क्या नए फ्लैट में आता है पूरा नेटवर्क? फ्लैट खरीदने या रेंट पर लेने से पहले कर पाएंगे चेक, ट्राई ने उठाया बड़ा कदम

क्या आपने कभी कोई महंगा फ्लैट या ऑफिस खरीदा है और शिफ्ट होने के बाद पता चला कि वहां मोबाइल सिग्नल ही नहीं आता? भारत में यह एक आम समस्या है. हम घर खरीदते समय पानी और बिजली तो चेक करते हैं, लेकिन ‘डिजिटल कनेक्टिविटी’ को नजरअंदाज कर देते हैं. अब TRAI (ट्राई) ने इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है.

टेलीकॉम रेगुलेटर ने RANext Technologies को ‘डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसी’ (DCRA) के रूप में नियुक्त किया है. अब जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामानों पर ‘स्टार रेटिंग’ होती है, वैसे ही इमारतों और प्रॉपर्टीज को उनकी कनेक्टिविटी के आधार पर रेटिंग दी जाएगी. यानी अब बिल्डर आपको नेटवर्क के नाम पर झूठ नहीं बोल पाएंगे. आइए जानते हैं कि यह रेटिंग सिस्टम कैसे काम करेगा और इससे आम जनता को क्या फायदा होगा.

बुधवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने RANext Technologies को अपनी आधिकारिक डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसी (DCRA) के रूप में सूचीबद्ध किया है. यह कदम भारत के रियल एस्टेट को ‘डिजिटल रूप से तैयार’ (Digitally Ready) बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा.

RANext क्या काम करेगी?

एक ट्राई-अधिकृत एजेंसी के रूप में, RANext का मुख्य काम इमारतों और संपत्तियों का तकनीकी ऑडिट करना होगा. यह एजेंसी चेक करेगी कि किसी बिल्डिंग में फाइबर इंफ्रास्ट्रक्चर, इन-बिल्डिंग कनेक्टिविटी, ब्रॉडबैंड स्पीड और वाई-फाई परफॉर्मेंस कैसी है. यह रेटिंग ‘यूजर-सेंट्रिक’ (उपयोगकर्ता-केंद्रित) होगी, यानी कागजी दावों के बजाय यह देखा जाएगा कि एक आम निवासी को वास्तव में कैसा नेटवर्क अनुभव मिल रहा है.

भविष्य की तैयारी: यह भी आंका जाएगा कि क्या वह प्रॉपर्टी भविष्य की स्मार्ट तकनीकों (IoT, Smart Homes) को सपोर्ट करने के लिए तैयार है या नहीं.

इसकी जरूरत क्यों पड़ी?

भारत तेजी से डिजिटल-फर्स्ट इकोनॉमी (Digital-First Economy) की ओर बढ़ रहा है. देश में लगभग 1 अरब डेली इंटरनेट यूजर्स हैं. वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन बैंकिंग, शिक्षा और मनोरंजन के लिए भरोसेमंद कनेक्टिविटी अब बिजली-पानी जितनी ही जरूरी हो गई है. आज भी अधिकांश आधुनिक इमारतों को डिजाइन करते समय ‘डिजिटल परफॉर्मेंस’ का ध्यान नहीं रखा जाता. लोग करोड़ों का घर लेते हैं, लेकिन नेटवर्क के लिए बालकनी में लटकना पड़ता है.

DCRA इस गैप को भरेगा. यह एक मानकीकृत स्टार-रेटिंग फ्रेमवर्क (Standardised Star-Rating Framework) के जरिए बताएगा कि कौन सी बिल्डिंग कनेक्टिविटी के मामले में बेस्ट है.

ट्राई का DCRA फ्रेमवर्क क्या है?

यह एक पारदर्शी और निष्पक्ष बेंचमार्क सिस्टम है. यह डेवलपर्स को डिजाइन चरण के दौरान ही मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचा (Robust Infrastructure) लगाने के लिए प्रोत्साहित करेगा. अगर उनकी बिल्डिंग की रेटिंग अच्छी होगी, तो वे उसे प्रीमियम दाम पर बेच सकेंगे. घर खरीदार या किरायेदार अब प्रॉपर्टी चुनने से पहले उसकी ‘डिजिटल रेटिंग’ चेक कर सकेंगे. यह उन्हें एक सूचित निर्णय लेने में सशक्त बनाएगा.

स्पेस वर्ल्ड ग्रुप का बयान

RANext की मूल कंपनी, स्पेस वर्ल्ड ग्रुप (Space World Group) के चेयरमैन और संस्थापक अंकित गोयल ने कहा, “यह RANext के लिए एक निर्णायक कदम है. यह हमें सिर्फ कनेक्टिविटी इनेबलर ही नहीं, बल्कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के मूल्यांकन में एक विश्वसनीय प्राधिकरण (Trusted Authority) के रूप में स्थापित करता है.”

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Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है.

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