सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और Instagram पर इन दिनों कुछ वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें कुछ लोग कथित तौर पर एक मोबाइल ऐप की मदद से चलते हुए ई-रिक्शा (E-Rickshaw) और इलेक्ट्रिक स्कूटर को बीच सड़क में रोकते नजर आ रहे हैं. इन वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और कई यूजर्स इसे बेहद खतरनाक ट्रेंड बता रहे हैं.
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग ई-रिक्शा के पास जाकर अपने स्मार्टफोन में एक ऐप खोलते हैं. इसके कुछ ही सेकंड बाद वाहन अचानक बीच सड़क में बंद हो जाता है. इस घटना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है कि क्या किसी भी इलेक्ट्रिक वाहन को दूर से बंद किया जा सकता है.
वीडियो सामने आने के बाद कई यूजर्स ने इसे सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया.
एक यूजर ने लिखा, “कुछ लोगों की मस्ती दूसरों की रोजी-रोटी पर भारी पड़ रही है.”
पूरे ई-रिक्शा 'Tirrii' समाज में BAT-BMS ऐप की वजह से दहशत का माहौल बना हुआ है।
— Nilesh (@Drx_Nilesh7) July 1, 2026
BAT-BMS ऐप के जरिए आप अपने आस पास के ई- रिक्शा को ब्लूटूथ के साथ कनेक्ट कर उसे कंट्रोल कर सकते हैं।
अपने फोन से ही ई रिक्सा को बंद कर सकते है pic.twitter.com/dKHbfcWg8H
दूसरे यूजर ने कहा, “अगर वाहन बीच सड़क में बंद हो जाए तो इससे जान भी जा सकती है. ऐसे मजाक तुरंत बंद होने चाहिए.”
एक अन्य यूजर ने लिखा, “अगर लोग पढ़े-लिखे होते तो इस कमजोरी की जानकारी डेवलपर को देते, उसका गलत फायदा नहीं उठाते.”
A Chinese app has sparked panic after allegedly turning off e rickshaws and electric scooters.
— Krisha 🌸 (@KrishaAsiagh) July 1, 2026
Should apps like BAT-BMS be banned immediately? pic.twitter.com/T3rLZn3ZnC
कई लोगों ने ई-रिक्शा चालकों की चिंता भी जताई और कहा कि उनकी आजीविका पूरी तरह इन्हीं वाहनों पर निर्भर करती है. बीच सड़क वाहन बंद होना दुर्घटना और ट्रैफिक जाम दोनों की वजह बन सकता है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक BAT-BMS कोई हैकिंग ऐप नहीं है. यह चीन की कंपनी Shenzhen Grenergy Technology द्वारा विकसित एक Battery Management System (BMS) मॉनिटरिंग ऐप है. इस ऐप का असली उद्देश्य Bluetooth आधारित लिथियम बैटरियों की निगरानी करना है. इसके जरिए बैटरी की कई जानकारियां देखी जा सकती हैं, जैसे:
रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में इस्तेमाल होने वाले कुछ कम कीमत वाले लिथियम बैटरी पैक Bluetooth-enabled BMS के साथ आते हैं. अगर इन बैटरियों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है, तो Bluetooth रेंज के भीतर मौजूद कोई दूसरा व्यक्ति भी BAT-BMS ऐप के जरिए बैटरी से कनेक्ट हो सकता है.
इसके बाद यदि वह बैटरी के Discharge Function को बंद कर देता है, तो मोटर तक बिजली की सप्लाई रुक जाती है और वाहन तुरंत बंद हो जाता है. हालांकि यह तरीका हर इलेक्ट्रिक वाहन पर काम नहीं करता. यह केवल उन्हीं बैटरियों पर संभव है जिनमें Bluetooth आधारित BMS मौजूद है और जिनकी सुरक्षा ठीक से कॉन्फ़िगर नहीं की गई है.
फिलहाल ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि यह समस्या सभी इलेक्ट्रिक वाहनों में मौजूद है. विशेषज्ञों के मुताबिक यह केवल कुछ Bluetooth-enabled बैटरी सिस्टम तक सीमित हो सकती है. फिर भी इस घटना ने सस्ते IoT डिवाइस, कनेक्टेड बैटरियों और EV सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं. यदि बैटरी सिस्टम में मजबूत सुरक्षा नहीं होगी, तो भविष्य में ऐसे मामलों का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है.
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