यूं तो मार्केट में साइबर अटैक आए दिन होते ही रहते हैं लेकिन एक अजीबो-गरीब मामले ने इंटरनेट का ध्यान अपनी ओर खींचा है। असल में, एक जानकारी के अनुसार, रात में बेल्जियम की सुपरमार्केट के बंद होने के बाद फ्रीजर में आइसक्रीम, दूध और फ्रोजन फूड सही प्रकार से रखे गए थे, जैसा रोजाना होता था, लेकिन सुबह कर्मचारियों के स्टोर पर पहुँचने के बाद उन्हें कुछ सही नहीं लगा। जानकारी के अनुसार उनके कूलिंग सिस्टम ही गर्म हो रहे थे। जानकारी मिल रही है कि स्वीडन में भी इस तरह का ही मामला देखने में आया है। एक स्टोर ने तो अपने फ्रीजर का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस पर सेट होने का भी दावा किया है। इस घटना के बाद बड़ी मात्रा में खाने-पीने का सामान खराब होने की खबरें इंटरनेट पर चारों ओर देखी जा सकती हैं। आइए जानते हैं कि आखिर यह वाकई किसी साइबर अटैक का काम है या इसके पीछे माजरा कुछ और ही है।
एक स्वीडिश अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, स्वीडन की मशहूर ICA और Coop सुपरमार्केट चेन्स के कई स्टोर्स में 2 नवंबर की सुबह फ्रिज और फ्रीजर से जुड़ी समस्या सामने आई है, इसके बाद यह इंटरनेट पर तेजी से वायरल भी हुई। स्वीडन के Sjöbo इलाके में स्थित ICA Kvantum स्टोर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करके इस बात की जानकारी दी कि उसके फ्रीजर का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस पर सेट कर दिया गया था। स्टोर की ओर से इसक घटना को एक हैकिंग का नाम दिया जा रहा है।
यह परेशानी सिर्फ स्वीडन तक ही नहीं रही। Bloomberg और Reuters की रिपोर्ट्स को देखते हैं तो जानकारी मिलती है कि, बेल्जियम की मशहूर Delhaize चेन के करीब 40 स्टोर्स में भी रेफ्रिजरेशन सिस्टम भी इसी तरह गर्म होना शुरू हो गए थे। इसके अलावा Carrefour Belgium के 15 और Spar के पांच स्टोर्स के भी इस अटैक से प्रभावित होने की जानकारी मिल रही है। पड़ोसी देश लक्जमबर्ग और एस्टोनिया में भी ऐसी घटनाएं सामने आई हैं।
गौरतलब हो कि कुछ समय पहले फ्रांस के सुपरमार्केट में भी इस तरह की घटना हुई थी। नसीए हमलों को देखकर उसी घटना की याद आ जाती है। उस समय भी हैकर्स ने सैकड़ों स्टोर्स के कूलिंग सिस्टम को निशाना बनाया था। कई जगह फ्रिज और फ्रीजर का तापमान बढ़ने से खाने-पीने का सामान खराब हो गया था।
आजकल बड़े सुपरमार्केट में इस्तेमाल होने वाले कई रेफ्रिजरेशन सिस्टम इंटरनेट से जुड़े होते हैं। इन्हें दूर से मॉनिटर और मैनेज किया जा सकता है। इससे स्टोर्स को सुविधा मिलती है, लेकिन डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा कमजोर होने पर साइबर हमले का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे सिस्टम से छेड़छाड़ होने पर कूलिंग प्रभावित हो सकती है और तापमान बढ़ने से महंगा स्टॉक खराब हो सकता है।