WhatsApp बना पंचायती ऑफिस! देखें क्या है Pancham, कैसे करेगा काम और क्यों सभी गाँववालों के लिए जरूरी

HIGHLIGHTS

PANCHAM पंचायतों के लिए खास WhatsApp चैटबॉट है।

इसमें 22 भारतीय भाषाओं का सपोर्ट मौजूद है।

इससे 30 लाख से ज्यादा पंचायत प्रतिनिधियों को फायदा होने वाला है।

WhatsApp बना पंचायती ऑफिस! देखें क्या है Pancham, कैसे करेगा काम और क्यों सभी गाँववालों के लिए जरूरी

डिजिटल इंडिया की मुहिम अब गांवों तक और मजबूत होने जा रही है। Ministry of Panchayati Raj बहुत जल्द PANCHAM नाम का एक खास डिजिटल चैटबॉट लॉन्च कर चुकी है, इसका मकसद देशभर की ग्राम पंचायतों का काम आसान बनाना है। PANCHAM को पंचायत प्रतिनिधियों का डिजिटल साथी भी कहा जा सकता है, जो उन्हें सरकारी योजनाओं, आधिकारिक डेटा और रियल-टाइम अपडेट्स से सीधे जोड़ देगा, वो भी WhatsApp के जरिए और 22 भारतीय भाषाओं में। यह सुनने में जितना अच्छा लग रहा है, असल मायने में भी यह वैसा ही है।

Digit.in Survey
✅ Thank you for completing the survey!

सरकार का मानना है कि सही जानकारी सही समय पर मिले तो फैसले बेहतर होते हैं। PANCHAM इसी सोच के साथ तैयार किया गया है, ताकि गांव के लेवल पर शासन व्यवस्था और ज्यादा मजबूत हो सके।

PANCHAM क्या है और क्यों है खास?

PANCHAM दरअसल पंचायत के लेवल पर मौजूद जानकारी की कमी को खत्म करने की एक सरकारी पहल है। इसे खासतौर पर इस तरह डिजाइन किया गया है कि पंचायत प्रतिनिधियों को अलग-अलग वेबसाइट या दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। यह चैटबॉट पंचायत से जुड़े रोजमर्रा के काम, सरकारी स्कीम्स, गाइडलाइंस और जरूरी अपडेट्स को सीधे मोबाइल पर उपलब्ध कराएगा।

आसान शब्दों में कहें तो, अब तकनीक सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहेगी, PANCHAM के जरिए डिजिटल गवर्नेंस गांवों की दहलीज तक पहुँच चुका है।

PANCHAM से किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा?

इस पहल से देशभर के 30 लाख से ज्यादा निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों और पंचायत स्टाफ को सीधा लाभ मिलेगा। इसमें सर्पंच, वार्ड मेंबर, पंचायत सचिव और ग्रामीण प्रशासन से जुड़े अधिकारी शामिल हैं।

पहली बार पंचायतों के लिए एक अपना अलग डिजिटल टूल तैयार किया गया है, जो उन्हें सीधे सरकारी सिस्टम और पॉलिसी मेकर्स से जोड़ता है।

PANCHAM कैसे करेगा काम?

PANCHAM को इस्तेमाल करना बेहद आसान रखा गया है। पंचायत प्रतिनिधियों को बस WhatsApp का इस्तेमाल करना होगा। अगर उनका मोबाइल नंबर e-Gram Swaraj पोर्टल से जुड़ा हुआ है, तो वे एक QR कोड स्कैन करके PANCHAM से जुड़ सकते हैं। इसके बाद चैटबॉट उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी, सवालों के जवाब और पंचायत से जुड़े कामों में गाइडेंस देना शुरू कर देगा।

22 भारतीय भाषाओं का सपोर्ट

PANCHAM की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ हिंदी या अंग्रेजी तक सीमित नहीं है। यह 22 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है। यानी तमिलनाडु से लेकर असम तक, हर राज्य के पंचायत प्रतिनिधि अपनी मातृभाषा में इस चैटबॉट का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे भाषा की वजह से आने वाली बड़ी परेशानी खत्म हो जाएगी।

सिर्फ जानकारी नहीं, फीडबैक का भी रास्ता

PANCHAM एकतरफा सिस्टम नहीं है। पंचायत प्रतिनिधि इसके जरिए फीडबैक दे सकते हैं, सवाल पूछ सकते हैं, स्थानीय समस्याओं को सीधे मंत्रालय तक पहुंचा सकते हैं।

इससे ग्राउंड लेवल से मिलने वाला इनपुट तेज होगा और समस्याओं का समाधान भी जल्दी निकल सकेगा। साथ ही सरकार जरूरी एडवाइजरी, अलर्ट और इमरजेंसी मैसेज सीधे पंचायत प्रतिनिधियों तक पहुंच सकेंगे।

यह भी पढ़ें: Sanchar Saathi पर एक मिनट में चेक करें आपके नाम पर चल रहे कितने मोबाइल नंबर..क्यों जरूरी है ये काम?

Ashwani Kumar

Ashwani Kumar

Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life. View Full Profile

Digit.in
Logo
Digit.in
Logo