ट्रेन खुलने से 15 मिनट पहले बुक करें टिकट, IRCTC की नई सुविधा, अभी जान लें तरीका, बहुत ज्यादा आएगा काम
भारतीय रेलवे ने यात्रियों को और अधिक सुविधा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. अब वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए आप ट्रेन छूटने से महज 15 मिनट पहले तक टिकट बुक कर सकते हैं. यह सुविधा खासकर उन यात्रियों के लिए फायदेमंद है जो अचानक यात्रा की योजना बनाते हैं. फिलहाल यह सुविधा साउदर्न रेलवे जोन के कुछ चुनिंदा वंदे भारत ट्रेनों में लागू की गई है.
अभी देशभर में कुल 144 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं, जो बड़े शहरों को हाई-स्पीड और आधुनिक सुविधाओं से जोड़ती हैं. पहले तक ट्रेन के चलने के बाद बीच के स्टेशनों से टिकट बुकिंग की अनुमति नहीं होती थी, भले ही सीटें खाली क्यों न हों. लेकिन अब इस नई सुविधा के जरिए रेलवे ने इस रोक को हटा दिया है.
किन रूट्स पर मिल रही है सुविधा?
यह सुविधा फिलहाल दक्षिण भारत के राज्यों तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के प्रमुख रूट्स पर उपलब्ध है. इसके तहत यात्री ट्रेन छूटने से 15 मिनट पहले तक बीच के स्टेशनों से भी टिकट बुक कर सकते हैं.
ऑनलाइन टिकट ऐसे करें बुक
ऑनलाइन टिकट ऐसे करें बुक
रेलवे ने अपने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को अपग्रेड किया है ताकि लास्ट-मिनट बुकिंग को संभाला जा सके. इसके लिए सबसे पहले www.irctc.co.in वेबसाइट या IRCTC Rail Connect ऐप खोलें.
फिर ऑफिशियल आईडी से लॉगिन या रजिस्टर करें. इसके बाद बोर्डिंग स्टेशन, डेस्टिनेशन, डेट और वंदे भारत ट्रेन चुनें. यहां पर सिस्टम रियल-टाइम में सीट की उपलब्धता दिखाएगा. फिर क्लास और बोर्डिंग स्टेशन चुनें. आप क्लास में चेयर कार या एक्जीक्यूटिव क्लास चुन सकते हैं. फिर ऑनलाइन पेमेंट के बाद ई-टिकट SMS और ईमेल से मिल जाएगा.
वंदे भारत ट्रेनें जिनमें 15 मिनट पहले तक टिकट बुकिंग संभव है:
- 20631: मंगलुरु सेंट्रल – तिरुवनंतपुरम सेंट्रल
- 20632: तिरुवनंतपुरम सेंट्रल – मंगलुरु सेंट्रल
- 20627: चेन्नई एग्मोर – नागरकोइल
- 20628: नागरकोइल – चेन्नई एग्मोर
- 20642: कोयंबटूर – बेंगलुरु कैंट
- 20646: मंगलुरु सेंट्रल – मडगांव
- 20671: मदुरै – बेंगलुरु कैंट
- 20677: डॉ. एमजीआर चेन्नई सेंट्रल – विजयवाड़ा
इस नई सुविधा से यात्रियों को क्या फायदे होंगे?
- ज़्यादा फ्लेक्सिबिलिटी: अचानक यात्रा की स्थिति में भी आसानी से टिकट मिल सकेगा.
- सीट की बेहतर उपयोगिता: बीच के स्टेशनों से खाली सीटों को भरा जा सकेगा.
- प्रयास-मुक्त अनुभव: वेटिंग या वैकल्पिक यात्रा साधन पर निर्भरता नहीं रह जाएगी.
- डिजिटल अपग्रेड: नया PRS सिस्टम रेलवे की डिजिटल सोच का हिस्सा है.