स्मार्टवॉच आपकी धड़कन, नींद और स्टेप काउन्ट करने का काम भली प्रकार से कर लेती है। स्मार्ट रिंग भी इस काम को करने में सक्षम है, हालांकि, स्मार्टवॉच को आप अपने हाथ की हथेली पर बांधते हैं लेकिन स्मार्ट रिंग आप अपनी किसी भी उंगली में डाल सकते हैं। अब हमारे पास ये दो डिवाइस पहले से ही मौजूद हैं। लेकिन बाजार में एक नई तकनीकी अपने कदम रखने की तैयारी कर रही है। यह शरीर के तनाव को समझने के लिए कलाई या उंगली के बजाय सिर के किनारे सेंसर से इस काम को करने वाली है। असल में, Zomato और Eternal के फाउंडर दीपिंदर गोयल ने कुछ समय पहले इंटरनेट पर एक नए डिवाइस को दिखाकर दुनिया को सोच में डाल दिया था। उन्होंने एक ऐसे डिवाइस को दिखाया जो आपके माथे के किनारे पर चिपक जाता है और उसी काम को करता है, जो पहले दो डिवाइस के बारे में हम जानकर आए हैं। अब इस डिवाइस के लिए प्री-बुकिंग की प्रक्रिया को भी शुरू कर दिया गया है, इसकी शुरुआती कीमत 85,000 रुपये तय की गई है। अब क्या माथे पर चिपक जाने वाला एक डिवाइस आपकी सेहत का ध्यान रखने के साथ साथ अन्य वो सभी काम कर सकता है। जैसा हम इस डिवाइस Temple के बारे में सुन रहे हैं? आइए इन्हीं कुछ सवालों के जवाब जानने का प्रयास करते हैं।
Temple को कंपनी मेड-टू-ऑर्डर मॉडल बेसिस पर तैयार कर रही है। इसका मतलब है कि ग्राहक के ऑर्डर करने के बाद ही इस डिवाइस को बनाने की प्रक्रिया को शुरू किया जाने वाला ही। इसके बाद इसकी डिलीवरी में लगभग लगभग 3 महीने का समय लग सकता है। इसका मतलब है कि अभी ऑर्डर करने पर आपको Temple Device लगभग लगभग 2027 की शुरुआत के आसपास ही मिलने वाला है।
Temple pre-orders open now. Order at https://t.co/hi9q1VXygW, or from the app at https://t.co/GlZlv9KAH9
— Deepinder Goyal (@deepigoyal) November 1, 2026
Temple Device के शुरुआती बैच की कीमत 85,000 रुपये रखी गई है। इसके साथ Temple के सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म का लाइफटाइम एक्सेस और स्किन पर डिवाइस चिपकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले Grips भी ग्राहकों को दी जाने वाली हैं। शिपमेंट से पहले रिफंड मांगने की सुविधा का जिक्र भी किया गया है, इसका मतलब है कि अगर आप इस डिवाइस को ऑर्डर करने के बाद इसे खरीदने से इनकार कर देते हैं तो आपको इसके पिसे भी वापिस मिल सकते हैं? इसके अलावा अभी के लिए इसकी भी कोई जानकारी सामने नहीं आई है कि लाइफटाइम एक्सेस में कौन-कौन सी सेवाएं मिलने वाली हैं। आने वाले समय में इस बात को लेकर भी जानकारी सामने आएगी।
सबसे पहले यह जान लें कि Temple को कलाई पर नहीं पहना जाता। यह माथे और कान के बीच कनपटी के पास चिपकाया जा सकता है। इसके लिए खास एडहेसिव पैच इस्तेमाल होते हैं। कंपनी की BrainFlow टेक्नोलॉजी ऑप्टिकल सेंसर से ऐसे शारीरिक संकेत पढ़ने का दावा करती है, जिनका सीधा संबंध दिमाग में रक्त प्रवाह के बदलावों से हो सकता है।
इस डिवाइस के एक अन्य खास फीचर Entropy है। कंपनी इसे शरीर पर पड़ने वाले शारीरिक दबाव का संकेत देने वाला बता रही है। इसका स्कोर 1 से 250 के बीच हो सकता है और एक्सर्साइज़, नींद, स्ट्रेस, पाचन या कैफीन जैसी चीजों से प्रभावित होने का दावा किया गया है। Baseline, Threshold और Momentum जैसे शब्द भी Temple के सिस्टम का हिस्सा हैं।
