विवादों में घिरा WhatsApp का यूज़रनेम फीचर! Meta के जवाब के बाद अब क्या होगा अगला कदम?

विवादों में घिरा WhatsApp का यूज़रनेम फीचर! Meta के जवाब के बाद अब क्या होगा अगला कदम?

Meta के स्वामित्व वाला पॉपुलर इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp अपने चर्चित ‘Username’ फीचर को लेकर इन दिनों विवादों में घिरा हुआ है। 1 जुलाई, 2026 को भारत सरकार द्वारा इस फीचर के खिलाफ Meta को नोटिस भेजा गया था। साथ ही तीन दिनों के अंदर यह स्पष्टीकरण मांगा गया था कि यूज़रनेम फीचर लाने के प्रस्ताव पर कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए। उनका मानना है कि इस कदम से साइबर अपराध का खतरा काफी हद तक बढ़ सकता है, जैसे फिशिंग, पहचान की चोरी, वित्तीय धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट। इतना ही नहीं, प्लेटफॉर्म को इस फीचर को भारत में तब तक रोलआउट न करने के निर्देश भी दिए गए थे जब तक कि सरकार के साथ विचार-विमर्श पूरा न हो जाए।

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Telegram, Signal को भी मिला नोटिस

Meta के WhatsApp को नोटिस भेजने के अगले ही दिन IT मंत्रालय द्वारा अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स Telegram और Signal को भी रिमांड में ले लिया गया। दोनों कंपनियों को नोटिस भेजकर उनके मौजूदा यूज़रनेम फीचर पर सवाल उठाए गए और यह पूछा गया कि वे अपराध और पहचान की चोरी जैसे जोखिमों से जुड़ी चिंताओं से कैसे निपट रहे हैं।

एक सूत्र से पता चला कि Telegram के नोटिस में सरकार द्वारा यह भी पूछा गया था कि इस प्लेटफॉर्म को अपना यूज़रनेम फीचर बरक़रार रखने की अनुमति क्यों मिलनी चाहिए।

Government may issue notices to Telegram and Signal after WhatsApp over username feature-1

WhatsApp को अतिरिक्त 3 दिन की मोहलत

नोटिस आने के बाद WhatsApp को यूज़रनेम फीचर पर जवाब देने के लिए 3 दिन का समय दिया गया था जो 3 जुलाई को समाप्त होना था। हालांकि, सरकार ने कंपनी के अनुरोध पर विचार-विमर्श जारी रहने तक कुछ और दिनों का समय दे दिया। इसके बाद कंपनी को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को अपना जवाब पेश करने के लिए अतिरिक्त तीन दिन यानी 9 जुलाई तक की मोहलत मिल गई। कंपनी ने सरकार को यह आश्वासन भी दिया कि अधिकारीयों के साथ बातचीत पूरी होने तक भारत में इस फीचर को जारी नहीं किया जाएगा।

आधिकारिक जवाब से पहले कंपनी की सफाई

3 जुलाई को Meta के प्रतिनिधियों और IT मंत्रालय के अधिकारियों की बैठक के दौरान भी कंपनी ने दोहराया कि उनका यूज़रनेम फीचर अभी डेवलपमेंट में है और उसे सरकार के साथ विचार-विमर्श पूरा होने से पहले भारत में लॉन्च नहीं किया जाएगा।

WhatsApp ने यह भी स्पष्ट किया कि यूज़रनेम उपलब्ध होने के बाद भी यूज़र्स को अपने अकाउंट बनाने और उन्हें एक्सेस करने के लिए मोबाइल नंबर की ज़रूरत होगी। साथ ही कंपनी ने अपनी सफाई में यह भी बताया कि वेरिफाइड पब्लिक फिगर्स, सरकारी संगठनों, सेलेब्रिटी और आधिकारिक मेटा अकाउंट्स के लिए यूज़रनेम्स पहले से रिज़र्व किए जाएंगे, जबकि एक जैसे दिखने वाले यूज़रनेम्स को प्रतिबंधित किया जाएगा ताकि पहचान चोरी होने के जोखिम को कम किया जा सके।

