भारत में नई ‘चिप क्रांति’ का आगाज़, कैबिनेट ने 1.27 लाख करोड़ के मेगा बजट को दी हरी झंडी, यूजर्स को क्या फायदा
1.27 लाख करोड़ रुपये के बजट के साथ सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 को कैबिनेट की मंजूरी।
62,500 करोड़ रुपये की मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम भी मंजूर हुई।
2030 तक देश का चिप बाजार दोगुने से बड़ा होगा।
भारत को ग्लोबल टेक मैप पर एक सुपरपावर बनाने की दिशा में मोदी सरकार ने एक बेहद ऐतिहासिक और बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय कैबिनेट ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 (ISM 2.0) को हरी झंडी दे दी है। सिर्फ इतना ही नहीं, देश के भीतर स्मार्टफोन प्रोडक्शन की रफ्तार को भी तेज करने के लिए घरेलू मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) को भी एक तगड़ा अपग्रेड दिया गया है। आपको याद होगा कि सरकार ने इसी साल फरवरी में बजट के दौरान इस बड़े मास्टरप्लान का हिंट दिया था, अब इस पर कैबिनेट की मुहर लग चुकी है। एक्सपर्ट्स इसे भारत में एक नई ‘चिप क्रांति’ की शुरुआत मान रहे हैं।
Surveyक्या है इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0?
सरकार ने साल 2021 में इस मिशन का पहला फेज शुरू किया था। उस वक्त मुख्य फोकस दुनिया भर की दिग्गज चिप मैन्युफैक्चरिंग और पैकेजिंग कंपनियों को भारत में अपनी यूनिट्स लगाने के लिए आकर्षित करना था। लेकिन अब जो इसका दूसरा चरण यानी ISM 2.0 आ रहा है, यह पहले से कहीं ज्यादा आक्रामक और बड़े विज़न के साथ तैयार किया गया है।
A budgetary outlay of ₹ 62,500 crore has been allocated for the Mobile Phone Manufacturing Scheme (MPMS)
— PIB India (@PIB_India) July 15, 2026
Under the Mobile Phone Manufacturing Scheme (MPMS), cumulative production of approximately ₹39 lakh crore is projected. During the same period, cumulative exports are… pic.twitter.com/tRb6JJ4WXD
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इस पूरे मिशन के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को भी मंजूरी दे दी है।
#Cabinet approves the ₹1.275 lakh crore Semicon 2.0 programme
— PIB India (@PIB_India) July 15, 2026
▪️Given the growing global interest in India's semiconductor programme, every major industry leader wants to establish a presence in the country. India has already forged partnerships with the US, Japan, the EU, the… pic.twitter.com/9DBYd79M1A
क्या है इस बार का प्लान?
खुद की सेमीकंडक्टर IP बनाना: सरकार का जोर अब केवल बाहर से आकर चिप असेंबल करने पर नहीं है, बल्कि भारत के पास खुद की ‘सेमीकंडक्टर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP)’ हो, इस पर पूरा फोकस है।
एक मजबूत और देसी इकोसिस्टम बनाना: चिप की डिजाइनिंग और फेब्रिकेशन से लेकर एडवांस टेक्नोलॉजी को देश में ही डेवलप करने पर सबसे ज्यादा जोर होगा।
वैश्विक सप्लाई चेन में भारत को ऊपर लाना: कैबिनेट की तरफ से मिली यह बड़ी फंडिंग भारत की प्रोडक्शन कैपेसिटी को तो बढ़ाएगी ही, साथ ही पूरी दुनिया की चिप सप्लाई चेन में भारत की स्थिति को बेहद मजबूत करने में भी मदद करने वाली है।
A massive boost to ‘Make in India’ and our electronics manufacturing ecosystem!
— Narendra Modi (@narendramodi) July 15, 2026
The Cabinet’s approval of the Mobile Phone Manufacturing Scheme, with an outlay of Rs. 62,500 crore will scale up production, deepen domestic value addition, strengthen supply chains and create a…
2030 तक डबल से ज्यादा होगा जाएगा बाजार?
अगर आंकड़ों की बात करें, तो इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के पहले फेज की बदौलत भारत का सेमीकंडक्टर मार्केट फिलहाल 45 से 50 बिलियन डॉलर के आस-पास पहुंच चुका है। सरकार का अनुमान है कि ISM 2.0 के जमीन पर उतरने के बाद, साल 2030 तक भारत का सेमीकंडक्टर मार्केट 100 से 115 बिलियन डॉलर का आंकड़ा छू सकता है। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि अगले 5 साल के भीतर यह मार्केट दोगुने से भी ज्यादा बड़ा होने वाला है।
आम यूजर और स्टार्ट-अप्स को क्या फायदा होगा?
अब सवाल उठता है कि इस चिप क्रांति का जमीन पर हमें और आपको क्या फायदा होने वाला है, आइए जानते हैं:
देसी स्टार्ट-अप्स को बड़ा फायदा: जो भी नए स्टार्ट-अप्स चिप डिजाइनिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमेशन या हाई-टेक डिवाइसेज पर काम कर रहे हैं, उनके लिए फंड्स और नए मौकों की बाढ़ आने वाली है।
स्मार्टफोन और EV मार्केट को बूस्ट मिलेगा: भारत में स्मार्टफोन की मांग और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। जब देश में ही बनी चिप्स मिलने लगेंगी, तो आने वाले समय में इनकी प्रोडक्शन कॉस्ट कम होने की संभावना है, जिसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिलने वाला है।
AI और डेटा सेंटर्स की लाइफलाइन: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बड़े डेटा सेंटर्स के लिए यह अपग्रेड किसी वरदान से कम नहीं होने वाला है, क्योंकि इन्हें सबसे ज्यादा एडवांस चिप्स की जरूरत होती है। और जब यह भारत में बनने ही लगेंगी तो आप सोच सकते हैं कि क्या बदलाव आने वाला है।
आर्टिकल में AI से निर्मित इमेज शामिल हैं।
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