शम्मी कपूर का इंटरनेट से अनोखा कनेक्शन: 99% लोग नहीं जानते ये शानदार कहानी

शम्मी कपूर का इंटरनेट से अनोखा कनेक्शन: 99% लोग नहीं जानते ये शानदार कहानी

अगर आज आपसे कोई ऐसा कहे की बॉलीवुड का एक एक्टर भारत में इंटरनेट यूज़ करने वाले पहले लोगों में था तो आप क्या इस बात को सच मानेंगे? उससे भी बड़ी बात उस समय VSNL के आधिकारिक प्लान भी पेश नहीं किए गए थे! हो सकता है कि यह आप इस बात पर यकीन न करें, और अगर करना भी चाहें तो आपका मन आपसे कहे की ऐसा कैसे हो सकता है, और कैसा कौन था जो इंटरनेट को इस्तेमाल कर रहा था। अगर आज से पहले मैं आपके स्थान पर होता तो शायद मैं भी ऐसा ही सोचता, लेकिन यह सच है। असल में, यह 90 के दशक के भारत की एक सच्ची और थोड़ी अजीब सी कहानी है। इस कहानी का हीरो कोई टेक फाउंडर नहीं, बल्कि रुपहले पर्दे की जानी मानी फिल्म ‘जंगली और ‘तीसरी मंज़िल’ का मशहूर हीरो ‘शम्मी कपूर’ है।

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जब VSNL का आधिकारिक प्लान भी नहीं था, उस समय इंटरनेट चला रहा था ये कलाकार

आपको जानकार आश्चर्य होगा और होना लजमी भी है। शम्मी कपूर कोई ऐसे इंसान नहीं थे जिन्होंने इंटरनेट को भारत में आने के बाद इस्तेमाल करना शुरू किया। वो उससे पहले से ही ब्रिटिश टेलीकॉम की एक इंटरनेशनल लाइन के जरिए इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे थे। जब देश में इंटरनेट का कोई पब्लिक या कमर्शियल वर्जन मौजूद ही नहीं था, यह उस समय की बात है। इसे ऐसे भी कह सकते हैं कि देश में इंटरनेट की क्रांति से पहले ही शम्मी कपूर इसे इस्तेमाल कर रहे थे।

VSNL का ऑफिशियल प्लान कब और कैसे लॉन्च हुआ?

अगर भारत में असली इंटरनेट की बात करें तो इसका आधिकारिक लॉन्च 15 अगस्त 1995 को हुआ, यह मौका था आजादी की 48वीं सालगिरह का! यही वह दिन था जब Videsh Sanchar Nigam Limited (VSNL) ने देश में पहली बार पब्लिक इंटरनेट सर्विस शुरू की थी। इसका नाम Gateway Internet Access Service (GIAS) था। शुरुआत में यह सर्विस सिर्फ पांच शहरों पेश की गई थी, जिनमें दिल्ली, बॉम्बे (आज का मुंबई), कलकत्ता, मद्रास (आज का चेन्नई) और पुणे आदि शामिल थे। हालांकि, बाद में इस सेवा को बैंगलोर तक भी ले जाया गया। दिलचस्प बात यह है कि लॉन्च से करीब 45 दिन पहले ही बीटा टेस्टिंग शुरू कर दी गई थी, और लॉन्च डेट खासतौर पर 15 अगस्त इसलिए चुनी गई थी ताकि यह अनाउंसमेंट स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हो सके।

क्या थी VSNL Plans की प्राइसिंग?

प्राइसिंग को अगर देखा जाए तो यह आम आदमी की पहुँच से तो बेहद ही ज्यादा या ऐसे कहें की कोसों दूर थी। इंडिविजुअल यूजर के लिए सालाना करीब 5,000 रुपये में 250 घंटे इस्तेमाल की लिमिट थी, जबकि कमर्शियल ऑर्गनाइजेशन आदि के लिए यह चार्ज करीब 20,000 रुपये सालाना के आसपास था। जो कंपनियां लीज्ड लाइन चाहती थीं, उनके लिए 2.4 KBPS लाइन का चार्ज लगभग लगबग़ 1.5 लाख रुपये और 128 KBPS लाइन का चार्ज करीब 25 लाख रुपये के आसपास तक जाता था।

इंटरनेट स्पीड की बात करें तो उस दौर में सर्विस केवल 9.6 KBPS तक की थी। दिलचस्प बात यह है कि अगर आज से इसकि तुलना करें तो यह ना के बराबर थी। इसके अलावा उस दौरान जो भी इन पांच-छह शहरों से बाहर रहते थे, उन्हें इंटरनेट यूज़ करने के लिए लॉन्ग-डिस्टेंस कॉल करनी पड़ती थी, जिसके लिए उस जमाने में 35 रुपये प्रति मिनट का चार्ज देना होता था।

जब शम्मी कपूर बन गए थे इंडिया के ‘इंटरनेट मैन’

एक दिलचस्प बात यह भी है कि साल 1995 में शम्मी कपूर को फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिला, ठीक उसी साल उन्होंने Internet Users Club of India (IUCI) की स्थापना भी की यानी VSNL के ऑफिशियल पब्लिक लॉन्च के आसपास ही उन्होंने अपने अनुभव को एक बड़े मूवमेंट में बदलने का फैसला किया, जबकि वो खुद उससे पहले से इंटरनेट पर एक्टिव थे।

