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MP में बम की तरह फटा मोबाइल, युवक के प्राइवेट पार्ट को नुकसान, आप न करें ये 4 गलतियां

MP में बम की तरह फटा मोबाइल, युवक के प्राइवेट पार्ट को नुकसान, आप न करें ये 4 गलतियां

हाल ही में मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के सारंगपुर इलाके में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई थी. एक 19 साल के युवक की पैंट की जेब में रखा मोबाइल फोन अचानक फट गया. इस मोबाइल ब्लास्ट की वजह से उसके प्राइवेट पार्ट्स को नुकसान पहुंचा. इस घटना ने एक बार फिर से मोबाइल ब्लास्ट के कारण पर चर्चा छेड़ दी है. आगे बढ़ने से पहले आपको पूरी बात बताते हैं.

क्या हुआ था?

सारंगपुर का रहने वाला 19 साल का अरविंद सड़क किनारे गोलगप्पे बेच करता था. वह 18 मार्च को सब्जी खरीदकर अपनी मोटरसाइकिल से नैनवाड़ा गांव लौट रहा था. टोल टैक्स के पास अचानक उसकी जेब में रखा फोन फट गया. धमाके से वो बाइक से गिर पड़ा. इससे उसके सिर में चोट लगी और प्राइवेट पार्ट्स को भी नुकसान पहुंचा.

आसपास के लोगों ने उसे तुरंत सारंगपुर सिविल हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां से हालत गंभीर देखकर शाजापुर रेफर कर दिया गया. ईटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, अरविंद के भाई ने बताया कि फोन कुछ दिन पहले ही सेकेंड-हैंड खरीदा गया था. हालांकि, फोन कंपनी की जानकारी नहीं मिल पाई है. डॉ. नयन नगर ने कन्फर्म किया कि धमाके से अरविंद के टेस्टिकल्स को चोट लगी है, लेकिन अब वो खतरे से बाहर है. उसका इलाज अभी भी जारी है.

सारंगपुर पुलिस स्टेशन की इंचार्ज शकुंतला बामनिया ने कहा कि अभी तक लिखित शिकायत नहीं मिली है. शिकायत मिलते ही जांच शुरू होगी. इस घटना ने लोगों को हतप्रभ कर दिया है. अब सवाल उठता है कि फोन ब्लास्ट कैसे हो सकता है? एक्सपर्ट्स इसके कई कारण बताते हैं.

एक्सपर्ट्स के अनुसार, मोबाइल ब्लास्ट की जो मुख्य वजहें हैं उसमें ओवरहीटिंग, गलत चार्ज का इस्तेमाल, मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट और ओवरचार्जिंग शामिल हैं. आपको बारी-बारी से सभी के बारे में विस्तार से बताते हैं.

फोन ब्लास्ट के संभावित कारण

ओवरहीटिंग: फोन ज्यादा गर्म हो जाए तो बैटरी फट सकती है. कई बार ज्यादा समय तक हैवी गेम खेलने या हैवी ऐप के लगातार इस्तेमाल से फोन ज्यादा गर्म हो सकता है. इसका आपको ध्यान रखना होगा.

गलत चार्जर: फोन के साथ सपोर्टेड चार्जर या कंपनी की ओर मिलने वाले चार्जर से मोबाइल को चार्ज करने की कोशिश करें. नॉन-कम्पैटिबल चार्जर यूज करने से फोन ब्लास्ट का खतरा हो सकता है.

ओवरचार्जिंग: हालांकि, नए फोन में ओवरचार्जिंग से प्रोटेक्शन दी जाती है. लेकिन पुराने फोन को रातभर चार्जिंग में छोड़ना भी भारी पड़ सकता है.

मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट: खराब बैटरी या घटिया क्वालिटी का पार्ट इस्तेमाल होने पर फोन ब्लास्ट का चांस बढ़ जाता है. सेकेंड-हैंड फोन में ये दिक्कतें ज्यादा देखी जाती हैं. खासकर अगर बैटरी नकली या पुरानी हो. इस वजह से सेकेंड हैंड फोन लेते वक्त सारी जानकारी जरूर ले लें.

Sudhanshu Shubham

Sudhanshu Shubham

Sudhanshu Shubham सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है.

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