दिमाग को चक्करघिन्नी की तरह घुमा देंगी ये फिल्में, क्लाइमैक्स देख बेहोश हो जाएंगे
अगर आप बॉलीवुड की ऐसी फिल्मों की तलाश में हैं जो भले ही बॉक्स ऑफिस पर ज़्यादा चर्चा में न रही हों, लेकिन अपनी शानदार कहानी, अभिनय और गजब के डायरेक्शन से दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ गई हों, तो यह लिस्ट खासतौर पर आपके लिए ही हमने बनाई है। ये वो फिल्में हैं जो ज्यादा चमक-दमक से दूर रहते हुए भी आपके दिलों-दिमाग पर छाप छोड़ती हैं। आइए इन सबसे दमदार और बेहतरीन फिल्मों के बारे में विस्तार से जानते हैं, इन्हें आप कहाँ देख सकते हैं और इनकी IMDb रेटिंग के बारे में भी हम आपको जानकारी देने वाले हैं।
मसान (Masaan)
IMDb Rating: 8.1
कहां देखें: Amazon Prime Video / JioCinema
नीरज घोष्वान की मसान भारतीय सिनेमा की उन दुर्लभ फिल्मों में से एक है जो जीवन, मृत्यु और मोक्ष को एक ही धागे में पिरो देती है। वाराणसी की पवित्र नगरी की पृष्ठभूमि में बनी यह फिल्म दो समानांतर कहानियों को एक साथ लेकर चलती है, हालांकि दोनों ही कहानियों का क्लाइमैक्स बेहद ही रोचक है। ऋचा चड्डा और विक्की कौशल का अभिनय इस फिल्म की आत्मा है, खासकर विक्की का मासूम लेकिन दर्द से भरा किरदार दर्शकों को भीतर तक झकझोर देता है।
द लंचबॉक्स (The Lunchbox)
IMDb Rating: 7.8
कहां देखें: Netflix / Amazon Prime Video / Disney+ Hotstar
रितेश बत्रा की द लंचबॉक्स एक साधारण सी कहानी को असाधारण बना देती है। एक गलत पते पर पहुंचा लंचबॉक्स दो अकेले लोगों के बीच भावनाओं का पुल बना देता है। इरफान खान और निमरत कौर की जादुई केमिस्ट्री इस फिल्म को एक गहरी मानवीय संवेदना देती है। यह कहानी शोर-शराबे वाली दुनिया में रिश्तों की खामोश मिठास को बखूबी दिखाती है।
पान सिंह तोमर (Paan Singh Tomar)
IMDb Rating: 8.2
कहां देखें: Amazon Prime Video / Netflix
तिग्मांशु धूलिया की पान सिंह तोमर एक सच्ची घटना पर आधारित प्रेरणादायक फिल्म है। एक एथलीट, जिसने देश के लिए दौड़ लगाई, परिस्थितियों के चलते डाकू बन जाता है, यह कहानी व्यवस्था की विफलता और इंसान की मजबूरी दोनों को उजागर करती है। इरफान खान ने इस किरदार को जिस सच्चाई और ताकत से जिया, वह इस फिल्म को भारतीय सिनेमा के इतिहास में अमर बना देता है।
अलीगढ़ (Aligarh)
IMDb Rating: 7.8
कहां देखें: ZEE5
हंसल मेहता की अलीगढ़ एक ऐसी सच्ची कहानी है जो समाज की सोच को आईना दिखाती है। यह फिल्म प्रोफेसर श्रीनिवास रामचंद्र सिरस के जीवन पर आधारित है, जिन्हें उनकी यौन पहचान के कारण अपमान और बहिष्कार का सामना करना पड़ा। मनोज बाजपेयी का दर्द से भरा लेकिन गरिमा से लबरेज़ अभिनय इस फिल्म को एक संवेदनशील कृति बनाता है, जबकि राजकुमार राव ने इसमें मानवता की आवाज़ बनकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
उड़ान (Udaan)
IMDb Rating: 8.1
कहां देखें: Netflix
विक्रमादित्य मोटवाने की उड़ान एक किशोर की कहानी है जो अपने सख्त पिता के दमन से लड़ते हुए अपने सपनों को उड़ान देने की कोशिश करता है। यह फिल्म आत्म-सम्मान, विद्रोह और आत्म-खोज की यात्रा को बखूबी दर्शाती है। उड़ान उन लोगों के लिए है जिन्होंने कभी अपनी राह खुद बनाने की हिम्मत की हो, यह फिल्म सादगी में ही गहराई और भावनाओं में ही प्रेरणा खोजती है।
इन फिल्मों की खासियत यह है कि ये दर्शकों को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का मौका देती हैं। मसान, द लंचबॉक्स, पान सिंह तोमर, अलीगढ़ और उड़ान, ये सिर्फ कहानियां नहीं, बल्कि सिनेमा के ज़रिए कही गई ज़िंदगी की सच्चाइयां हैं, जो हर बार देखने पर नई अनुभूति देती हैं।
नोट: फीचर्ड इमेज काल्पनिक है!