Temple की यह तकनीकी सुनने में काफी दिलचस्प नजर आ रही है, पर सवाल है कि ऐप में आखिर दिखाई देने वाला है? स्कोर कितनी बार बदलेगा, यूजर उसे कैसे समझेगा और किसी दिन संख्या बढ़ने पर उसे क्या करना होगा? कंपनी की ओर से अभी तक के लिए इन सभी सवालों के जवाब में ज्यादा कुछ नहीं कहा है। ऐसा भी कह सकते हैं कि कंपनी ने इस डिवाइस को लेकर इस तरह की ज्यादा जानकारी को पब्लिक नहीं किया है।
Temple को लेकर कुछ रिसर्च आदि भी हुई हैं, इसके अलावा कुछ शोध शेयर की गई हैं, और कुछ नहीं? जो डिटेल्स सामने आई हैं, उनमें 23 स्वस्थ वयस्कों पर हुए एक अध्ययन का जिक्र है, जिसमें BrainFlow की रीडिंग की तुलना ट्रांसक्रेनियल डॉप्लर अल्ट्रासाउंड से की गई थी। व्यायाम और शरीर की स्थिति बदलने पर दोनों के परिणाम में मिलते-जुलते बदलाव मिलने की बात सामने आई है।
Temple is the most accurate HR tracker compared to all flagship wearables, even in Zone 4 & 5. Detailed study here: https://t.co/lFuUX1cT0d https://t.co/d4EDUoPaHe
— Deepinder Goyal (@deepigoyal) November 1, 2026
गोयल ने Temple की हार्ट रेट रीडिंग को Apple Watch और दूसरे वियरेबल्स से बेहतर बताने वाली एक इंटर्नल टेस्टिंग की जानकारी भी शेयर की है। उस तुलना में Polar H10 चेस्ट स्ट्रैप को संदर्भ माना गया था। लेकिन आंतरिक टेस्ट और स्वतंत्र वैज्ञानिक पुष्टि एक चीज नहीं हैं। अलग उम्र, स्किन, गतिविधियों और रोजमर्रा की परिस्थितियों में Temple कितना सटीक रहेगा, यह अभी शुरुआती दिनों में कहना मुश्किल है। जरूरी बात यह भी है कि Temple एक जनरल वेलनेस प्रोडक्ट है, मेडिकल डिवाइस नहीं। इसे दिमाग की बीमारियां पहचानने या किसी स्वास्थ्य समस्या का निदान करने वाले एक डिवाइस के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
इतनी कीमत पर लोग सिर्फ नया सेंसर नहीं, उसके काम की स्पष्ट जानकारी भी प्राप्त करना चाहेंगे। Temple की पूरी सेंसर लिस्ट, कनेक्टिविटी, चार्जिंग टाइम,, ऐप कम्पैटिबिलिटी और डेटा रिपोर्टिंग जैसी जानकारी आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए। बैटरी को लेकर लगभग पांच से सात दिन चलने की बात कही गई है, लेकिन इस डिवाइस के स्पेक्स की शीट होना भी जरूरी लग रहा है।
Temple को True Gold, Rose Gold, Black Mirror, Real Jade, Deep Blue और Purple Funk जैसी छह फिनिश में लॉन्च किया गया है। हालांकि रंगों से ज्यादा अहम बात यह है कि ऐप में क्या उपयोगी जानकारी मिलेगी और लाइफटाइम सब्सक्रिप्शन की सीमा कहां तक है।
Temple का आइडिया नया है और शरीर के संकेत मापने की मौजूदा तकनीकों से आगे जाने की कोशिश भी दिलचस्प लग रही है। खिलाड़ियों (Players) या फिजियोलॉजिकल मॉनिटरिंग में रुचि रखने वालों के लिए यह प्रयोग आकर्षक हो सकता है। लेकिन आम खरीदार के लिए 85,000 रुपये खर्च करने से पहले डिवाइस सम्पूर्ण स्पेक्स, एप की सम्पूर्ण डिटेल्स के अलावा रिसर्च की सम्पूर्ण डिटेल्स को पब्लिक किया जाना जरूरी हो जाता है।
अभी Temple डिवाइस की कीमत को शुरुआती डिवाइसेस के लिए तय कर दिया गया है, डिलीवरी को लेकर भी जानकारी सामने आ चुकी है, ऐसे में अगर आप परंपरागत तरीके से दूर जाकर कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं तो यह डिवाइस आपके लिए है। हालांकि, अगर आप इतने पैसे खर्च नहीं करना चाहते हैं तो आपको पता है बाजार में आपको क्या खरीदना है।