यूजर्स को स्कैम्स से बचने में मदद करने के लिए भारतीय टेलिकॉम कंपनियों के साथ AI-आधारित स्पैम कॉल फिल्टर्स पर काम करने के बाद अब TRAI एक नया मिशन लेकर आया है। TRAI अलग-अलग कंपनियों के पिछले और मौजूदा टैरिफ प्लांस के 2G, 3G, 4G और यहाँ तक कि 5G नेटवर्क की भी जांच कर रहा है।
TRAI इन प्लांस की के दामों की तुलना करके यह देखना चाहता है कि टेलिकॉम कंपनियां किसी भी तरह से जरूरत से अधिक पैसे तो ले रही हैं या फिर अनलिमिटेड प्लांस के झूठे दावे करके अपने ग्राहकों को झांसा तो नहीं दे रही हैं।
सभी टेलिकॉम कंपनियों के टैरिफ पूरी तरह उनके खुद के हाथ में हैं और वह अपने अलग-अलग प्लांस की कीमत खुद तय कर सकते हैं। लेकिन अगर वह किसी धोखाधड़ी से संबंधित गतिविधि में शामिल होते हैं तो TRAI उन पर ऐक्शन लेता है।
TRAI ने यह जांच तब शुरू की जब Vi ने रिलायंस जियो और एयरटेल के खिलाफ शिकायत दर्ज की, कि ये कंपनियां 4G की कीमत में 5G सेवा ऑफर कर रही हैं जिसके कारण Vi को नुकसान झेलना पड़ रहा है क्योंकि इसके यूजर्स अन्य दो कंपनियों पर शिफ्ट हो रहे हैं।
TRAI ने जब इस बारे में Jio और Airtel से पूछा तो उन्होंने इन दावों को स्वीकार नहीं किया और इसके बजाए उन्होंने कहा कि सबसे पहले Vi ने ही अपने 4G प्लांस के साथ गलत तरीके से "अनलिमिटेड" को एडवर्टाइज़ करना शुरू किया था।
अब TRAI सभी सर्विस प्रोवाइडर्स के अलग-अलग डेटा प्लांस की कीमतों की तुलना पर फोकस कर रहा है ताकि यह पता चल सके कि यह गलत ट्रेंड आखिर किसने और कब शुरू किया।