी पेमेंट किया जा सकता है। ऐसा करने से फ्रॉड की संभावनाएं कम हो जाती हैं।

क्या ध्यान रखें?

अगर आप डिजिटल पेमेंट करना पसंद करते हैं और रेगुलर तौर पर अपने फोन से ही पेमेंट आदि करते हैं तो आपको एक चीज का खास ध्यान रखना चाहिए कि अगर आप किसी QR Code पर पेमेंट कर रहे हैं तो सामने वाले का नाम जरूर वेरीफाई कर लें। अगर यह मैच करता तो ही आपको पेमेंट करना चाहिए, अगर नहीं तो पेमेंट करने से पहले दुकानदार से पूछ लें कि यह उसके किसी जानने वाले का अकाउंट तो नहीं है। किसी भी तरह से अगर यह दुकानदार से जुड़ा नहीं तो आपको पेमेंट नहीं करना चाहिए। अगर आप पेमेंट करते हैं तो वो फ्रॉडस्टर के खाते में जाने वाला है।

तुरंत पेमेंट न करें

यही मैंने आपको ऊपर अभी समझाया है कि स्कैन करते ही पेमेंट नहीं करना चाहिए, पहले यह जाँचना और सुनिश्चित करना जरूरी है कि जिसे आप पेमेंट कर रहे हैं, उसे वह मिलनी चाहिए।

भरोसेमंद UPI App का ही इस्तेमाल करें

सबसे बड़ी चीज यह है कि आपको पेमेंट करते हुए यह भी खास ध्यान रखना है कि आप यह भरोसेमंद UPI App से ही कर रहे हैं। आप Google Pay, PhonePe, Amazon Pay, Paytm या BHIM UPI से पेमेंट कर सकते हैं। किसी भी अन्य ऐप को डाउनलोड-इंस्टॉल करके पेमेंट करने से बचें।

पेमेंट पाने के लिए स्कैन न करें QR Code

कई बार ऐसा होता है कि आपसे यह कहकर QR Code Scan करवाया जाता है कि आपके खाते में पैसे आएंगे, लेकिन स्कैन करने से खाते में पैसे आते नहीं हैं जाते हैं। इस चीज का भी खास ध्यान रखें कि अगर कोई आपसे कहे कि आप इस QR Code को स्कैन कर दें और पैसे आपके अकाउंट में आएंगे तो ऐसा करना आपके लिए बड़े आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। आपको ऐसा नहीं करना चाहिए।

अब आप समझ चुके हैं कि अगर आप गलत QR Code को स्कैन करते हैं आपके साथ साथ सामने वाले को भी कितना नुकसान हो सकता है। ऐसे में असली और नकली QR Code की पहचान बेहद ही ज्यादा जरूरी है। इस जानकारी के बाद अब आप जानते हैं कि कौन सा QR Code नकली है और कौन सा असली।

यह भी पढ़ें: भयंकर गर्मी में कूलर देगा शिमला जैसी हवा! ट्राई करें ये ‘Ice Bottle’ ट्रिक..एक बार आज़माया तो AC भूल जाएंगे

Ashwani Kumar

Ashwani Kumar

Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life. View Full Profile

Digit.in
Logo
Digit.in
Logo