इंटरनेट के साथ उनका जुड़ाव इतना गहरा और इतना पब्लिक था कि आम लोगों के बीच एक अजीब सी धारणा बन गई थी कि Yahoo शम्मी कपूर की ही है। कुछ यूजर्स ने हाल ही में X पर इस दौर को याद करते हुए बताया कि वो सचमुच सोचते थे शम्मी कपूर और Yahoo.com किसी तरह एक-दूसरे से कनेक्टेड हैं। एक और यूजर ने लिखा कि वो शम्मी कपूर की इंटरनेट को लेकर इतनी पॉपुलैरिटी देखकर यह मान बैठे थे कि उन्होंने ही Yahoo! बनाया और उसके मालिक हैं।


हालांकि, यह बात यहीं पर खत्म नहीं होती है। दिलचस्प बात यह है की जब Yahoo ने भारत में अपना ऑपरेशन शुरू किया, तो खुद फाउंडर Jerry Yang ने मुंबई की इनॉगरल सेरेमनी में शम्मी कपूर को बुलाकर सम्मानित किया। और उस मौके पर ऑर्केस्ट्रा ने उनकी फिल्म ‘जंगली’ का मशहूर ‘याहू!’ गाना भी बजाया था।

Apple Mac और इंटरनेट सोसाइटी की कहानी

यह सिर्फ इमेज या पॉपुलैरिटी की बात नहीं थी। शम्मी कपूर का इंटरनेट से जुड़ाव काफी पुराना था। एक यूजर ने शेयर किया कि शम्मी कपूर अमेरिका से Apple के कंप्यूटर मंगवाया करते थे, और भारत में इंटरनेट सोसाइटी को चलाने में भी उनका बड़ा रोल था। कुछ रिपोर्ट्स ऐसा भी कहती हैं कि वह अपने साथ एक Apple Macintosh Performa 5400 लेकर घूमते थे, ताकि लोगों को यह दिखा सकें कि इंटरनेट होता क्या है और उससे क्या-क्या किया जा सकता है।

2022 में एक यूजर ने Internet Archive पर IUCI की पुरानी और अब बंद हो चुकी वेबसाइट खोज निकाली थी, जो .co.in डोमेन एक्सटेंशन वाली शुरुआती वेबसाइट्स में से एक थी। शम्मी कपूर ने खुद बताया था कि उन्होंने उस वेबसाइट की कोडिंग और डिजाइनिंग खुद सीखकर की थी। यानी सिर्फ इंटरनेट यूज़ करना नहीं, बल्कि उसे बनाना भी उन्हें आता था।

मफतलाल कनेक्शन क्या था?

आपने अभी एक कहानी पढ़ी है कि शम्मी कपूर खुद अमेरिका से कंप्यूटर मँगवाया करते थे और उन्हें इस्तेमाल करते थे। इस कहानी में एक नाम मफतलाल का भी आता है। यह एक इंडस्ट्रियलिस्ट थे जिनकी अमेरिका में बिताई गई नौकरी के दौरान टेक्नोलॉजी में गहरी दिलचस्पी बन गई थी, और कंप्यूटर्स के साथ उनका पहला वास्ता इंटरनेट के भारत आने से भी काफी पहले हो चुका था। शम्मी कपूर की दोस्ती VSNL के तत्कालीन चीफ बी.के. सिंघल से भी थी, जिन्होंने पब्लिकली उनके इंटरनेट से जुड़ाव की तारीफ की थी, लेकिन मफतलाल उनके इस पूरे मूवमेंट में एक टेक्निकल पार्टनर की तरह थे।


IUCI की जो वेबसाइट 2022 में Internet Archive पर मिली, वो डोमेन असल में मिहिर मफतलाल के नाम पर रजिस्टर्ड था। यानी शम्मी कपूर इस मूवमेंट का पब्लिक चेहरा थे, लेकिन उनके पीछे मफतलाल जैसे लोग भी थे जो टेक्निकल नॉलेज और रिसोर्सेज़ जुटाने में बराबर के पार्टनर थे।

वो भारत जो इंटरनेट के लिए अभी तैयार हो रहा था

इन सारे किस्सों को जोड़कर देखें तो एक पूरी तस्वीर उभरती है। 90 के दशक का भारत, जहां इंटरनेट किसी लग्ज़री से कम नहीं था। VSNL का ऑफिशियल प्लान आने से पहले तक आम आदमी के लिए इंटरनेट का कोई रास्ता ही नहीं था, और आने के बाद भी उसकी कीमत और स्पीड आम बजट से बाहर थी। मॉडम लाइन के लिए घंटों इंतज़ार, महंगे और आम इंसान की पहुँच से कोसों दूर Apple कंप्यूटर्स, और गिने-चुने लोग जो इस नई टेक्नोलॉजी को समझते और उसे आगे बढ़ाते थे। इसी माहौल में शम्मी कपूर जैसा एक बॉलीवुड स्टार, जो ऑफिशियल लॉन्च से भी पहले ऑनलाइन था, अपनी फिल्मी इमेज से कहीं आगे बढ़कर टेक्नोलॉजी एडवोकेट बन गया। इतना कि लोग असली टेक कंपनियों को भी उनसे जोड़कर देखने लगे।

आज जब हमारे पास हर जेब में 5G इंटरनेट है, वीडियो कॉल्स सेकंडों में कनेक्ट हो जाती हैं, और डोमेन खरीदना कुछ मिनटों का काम है, तब यह सोचना दिलचस्प है कि सिर्फ तीन दशक पहले तक भारत में इंटरनेट एक ऐसी चीज़ थी जिसे समझने और अपनाने के लिए असली जुनून चाहिए होता था। और उस जुनून का एक चेहरा, चाहे कितना भी अनोखा क्यों न लगे, शम्मी कपूर का था। एक ऐसा चेहरा जो VSNL के प्लान लॉन्च होने का इंतज़ार किए बगैर ही ऑनलाइन पहुंच चुका था।

Ashwani Kumar

Ashwani Kumar

Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life. View Full Profile