आसमान में दिखेगा दुर्लभ नजारा, फरवरी में इस दिन लगेगा ग्रहों का ‘कुंभ मेला’, भारत में भी दिखेगा जलवा, जानें कब देखें
क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे सौरमंडल के सारे ग्रह एक साथ कतार में खड़े हो जाएं तो कैसा नजारा होगा? इस महीने के अंत में आसमान में एक ऐसा ही चमत्कार होने वाला है. खगोलविदों के लिए यह किसी ‘कुंभ मेले’ से कम नहीं है. 28 फरवरी की शाम को सूरज ढलते ही आपको आसमान की ओर देखना होगा, क्योंकि वहां एक नहीं, दो नहीं, बल्कि 6 ग्रह एक साथ परेड करते नजर आएंगे. अपनी दूरबीन तैयार रखिए, क्योंकि ऐसा मौका बार-बार नहीं मिलता!
Surveyएक दुर्लभ खगोलीय घटना
स्काईवॉचर्स (Skywatchers) के लिए इस महीने कुछ खास है. खगोलविद इसे “प्लैनेटरी परेड” कह रहे हैं. हमारे सौरमंडल के छह ग्रह बुध (Mercury), शुक्र (Venus), बृहस्पति (Jupiter), शनि (Saturn), अरुण (Uranus) और वरुण (Neptune) सूर्यास्त के बाद आकाश के एक ही क्षेत्र में अलाइन होंगे. हालांकि, ग्रहों का संरेखण अनसुना नहीं है, लेकिन छह ग्रहों को एक साथ देखना बहुत कम आम है. वे एक साथ इसलिए दिखते हैं क्योंकि वे आकाश में एक ही सामान्य पथ (जिसे Ecliptic कहा जाता है) का अनुसरण करते हैं.
देखने का सही समय
NASA के अनुसार, इस ग्रहीय जमावड़े को देखने का सबसे अनुकूल समय शनिवार, 28 फरवरी को होगा. शो सूर्यास्त के कुछ देर बाद शुरू होगा, जब आसमान इतना अंधेरा हो जाएगा कि ग्रह अलग दिखाई दें. शाम आसमान में लगभग पूर्ण चंद्रमा (Full Moon) भी चमक रहा होगा, जो इस नजारे को और भी खूबसूरत बना देगा.
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— A Man Of Memes (@RickyDoggin) February 8, 2026
FEBRUARY 28, 2026
Don't forget to look up the planets will drift quietly across the sky, reminding us how beautifully the universe can align. pic.twitter.com/M1jNo09eVX
कौन सा ग्रह कहाँ दिखेगा?
कुछ ग्रह नंगी आंखों से दिखाई देंगे, जबकि अन्य के लिए दूरबीन या टेलीस्कोप की आवश्यकता होगी.
- शुक्र (Venus): यह चंद्रमा के बाद सबसे चमकीला ऑब्जेक्ट होगा और पश्चिमी क्षितिज (Western Horizon) के पास इसे मिस करना लगभग असंभव होगा.
- बुध (Mercury): यह शुक्र के ठीक ऊपर संक्षेप में दिखाई देगा. इसे देखने के लिए आपको समय का पाबंद होना होगा.
- शनि (Saturn): यह दक्षिण-पश्चिम (Southwest) में थोड़ा ऊपर स्थित होगा.
- बृहस्पति (Jupiter): यह पूर्वी आकाश (Eastern Sky) में चमकता रहेगा और रात बढ़ने के साथ और अधिक प्रमुख हो जाएगा. यदि आप शुरुआती विंडो मिस कर देते हैं, तो इसे देखना सबसे आसान है.
- अरुण (Uranus): यह बृहस्पति और शनि के बीच स्थित होगा, लेकिन इसे देखने के लिए दूरबीन की आवश्यकता होगी.
- वरुण (Neptune): यह शनि के करीब बैठेगा और इसे देखने के लिए टेलीस्कोप की आवश्यकता होगी.
भारत में कहाँ दिखेगा?
साफ आसमान और खुला क्षितिज (Open Horizon) सारा फर्क पैदा करेगा. यदि मौसम साथ देता है, तो दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, पुणे, जयपुर, लखनऊ, अहमदाबाद और देहरादून जैसे शहरों में देखने की अच्छी स्थिति होने की उम्मीद है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, यह अमेरिका, कनाडा, मैक्सिको, लंदन और टोक्यो से भी दिखाई देगा.
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Sudhanshu Shubham
सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं. View Full Profile