गर्मी अब इतनी बढ़ चुकी है कि बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है. कई शहरों में तापमान 45 डिग्री के करीब पहुंच रहा है और ऐसे में घरों में AC लगातार चल रहे हैं. लेकिन जैसे-जैसे AC का इस्तेमाल बढ़ता है, वैसे-वैसे बिजली का बिल भी ऊपर जाने लगता है.
यही वजह है कि कई लोग बिजली बचाने के लिए एक आम तरीका अपनाते हैं. लोग कमरा ठंडा होते ही AC बंद कर देते हैं और फिर गर्मी लगने पर दोबारा चालू कर देते हैं. ऊपर से देखने में यह तरीका सही लगता है क्योंकि लोगों को लगता है कि AC कम चलेगा तो बिजली भी कम खर्च होगी. लेकिन असलियत बिल्कुल उलटी है.
जब भी आप AC चालू करते हैं, उसका कंप्रेसर पूरी ताकत के साथ काम शुरू करता है. कंप्रेसर AC का सबसे ज्यादा बिजली खाने वाला हिस्सा होता है. स्टार्ट होते समय इसे अचानक ज्यादा पावर की जरूरत पड़ती है. यही शुरुआती पावर सर्ज बिजली की खपत को काफी बढ़ा देता है.
अगर आप थोड़ी-थोड़ी देर में AC बंद करके दोबारा चालू करते रहते हैं, तो हर बार कंप्रेसर को फिर से उसी भारी लोड के साथ काम शुरू करना पड़ता है. इसका मतलब यह हुआ कि बिजली बचने की बजाय ज्यादा खर्च होने लगती है.
यह आदत सिर्फ बिजली बिल ही नहीं बढ़ाती, बल्कि AC की लाइफ पर भी असर डालती है. बार-बार ऑन-ऑफ होने से कंप्रेसर पर दबाव बढ़ता है. इसके अलावा कैपेसिटर और दूसरे इलेक्ट्रिकल पार्ट्स भी जल्दी घिसने लगते हैं. धीरे-धीरे AC की कूलिंग कमजोर होने लगती है और बाद में रिपेयरिंग का खर्च भी बढ़ सकता है.
अगर किसी वजह से AC बंद करना जरूरी हो, तो एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि उसे दोबारा चालू करने से पहले कम से कम 30 से 35 मिनट का गैप देना चाहिए.
आजकल आने वाले ज्यादातर इन्वर्टर AC पहले से ज्यादा स्मार्ट होते हैं. जब कमरा तय तापमान तक पहुंच जाता है, तो इन्वर्टर AC का कंप्रेसर पूरी तरह बंद नहीं होता. वह अपनी स्पीड कम कर देता है और जरूरत के हिसाब से धीरे-धीरे काम करता रहता है.
इससे कमरे का तापमान लगातार बना रहता है और बिजली की खपत भी कम होती है. जैसे ही कमरा दोबारा गर्म होने लगता है, AC फिर से अपनी स्पीड बढ़ा देता है. यही वजह है कि इन्वर्टर AC पुराने नॉन-इन्वर्टर मॉडल्स की तुलना में ज्यादा बिजली बचाते हैं.
अगर आपके घर में इन्वर्टर AC लगा है, तो उसे बार-बार खुद कंट्रोल करने की जरूरत नहीं होती. Auto Mode इसी काम के लिए बनाया गया है. इस मोड में AC खुद तय करता है कि उसे कब ज्यादा कूलिंग करनी है और कब कम स्पीड पर चलना है. इससे कमरे का तापमान भी संतुलित रहता है और बिजली की बर्बादी भी कम होती है.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक AC को 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना सबसे बेहतर माना जाता है. इसके अलावा कमरे के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें ताकि ठंडी हवा बाहर न निकले. गंदे फिल्टर AC की स्पीड धीमी कर देते हैं और मशीन ज्यादा बिजली खपत करने लगती है. इसलिए फिल्टर की सफाई नियमित रूप से करनी चाहिए.
समय-समय पर सर्विस करवाना भी जरूरी है ताकि AC सही तरीके से काम करता रहे. अगर नया AC खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इन्वर्टर मॉडल चुनना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है क्योंकि यह लंबे समय में बिजली बिल कम करता है.
AC को बार-बार ऑन-ऑफ करना बिजली बचाने का सही तरीका नहीं है. इससे बिजली की खपत बढ़ सकती है और AC के पार्ट्स पर भी खराब असर पड़ता है. बेहतर यही है कि सही तापमान सेट करें, Auto Mode का इस्तेमाल करें और AC की नियमित देखभाल करते रहें.
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