सरकार ने जारी किया हाई अलर्ट.. इन डिवाइसेज पर मंडरा रहा ख़तरा, अभी कर लें ये काम, वर्ना चट हो जायेगा ये सब
अगर आप iPhone, iPad, Mac या Apple Watch जैसे गैजेट्स इस्तेमाल करते हैं, तो सावधान हो जाइए! भारत सरकार की साइबर एजेंसी CERT-In की और से एक लेटेस्ट अलर्ट जारी कर दिया गया है, इसके अनुसार एप्पल के कई डिवाइस में बेहद खतरनाक सिक्योरिटी कमियां मिली हैं जिसका असर लाखों यूजर्स पर पड़ सकता है. आइये जानते है कि सरकार की ओर से कीर खतरे को लेकर चेतावनी दी गई है, किन किन डिवाइसेज पर कमियां हैं और कैसे इस समस्या से पार पाया जा सकता है.
किन-किन डिवाइसेज़ पर ज़्यादा खतरा?
अगर आपके पास नीचे लिस्ट में दिखाए गए कुछ डिवाइस हैं तो आपको ज्यादा से ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए:
- कोई भी iPhone जिसका iOS वर्ज़न 18.6 से निचला है.
- iPad (iPadOS 17.7.9/18.6 से पहले वाले) डिवाइस.
- MacBook (macOS Sequoia 15.6, Sonoma 14.7.7 या Ventura 13.7.7 से पुराने) डिवाइसेज.
- Apple Watch (watchOS 11.6 से पुराने) डिवाइसेज.
- Apple TV (tvOS 18.6 से पहले) वाले सभी डिवाइस.
- visionOS (2.6 से पुराने वर्ज़न) वाले सभी वर्जन.
जिन भी डिवाइस और OS वर्जन के बारे में हमने आपको ऊपर बताया है, अगर आप इन्हें इस्तेमाल करते हैं तो आपको ज्यादा सावधान हो जाने की जरूरत है. आइये जानते है कि आखिर ख़तरा क्या है?
क्या है खतरा?
CERT-in की और से सामने आया है कि इन कमियों की वजह से हैकर्स आपकी निजी जानकारी चुरा सकते हैं, आपके डिवाइससेज पर कंट्रोल हासिल कर सकते हैं, सिक्योरिटी लॉक आदि को तोड़ सकते हैं, इसके अलावा आपके सिस्टम को इस्तेमाल से बाहर (DoS) भी कर सकते हैं. सबसे बड़ी बात, सिस्टम में सेंध लगाने के साथ ही यह आपकी सभी फाइल, डेटा और सभी तरह की पर्सनल जानकारी को चुरा सकते हैं.
कौन हो सकता है टारगेट?
अगर आप या आपकी कंपनी में कोई भी एप्पल डिवाइस इस्तेमाल हो रहा है, चाहे वह iPhone हो, iPad, Mac, Watch या Apple TV तो यह अलर्ट आपके लिए है. इसका मतलब है कि आप ही निशाने पर हैं.
क्या हो सकता है नुकसान?
- आपकी फोटोज, डाक्युमेंट्स, बैंकिंग या पर्सनल डेटा को लीक किया जा सकता है.
- हैकर्स डिवाइस को “हैक” कर सकते हैं, या इसे पूरी तरह से बंद भी कर सकते हैं.
- आपकी प्रोफेशनल या पर्सनल रेप्युटेशन को नुकसान पहुचाया जा सकता है.
क्या है तकनीकी वजह?
यह दिक्कत कई तरह की टेक्निकल खामियों की वजह से है:
सॉफ्टवेयर में टाइप या डेटा कन्फ्यूजन, मेमोरी सिक्यूरिटी में चूक, लॉजिक या प्रोग्रामिंग में छोटी-छोटी गलतियां, इनपुट चेक ना होना, इस वजह से कोई हैकर खास तरह की रिक्वेस्ट भेजकर आपके डिवाइस को अपना “शिकार” बना सकता है.
एक्सपर्ट क्या सलाह दे रहे हैं?
जितना जल्दी हो सके अपने एप्पल डिवाइस को लेटेस्ट वर्ज़न पर अपडेट कर दें. इसके अलावा किसी भी अनजान लिंक या मैसेज से प्राप्त हुए लिंक आदि को गलती से भी ओपन न करें. जरूरी फाइल्स, फोटोज़ का बैकअप हमेशा ही लेकर रखें. अपनी IT या साइबर टीम से कंसल्ट करें.
आपको जानकारी के लिए बता देते है कि सरकार की ओर से आया यह अलर्ट हल्का-फुल्का नहीं, बल्कि हाई रिस्क वाला अलर्ट है. इसे नजरअंदाज ना करें. वक्त रहते सजग रहते हैं, तो आप साइबर फ्रॉड और डेटा चोरी से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं.