Jio और T-Mobile ने बदल दिया 5G रोमिंग का खेल! दुनिया में पहली बार हुआ ये बड़ा काम
Jio और T-Mobile के बीच साझेदारी हुई है।
दोनों कंपनियों ने दुनिया का पहला 5G स्टैंडअलोन (5G SA) रोमिंग कनेक्शन शुरू किया है।
इससे भारत आने वाले टी-मोबाइल के ग्राहकों को अब जियो की 5G स्टैंडअलोन रोमिंग की सुविधा मिलने वाली है।
भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम दिग्गज रिलायंस जियो (Reliance Jio) और अमेरिकी वायरलेस नेटवर्क ऑपरेटर टी-मोबाइल (T-Mobile) ने साथ में मिलकर ग्लोबल लेवल पर एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि हासिल की है। दोनों कंपनियों ने दुनिया का पहला 5G स्टैंडअलोन (5G SA) रोमिंग कनेक्शन शुरू कर दिया है, इसे ऐसे भी कह सकते हैं कि दोनों ही कंपनियों ने मिलकर इस नए कारनामे की घोषणा की है। यह साझेदारी अलग-अलग देशों के 5G नेटवर्कों के बीच इंटरऑपरेबिलिटी को सरल और संभव बनाने की दिशा में एक बाद और जरूरी कदम माना जा रहा है।
SurveyJio देगा अपनी रोमिंग सुविधा
इस नई साझेदारी को अगर देखा जाए तो अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल के दौरान भारत आने वाले टी-मोबाइल के यूजर्स को अब जियो की ओर से 5G स्टैंडअलोन रोमिंग की सुविधा मिलने वाली है। ऐसा भी माना जा रहा है कि पारंपरिक रोमिंग सेटअप की तुलना में यह तकनीक यूज़र्स को काफी फास्ट इंटरनेट स्पीड, बेहद कम लेटेंसी और पहले से कहीं ज्यादा स्टेबल और दमदार कनेक्टिविटी देने वाली है।
.@TMobile and Jio Achieve World’s First 5G Standalone Roaming https://t.co/7NBckWcNnZ
— T-Mobile Newsroom (@tmobilenews) September 21, 2026
बिना किसी रुकावट के मिलेगा हाई स्पीड 5G इंटरनेट!
इस ग्लोबल नेटवर्क इंटरकनेक्शन को संभव बनाने में सबसे बड़े हाथ को देखा जाए तो यह ग्लोबल कनेक्टिविटी और मीडिएशन प्लेटफॉर्म का है। सिनिवर्स के एसईपीपी प्लेटफॉर्म की मदद से दोनों ऑपरेटरों के कोर नेटवर्क आपस में जुड़ सके हैं, जिससे आने वाले समय में अन्य ग्लोबल नेटवर्कों के लिए भी 5G SA रोमिंग का यह रास्ता खुल चुका है। टी-मोबाइल (T-Mobile) के अनुसार, उसने अपने 5G स्टैंडअलोन नेटवर्क की नींव 2020 में रखी थी, और जियो के साथ यह साझेदारी/समझौता देश के बाहर यानि अमेरिका के बाहर ट्रैवल करने वाले यूजर्स के लिए बेहतरीन 5G का लाभ उठाने का जबरदस्त मौका भी है।
Jio के लिए क्या यह बड़ी उपलब्धि है?
यह उपलब्धि रिलायंस जियो के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि कंपनी पूरे भारत में 5G कोर नेटवर्क पर आधारित स्टैंडअलोन आर्किटेक्चर चलाती है। पुराने 4G इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर रहने वाले नॉन-स्टैंडअलोन नेटवर्क के स्थान पर 5G SA नेटवर्क आधुनिक एंटरप्राइज सर्विसेज और एआई-से चलने वाली तकनीकों के लिए जरूरी फास्ट और स्टेबल परफॉर्मेंस देने में सक्षम है। जियो के इंटरनेशनल नेटवर्क, पार्टनरशिप और सर्विसेज के प्रमुख मार्क यारकोस्की ने कहा कि यह कदम विभिन्न 5G SA नेटवर्कों के बीच आसान तालमेल बैठाने के साथ-साथ आने वाले समय में डिजिटल सेवाओं के नए रास्ते ओपन करने वाला है।
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