81 करोड़ भारतीय नागरिकों का आधार डेटा हुआ लीक! जांच-पड़ताल में जुटी CBI, जानें पूरा मामला
लगभग 815 मिलियन यानि 81.5 करोड़ भारतीयों का आधार डेटा लीक हो गया है।
डार्क वेब पर 81.5 करोड़ भारतीयों कि आधार कार्ड डिटेल्स, नाम, फोन नंबर, एड्रेस और पासपोर्ट की जानकारी की बिक्री हो रही है।
इस मामले की जांच करने और समाधान खोजने के लिए CBI का सहारा लिया गया है।

आधार कार्ड्स भारतीयों के लिए एक जरूरी दस्तावेज़ है। भारत के हर नागरिक के पास यह होना बेहद आवश्यक है क्योंकि इसमें हमारी जरूरी जानकारी होती है। ऐसे में एक चौंका देने वाली और डराने वाली खबर सामने आई है कि कई भारतीयों का Aadhaar Data लीक हो गया है। आइए इस पूरे माजरे को विस्तार से जानते हैं।
This is very serious. Makes every Indian with an Aadhar card vulnerable to hackers. 81 crore is almost 60% of the population https://t.co/yu893d39S4
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) October 31, 2023
US की एक साइबर सिक्योरिटी कंपनी Resecurity ने खुलासा किया है कि लगभग 815 मिलियन यानि 81.5 करोड़ भारतीयों का निजी डेटा डार्क वेब पर लीक हो गया है। हैकर pwn0001 ने सबसे पहले इस जानकारी का पता लगाया था।
Resecurity ने अपने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, "9 अक्टूबर को pwn0001 नाम के एक थ्रेट एक्टर ने ब्रीच फोरम्स पर 815 मिलियन "भारतीय नगरीग आधार और पासपोर्ट" रिकॉर्ड्स के एक्सस की ब्रोकरिंग करते हुए एक थ्रेड पोस्ट किया।" बता दें कि भारतीय की कुल आबादी लगभग 1.486 बिलियन है।
डार्क वेब पर इस तरह बिक रहा नागरिकों का निजी डेटा
रिपोर्ट के मुताबिक डार्क वेब पर 81.5 करोड़ भारतीयों की आधार कार्ड डिटेल्स, नाम, फोन नंबर, एड्रेस और पासपोर्ट की जानकारी की बिक्री हो रही है। जब Resecurity के HUNTER (HUMINT) यूनिट इन्वेस्टिगेटर्स ने डेटा ब्रीचेज़ के साथ संपर्क किया, तो उन्होंने पूरे आधार और भारतीय पासपोर्ट डेटाबेस को बेचने के लिए $80,000 की बोली लगाई।
X पर एक हैकर के मुताबिक यह भारत में देखे गए सबसे बड़े डेटा उल्लंघनों में से एक है। इसके अलावा News18 की एक रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि इस डेटा को इंडियन काउन्सिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के डेटाबेस से उठाया जा सकता है।
मामले की जांच में शामिल हुई CBI
मीडिया रिपोर्ट्स से सुझाव मिला है कि इस मामले की जांच करने और समाधान खोजने के लिए CBI का सहारा लिया गया है। यह पहली बार नहीं है कि भारत ने खुद को एक ऐसी स्थिति में पाया है। इससे पहले जून में वैक्सीनेटेस्ट लोगों के निजी डेटा का उल्लंघन हुआ था और उसे टेलीग्राम पर लीक कर दिया गया था।
Faiza फाईज़ा परवीन डिजिट हिंदी में एक कॉपी एडिटर हैं। वह 2023 से डिजिट में काम कर रही हैं और इससे पहले वह 6 महीने डिजिट में फ्रीलांसर जर्नलिस्ट के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं, और उनके पसंदीदा तकनीकी विषयों में स्मार्टफोन, टेलिकॉम और ओटीटी शामिल हैं। उन्हें हमारे हिंदी पाठकों को वेब पर किसी डिवाइस या सेवा का उपयोग करने का तरीका सीखने में मदद करने के लिए लेख लिखने में आनंद आता है। सोशल मीडिया की दीवानी फाईज़ा को अक्सर अपने छोटे वीडियो की लत के कारण स्क्रॉलिंग करते हुए देखा जाता है। वह थ्रिलर फ्लिक्स देखना भी काफी पसंद करती हैं।
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