सरकार फ्री में करवा रही 2.5 घंटे का कोर्स, साइबर फ्रॉड के नहीं होंगे शिकार, जानें कैसे करें अप्लाई

HIGHLIGHTS

सरकार ने मुफ्त साइबर सिक्योरिटी कोर्स शुरू किया

यह कोर्स सिर्फ 2.5 घंटे में पूरा किया जा सकता है

कोर्स पूरा करने पर सर्टिफिकेट भी मिलेगा

आज के समय में साइबर फ्रॉड सिर्फ संदिग्ध ईमेल तक सीमित नहीं रह गया है. अब ठग नकली बैंक कॉल, KYC अपडेट मैसेज, जॉब ऑफर, WhatsApp लिंक और क्रेडिट कार्ड अपग्रेड जैसे बहानों से लोगों को निशाना बना रहे हैं. कई मामलों में लोग कुछ ही मिनटों में अपनी पूरी जमा पूंजी गंवा देते हैं. इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत सरकार अब लोगों को साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए एक मुफ्त ऑनलाइन साइबर सिक्योरिटी कोर्स दे रही है, जिसे सिर्फ ढाई घंटे में पूरा किया जा सकता है.

गृह मंत्रालय ने शुरू किया नया साइबर कोर्स

यह कोर्स Indian Cyber Crime Coordination Centre यानी I4C ने तैयार किया है, जो गृह मंत्रालय के तहत काम करता है. इस पहल का मकसद लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड पहचानना और डिजिटल प्लेटफॉर्म को ज्यादा सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करना सिखाना है. सरकार के आधिकारिक CyberDost I4C अकाउंट ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि जो लोग यह कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करेंगे, उन्हें सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा.

पोस्ट में कहा गया कि साइबर खतरे हर दिन बदल रहे हैं और लोगों को अब पहले से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. मंत्रालय के मुताबिक यह कोर्स लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में डिजिटल सुरक्षा की बेहतर आदतें सिखाने के लिए बनाया गया है.

कोर्स में क्या सिखाया जाएगा?

इस मुफ्त कोर्स में कई जरूरी विषय शामिल किए गए हैं. इसमें लोगों को पर्सनल डेटा सुरक्षित रखना, नकली लिंक पहचानना, फर्जी कॉल और संदिग्ध मैसेज समझना और ऑनलाइन सेवाओं का सुरक्षित इस्तेमाल करना सिखाया जाएगा. यह कोर्स छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, सरकारी कर्मचारियों और बुजुर्गों समेत सभी नागरिकों के लिए उपलब्ध है.

सरकार का कहना है कि यह कोर्स सिर्फ तकनीकी जानकारी देने के लिए नहीं बनाया गया, बल्कि इसका मकसद लोगों को ऐसी प्रैक्टिकल चीजें सिखाना है जिन्हें वे रोजमर्रा की जिंदगी में तुरंत इस्तेमाल कर सकें.

तेजी से बढ़ रहे हैं साइबर फ्रॉड के मामले

भारत में पिछले कुछ समय में साइबर धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़े हैं. ठग अब लोगों से OTP, बैंक डिटेल और कार्ड जानकारी हासिल करने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं. हाल ही में TOI की एक रिपोर्ट में सामने आया कि विजाग में ठगों ने नकली क्रेडिट कार्ड अपग्रेड ऑफर के जरिए कई लोगों को निशाना बनाया.

एक मामले में 30 साल के सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल को बैंक अधिकारी बनकर कॉल किया गया. ठग ने उसका क्रेडिट कार्ड लिमिट 5 लाख रुपये तक बढ़ाने का वादा किया और कुछ जानकारी मांगी. इसके कुछ मिनट बाद ही पीड़ित के खाते से लगभग 1.5 लाख रुपये निकल गए.

APK फाइल और OTP से भी हो रही ठगी

रिपोर्ट के मुताबिक शहर में ऐसे कई मामले सामने आए जहां लोगों ने लाखों रुपये गंवा दिए. इससे साफ है कि साइबर अपराधी अब पहले से ज्यादा प्रोफेशनल तरीके से लोगों को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं.

एक अन्य मामले में एक व्यक्ति अपने पुराने क्रेडिट कार्ड को बंद करवाना चाहता था. उसे बैंक अधिकारी बनकर कॉल करने वाले व्यक्ति ने एक संदिग्ध APK फाइल भेजी. हालांकि उसने फाइल नहीं खोली, लेकिन बाद में OTP से जुड़ी दूसरी चालों के जरिए ठगों ने उसके खाते से 1 लाख रुपये से ज्यादा निकाल लिए.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी अक्सर लोगों पर जल्दी फैसला लेने का दबाव बनाते हैं. नकली KYC अपडेट, बैंक मैसेज और क्रेडिट कार्ड ऑफर इस समय सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले जाल बन चुके हैं.

सरकार ने दी सावधानी बरतने की सलाह

अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी कॉल या मैसेज पर भरोसा करने से पहले हमेशा बैंक की आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से जानकारी जांच लें. इसके अलावा किसी भी अनजान लिंक, APK फाइल या संदिग्ध दस्तावेज पर क्लिक करने से बचने को कहा गया है.

सरकार का नया Cyber Hygiene Course भी इन्हीं खतरों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. यह कोर्स तकनीकी शब्दों पर कम और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली डिजिटल सुरक्षा पर ज्यादा फोकस करता है. इच्छुक लोग यह कोर्स I4C के आधिकारिक लर्निंग प्लेटफॉर्म पर जाकर कर सकते हैं.

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Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है.

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