कहानी में ‘मिर्ज़ापुर’ वाली वाइब, IMDb पर 8.2 रेटिंग, 2 घंटे 40 मिनट की ये फिल्म दिखाती है बदले का खतरनाक खेल

HIGHLIGHTS

मिर्ज़ापुर कोटक्कर देती है गैंग्स ऑफ वासेपुर।

IMDb पर 8.2 की दमदार रेटिंग मिली है।

मनोज बाजपेयी ने निभाया सरदार खान का रोल।

कहानी में ‘मिर्ज़ापुर’ वाली वाइब, IMDb पर 8.2 रेटिंग, 2 घंटे 40 मिनट की ये फिल्म दिखाती है बदले का खतरनाक खेल

क्राइम और गैंगस्टर फिल्मों की बात हो और गैंग्स ऑफ वासेपुर का नाम न आए, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। अनुराग कश्यप के निर्देशन में बनी यह फिल्म भारतीय सिनेमा की चर्चित क्राइम फिल्मों में शामिल है। फिल्म में धनबाद के वासेपुर की गैंगवार, कोयला कारोबार और कई पीढ़ियों से चले आ रहे बदले की कहानी दिखाई गई है। इस फिल्म को IMDb पर 8.2 की रेटिंग मिली हुई है। क्राइम थ्रिलर जॉनर में अगर ‘मिर्ज़ापुर’ जैसा कुछ देखना हो तो यह फिल्म एक जबरदस्त विकल्प है। साल 2012 में रिलीज हुई ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ दो भागों में रिलीज हुई थी और दोनों हिस्सों में गैंगवार और बदले की कहानी को आगे बढ़ाया गया है। इसका पहला हिस्सा 2 घंटे 40 मिनट का है और दूसरा 2 घंटे 39 मिनट का है।

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क्या है ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ की कहानी?

फिल्म की कहानी वासेपुर में रहने वाले खान परिवार और उनके दुश्मनों के बीच चलने वाली लंबी दुश्मनी के इर्द-गिर्द घूमती है। कोयला खदानों और कारोबार पर कब्जे की लड़ाई धीरे-धीरे आपसी दुश्मनी और बदले की ऐसी कहानी में बदल जाती है, जिसमें कई पीढ़ियां इसकी चपेट में आती हैं। सरदार खान अपने पिता की हत्या का बदला लेने की ठानता है और यहीं से शुरू होती है दुश्मनी की एक ऐसी कहानी, जो आगे चलकर उसके परिवार और विरोधियों के बीच गैंगवार का रूप ले लेती है। इसके आगे कहानी एक ऐसा मोड लेती है जिसके बारे में शायद आपने सोचा भी न हो, आगे का ट्विस्ट तो आपको सीरीज़ देख कर ही समझ आएगा।

फिल्म की स्टारकास्ट

इस फिल्म में मनोज बाजपेयी ने सरदार खान का किरदार निभाया है। उनके अलावा नवाजुद्दीन सिद्दीकी, ऋचा चड्ढा, हुमा कुरैशी, पंकज त्रिपाठी और तिग्मांशु धूलिया जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं।

क्यों देखें यह फिल्म?

अगर आपको मिर्जापुर में गैंगवार, सत्ता की लड़ाई, बदला और दमदार किरदार पसंद आए हैं, तो गैंग्स ऑफ वासेपुर का माहौल आपको भी काफी अलग लेकिन परिचित महसूस हो सकता है। दोनों में अपराध की दुनिया, परिवारों के बीच संघर्ष और सत्ता हासिल करने की कोशिश जैसे एलिमेंट्स देखने को मिलते हैं।

हालांकि दोनों की कहानियां और सेटिंग अलग हैं। मिर्जापुर जहां कालीन भैया और पूर्वांचल की दुनिया के इर्द-गिर्द घूमती है, वहीं गैंग्स ऑफ वासेपुर की कहानी धनबाद के कोयला कारोबार और खान परिवार की दुश्मनी पर केंद्रित है।

फिल्म की खासियत इसके दमदार डायलॉग्स, कच्चे और वास्तविक माहौल, यादगार किरदार और लंबे समय तक चलने वाली बदले की कहानी है। मनोज बाजपेयी का सरदार खान वाला किरदार आज भी दर्शकों के बीच काफी चर्चित है।

कहां देखें?

अगर आपने अभी तक ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ नहीं देखी है और आपको क्राइम, गैंगवार और बदले की कहानियां पसंद हैं, तो यह फिल्म आपके लिए एक दिलचस्प वॉच हो सकती है। जैसा की हमने आपको पहले ही बताया है की इस फिल्म के दोनों पार्ट अलग-अलग रिलीज हुए थे, तो इस कहानी को पूरा समझने के लिए दोनों हिस्से देखना जरूरी है। यह मूवी आप गूगल प्ले मूवीज़ और AppleTV पर देख सकते हैं।

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Faiza

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फाईज़ा परवीन डिजिट हिंदी में एक कॉपी एडिटर हैं। वह 2023 से डिजिट में काम कर रही हैं और इससे पहले वह 6 महीने डिजिट में फ्रीलांसर जर्नलिस्ट के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं, और उनके पसंदीदा तकनीकी विषयों में स्मार्टफोन, टेलिकॉम और ओटीटी शामिल हैं। उन्हें हमारे हिंदी पाठकों को वेब पर किसी डिवाइस या सेवा का उपयोग करने का तरीका सीखने में मदद करने के लिए लेख लिखने में आनंद आता है। सोशल मीडिया की दीवानी फाईज़ा को अक्सर अपने छोटे वीडियो की लत के कारण स्क्रॉलिंग करते हुए देखा जाता है। वह थ्रिलर फ्लिक्स देखना भी काफी पसंद करती हैं। View Full Profile