Govt issues notice to Meta on WhatsApp username feature

इतना ही नहीं, कंपनी ने यह भी कहा कि अन्य यूज़र्स को आपको मैसेज भेजने के लिए आपका सटीक यूज़रनेम पता होना चाहिए। हम इस पर लिमिट रखेंगे कि एक अकाउंट कितने नए लोगों से संपर्क कर सकता है, किसी के यूज़रनेम का अनुमान लगाने के बार-बार किए जाने वाले प्रयासों को रोकेंगे और सामान्य प्रतिरूपण और दुरुपयोग के पैटर्न दिखाने वाली गतिविधियों का पता लगाने और उन्हें हटाने के लिए सिस्टम लगाएंगे।

WhatsApp यूज़र्स को जवाब देने से पहले यह दिखाएगा कि पहली बार मैसेज भेजने वाला नया अकाउंट है, कॉन्टैक्ट्स में है, साझा ग्रुप का मेंबर है या किसी अन्य देश से है, ताकि यूज़र्स यह तय कर सकें कि जवाब देना है या नहीं।

WhatsApp का जवाब

आखिरकार 9 जुलाई, 2026 की शाम को WhatsApp ने अपने ‘यूज़रनेम फीचर’ पर IT मंत्रालय को अपना लिखित जवाब पेश किया। इसके बाद मंत्रालय ने 10 जुलाई, 2026 को कहा कि वे कंपनी के जवाब की समीक्षा कर रहे हैं।

मौजूदा स्थिति

मौजूदा में सरकार अगला कदम उठाने से पहले यूज़रनेम-आधारित मैसेजिंग फीचर्स पर WhatsApp और Telegram की प्रतिक्रियाओं की समीक्षा कर रही है। यह जांच की जा रही है कि कहीं किसी नियम का उल्लंघन हुआ है या नहीं और क्या नियामकीय कार्रवाई या दंड के लिए किसी कानूनी प्रावधान का इस्तेमाल किया जा सकता है। 20 दिनों के अंदर आगे की जानकारी मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद ही कोई एक्शन लिया जाएगा।

सरकार ने इस बात पर जोर दिया है कि कोई भी नियामक ढांचा सभी प्लेटफॉर्म्स पर समान रूप से लागू होगा।

ध्यान देने वाली बात यह भी है कि WhatsApp ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म WABetainfo के अनुसार, WhatsApp ने अपना यूज़रनेम फीचर कुछ चुनिंदा Android और iPhone यूज़र्स के लिए रोलआउट करना शुरू कर दिया है। साथ ही यह उम्मीद भी की जा रही है कि आने वाले हफ्तों में धीरे-धीरे इसका विस्तार किया जाएगा।

हमारी राय

WhatsApp का यूज़रनेम फीचर प्राइवेसी बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम हो सकता है, क्योंकि इससे हर बार मोबाइल नंबर साझा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि, सरकार की फिशिंग, पहचान की चोरी और ऑनलाइन धोखाधड़ी को लेकर उठाई गई चिंताएं भी नजरअंदाज नहीं की जा सकतीं। ऐसे में यूज़रनेम जैसे नए फीचर को लागू करने से पहले मजबूत सुरक्षा उपाय और स्पष्ट नियम होना जरूरी है।

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Faiza

Faiza

फाईज़ा परवीन डिजिट हिंदी में एक कॉपी एडिटर हैं। वह 2023 से डिजिट में काम कर रही हैं और इससे पहले वह 6 महीने डिजिट में फ्रीलांसर जर्नलिस्ट के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं, और उनके पसंदीदा तकनीकी विषयों में स्मार्टफोन, टेलिकॉम और ओटीटी शामिल हैं। उन्हें हमारे हिंदी पाठकों को वेब पर किसी डिवाइस या सेवा का उपयोग करने का तरीका सीखने में मदद करने के लिए लेख लिखने में आनंद आता है। सोशल मीडिया की दीवानी फाईज़ा को अक्सर अपने छोटे वीडियो की लत के कारण स्क्रॉलिंग करते हुए देखा जाता है। वह थ्रिलर फ्लिक्स देखना भी काफी पसंद करती हैं। View Full Profile