केवल 20 रुपये में 90 दिनों तक चलेगा जियो-एयरटेल-बीएसएनएल-वी का सिम? जान लें क्या है नया नियम
TRAI के नए नियम सेकेंडरी सिम को सक्रिय रखना आसान बनाते हैं।
TRAI उपभोक्ता नियमावली के अनुसार, अगर कोई सिम 90 दिनों (करीब तीन महीने) से ज्यादा समय तक इस्तेमाल नहीं किया जाता, तो इसे बंद माना जाता है।
अगर 90 दिनों तक सिम इनएक्टिव रहता है और उसमें प्रीपेड बैलेंस मौजूद है, तो सिम को आगे 30 दिन के लिए और ऐक्टिव रखने के लिए इस बैलेंस में से 20 रुपये काट लिए जाएंगे।
भारत में यह अक्सर देखा गया है कि लोग अपने फोन में दो सिम कार्ड इस्तेमाल करते हैं, इसलिए शायद भारत में एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में डुअल सिम का कान्सेप्ट भी आया था। ऐसा भी कह सकते है कि इस कान्सेप्ट के आने के बाद से भारत में यह मनाया ही चलन शुरू हुआ। आमतौर पर, एक सिम का इस्तेमाल नियमित कॉलिंग और डेटा के लिए किया जाता है, जबकि दूसरा सिम बैकअप के रूप में लोग किसी भी इमरजेंसी स्थिति के लिए अपने फोन में रखते हैं। मैंने तो कई ऐसे भी लोग देखें हैं जो दो सिम के लिए सो फोन्स का इस्तेमाल करते हैं। चूंकि सेकेंडरी सिम का इस्तेमाल कम होता है, लोग इसे केवल ऐक्टिव रखना ही पसंद करते हैं ताकि यह डिस्कनेक्ट न हो जाए। हालांकि, पिछले जुलाई में रिचार्ज प्लान्स में बढ़ोतरी के बाद, सेकेंडरी सिम को बनाए रखना कई लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया है।
क्या कहता है TRAI का नया नियम?
TRAI के नए नियम सेकेंडरी सिम को सक्रिय रखना आसान बनाते हैं। TRAI उपभोक्ता नियमावली के अनुसार, अगर कोई सिम 90 दिनों (करीब तीन महीने) से ज्यादा समय तक इस्तेमाल नहीं किया जाता, तो इसे बंद माना जाता है।
अगर 90 दिनों तक सिम इनएक्टिव रहता है और उसमें प्रीपेड बैलेंस मौजूद है, तो सिम को आगे 30 दिन के लिए और ऐक्टिव रखने के लिए इस बैलेंस में से 20 रुपये काट लिए जाएंगे। अगर बैलेंस पर्याप्त नहीं है, तो सिम को बंद कर दिया जाएगा। जिससे कॉल, मैसेज या इंटरनेट का उपयोग संभव नहीं रहेगा। सिम के निष्क्रिय होने के बाद, उससे जुड़ा नंबर नए उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा।
90 दिनों के बाद क्या होता है?
अगर कोई सेकेंडरी सिम 90 दिनों तक इस्तेमाल नहीं किया गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सिम को पुनः ऐक्टिव करने के लिए 15 दिनों की ग्रेस अवधि मिलती है। इस दौरान, ग्राहक कस्टमर केयर से संपर्क कर सकते हैं या कंपनी के स्टोर पर जाकर सिम को दोबारा ऐक्टिव करवा सकते हैं।
सिम का 'निष्क्रियता' का मतलब क्या है?
TRAI के अनुसार, सिम की 'निष्क्रियता' का अर्थ है कि उसमें इनकमिंग या आउटगोइंग कॉल्स, मैसेज, डेटा सेशन, या किसी वैल्यू-ऐडेड सर्विस का उपयोग नहीं हुआ है।
सरकार ने ग्राहकों को दिया ये नया तोहफा
अब जियो, BSNL, और एयरटेल यूजर्स किसी भी उपलब्ध नेटवर्क का उपयोग करके कॉल कर सकते हैं, भले ही उनकी अपनी सिम का सिग्नल न हो। 17 जनवरी को सरकार ने इंट्रा सर्कल रोमिंग (ICR) सुविधा की शुरुआत की, जिसमें डिजिटल भारत निधि (DBN) से वित्तपोषित 4G मोबाइल टावर शामिल हैं। इसका मतलब है कि किसी भी नेटवर्क के ग्राहक DBN-समर्थित एकल टावर के जरिए 4G सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं।