UPI से पैसे गलत अकाउंट में चले गए? घबराइए मत, इन आसान तरीकों से मिल जाएँगे वापिस
UPI पेमेंट से पहले रिसीवर का नाम और UPI ID दोबारा जरूर चेक करें।
गलती होते ही तुरंत शिकायत दर्ज करें, देरी से रिकवरी के चांस कम हो जाते हैं।
गलत ट्रांजैक्शन अपने आप रिवर्स नहीं होते, रिसीवर की मंज़ूरी जरूरी होती है।
आज के डिजिटल दौर में UPI ने पैसों का लेन-देन बेहद आसान और सबसे ज्यादा फास्ट बना दिया है। लेकिन इसी रफ्तार के साथ एक डर भी इसके साथ जुड़ा रहता है कि अगर किसी गलत UPI ID पर पैसा चला गया तो क्या होगा? अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि UPI ट्रांजैक्शन अपने आप रिवर्स हो जाएगा, जबकि हकीकत इससे काफी अलग है। सच्चाई यह है कि ज़्यादातर मामलों में पैसा तभी वापस आता है, जब आप तुरंत एक्शन लें और बैंक समय पर दखल दे।
Surveyकिन मामलों में पैसा अपने आप वापस हो जाता है?
Reserve Bank of India (RBI) के नियमों की मानें तो हर एक फेल UPI ट्रांजैक्शन नुकसान नहीं बनता। कुछ खास स्थितियों में ऑटो-रिवर्सल का प्रावधान है।
अगर आपके खाते से पैसा कट गया है, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण सामने वाले के खाते में नहीं पहुंचा, तो रिसीवर बैंक को अगले कार्यदिवस (T+1) तक पैसा लौटाना होता है। अगर इसमें देरी होती है, तो बैंक को 100 रुपये प्रति दिन के हिसाब से मुआवज़ा देना पड़ता है।

वहीं, मर्चेंट पेमेंट (दुकान या ऑनलाइन पेमेंट) आदि को देखा जाए तो अगर कन्फर्मेशन फेल हो जाता है, तो बैंक के पास 5 दिन (T+5) का समय होता है पैसा वापस करने के लिए।
गलत UPI ID पर पैसा चला गया तो क्या होगा?
यहीं से मामला थोड़ा मुश्किल हो जाता है। अगर ट्रांजैक्शन सफल (Successful) हो गया है, लेकिन UPI ID गलत था, तो पैसा अपने-आप वापस नहीं होता।
इस स्थिति में आपकी बैंक रिसीवर की बैंक से संपर्क करती है और रिक्वेस्ट भेजती है, लेकिन पैसा तभी लौटता है जब रिसीवर अपनी सहमति देता है। National Payments Corporation of India (NPCI) के नियमों के अनुसार, बैंक बिना अनुमति रिसीवर के खाते से पैसा नहीं काट सकते।
शिकायत कैसे करें?
अगर आपने गलती से पैसा भेज दिया है, तो तुरंत अपने UPI ऐप या बैंक के जरिए शिकायत दर्ज करें। आपको ट्रांजैक्शन ID, तारीख और अमाउंट की जानकारी देनी होगी। शुरुआती जांच आमतौर पर 1 से 3 वर्किंग डेज़ में हो जाती है, लेकिन पूरा मामला सुलझने में ज्यादा समय भी लग सकता है। अगर रिसीवर पैसा लौटाने से मना कर देता है, तो रिकवरी संभव नहीं होती और इस स्थिति में कोई ऑटो-कंपनसेशन भी नहीं मिलता।
30 दिन बाद भी समाधान न मिले तो क्या करें?
अगर 30 दिनों तक बैंक या UPI ऐप से कोई समाधान नहीं मिलता, तो आप RBI की Integrated Ombudsman Scheme के तहत शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यह सेवा बिल्कुल मुफ्त है।
इसके अलावा, NPCI की हेल्पलाइन 1800-120-1740 पर भी संपर्क किया जा सकता है, जिससे दोनों बैंकों के बीच समन्वय कराया जाता है। हालांकि, यहां भी रिसीवर की सहमति सबसे अहम रहती है।
बैंक की जिम्मेदारी कहां तक है?
RBI के नियम साफ हैं कि अगर गलती बैंक के सिस्टम, तकनीकी फेल्योर या फ्रॉड की वजह से हुई है, तो बैंक को मुआवज़ा देना होगा। लेकिन अगर गलती खुद यूजर ने की है, जैसे गलत UPI ID डालना, तो इसकी जिम्मेदारी बैंक की नहीं मानी जाती।
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Ashwani Kumar
Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life. View Full Profile