ജിയോഷീൽഡ് പ്ലാൻ, What is JioShield
कुछ दिनों पिछ्ले ही रिलायंस जियो अपने कस्टमर्स के लिए जियो शील्ड लेकर आया था जिसके ज़रिये ग्राहक अपने परिवार की सुरक्षा और बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटी पर नजर रख सकेंगे। यह एक साल की सब्सक्रिप्शन सर्विस है, जिसके लिए यूजर को 1,000 रुपये की फीस देनी होगी। खास बात यह है कि Jio की 10वीं एनिवर्सरी ऑफर के तहत पात्र ग्राहकों को 100 रुपय के 10 रिचार्ज वाउचर भी मिलेंगे, यानी कुल 1,000 रुपये का फायदा। इन वाउचर का इस्तेमाल 399 रुपये या उससे ज्यादा के चुनिंदा Jio 5G रिचार्ज पर किया जा सकता है। JioShield में लोकेशन ट्रैकिंग, SOS अलर्ट, स्क्रीन टाइम और ऐप कंट्रोल जैसे फीचर्स भी मिलते हैं।
आपकी जानकारी के बता दें कि जियो शील्ड की एनरोलमेंट फीस 1,000 रुपये रखी गई है और यह फीस एक साल की सर्विस के लिए है।जैसा की हम आपको पहले ही बता चुके हैं कि Jio के मुताबिक, लिमिटेड पीरियड प्रोग्राम में पात्र ग्राहकों को इसी कीमत के 10 रिचार्ज वाउचर मिलते हैं। हर वाउचर 100 रुपये का है, यानी कुल वैल्यू 1,000 रुपये है। हालांकि आप इन वाउचर को कैश में नहीं बदल सकते। इन्हें आप MyJio के जरिए 399 रुपये या उससे ज्यादा के चुनिंदा Jio 5G रिचार्ज पर इस्तेमाल कर सकते है। इसके हर वाउचर की वैलिडिटी जारी होने की तारीख से 12 महीने बाद समाप्त होती है।
इसका सबसे अहम फीचर यह है कि इसके ज़रिये पैरेंट्स अपने बच्चे की नियर रियल-टाइम लोकेशन को एक्सेस कर सकते हैं। इसमें 30 दिन तक की लोकेशन हिस्ट्री और जरूरत पड़ने पर लोकेशन को रिफ्रेश करने का ऑप्शन भी मिलता है, इसी के साथ इसमें जियो-फेंसिंग का फीचर भी है जिसके जरिए पैरेंट्स घर या स्कूल जैसी सुरक्षित जगहों के लिए एक सेफ ज़ोन बना सकते हैं। ऐसा करने से बच्चा उस जगह में एंटर या एग्जिट करता है तो अलर्ट मिल सकता है।
जियो शील्ड में SOS अलर्ट का भी फीचर दिया गया है। बच्चा जरूरत पड़ने पर SOS भेज सकता है, जिसके साथ उसकी लोकेशन की जानकारी पैरेंट्स तक पहुंच सकती है। फोन की बैटरी कम होने पर भी पैरेंट्स को अलर्ट मिलेगा। Jio ने इसमें Buzz Phone फीचर भी दिया है। इसकी मदद से पैरेंट्स बच्चे के फोन को रिमोटली रिंग कर सकते हैं, भले ही फोन साइलेंट मोड पर हो।
जियो शील्ड सिर्फ लोकेशन ट्रैकिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बच्चों के फोन के स्क्रीन टाइम को मैनेज करने का फीचर भी मिलता है। इसके ज़रिये पैरेंट्स रोजाना स्क्रीन टाइम की लिमिट सेट कर सकते हैं और लिमिट पूरी होने के बाद डिवाइस लॉक भी कर सकते है। इसके अलावा पैरेंट्स यह भी तय कर सकते हैं कि बच्चे के फोन में कौन से ऐप्स इस्तेमाल किए जा सकते हैं। कांटेक्ट व्हिस्लिंग की मदद से सिर्फ मंजूर किए गए कॉन्टैक्ट्स से कॉल रिसीव करने की सुविधा भी दी गई है।
इसके लिए आपके और आपके बच्चे के फ़ोन में दो ऐप्स का इस्तेमाल होगा। पैरेंट के फोन में जियो थिंग्स ऐप और बच्चे के फोन में जियो शील्ड ऐप इंस्टॉल करना होगा। दोनों डिवाइस को पेयर करने के बाद पैरेंट्स JioThings ऐप से लोकेशन, सेफ्टी अलर्ट, स्क्रीन टाइम और ऐप कंट्रोल जैसी सुविधाओं को मैनेज कर सकेंगे। बच्चे के फोन में Android 10 या उससे ऊपर होना जरूरी है और उसमें एक्टिव Jio मोबाइल नंबर होना चाहिए। फिलहाल पैरेंट्स के लिए जियो थिंग्स ऐप एंड्राइड पर उपलब्ध है, जबकि जियो के मुताबिक इसका iOS वर्जन 1 अक्टूबर 2026 से उपलब्ध होगा। पैरेंट और बच्चे, दोनों के पास Jio नंबर होना जरूरी है।
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