अब 1 सेकंड में पकड़ा जाएगा फर्जी कॉल और लिंक! इस कंपनी ने पेश किया ये कमाल का फीचर

HIGHLIGHTS

Truecaller ने लॉन्च किया नया Scam Checker टूल।

अब अनजान नंबर, फिशिंग लिंक और फ्रॉड मैसेज की तुरंत पहचान होगी।

जानें यह टूल कैसे काम करता है।

ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल्स और फिशिंग अटैक्स के बढ़ते मामलों में जहां इजाफा हो रहा हैं, वहीं इसे रोकने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। ट्रूकॉलर (Truecaller) ने यूजर्स की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर अपना नया और डेडिकेटेड Truecaller Scam Checker टूल लॉन्च कर दिया है। यह टूल वेब और मोबाइल ऐप दोनों प्लेटफॉर्म्स के लिए उपलब्ध है। इसका मुख्य उद्देश्य यूज़र्स को संभावित ऑनलाइन धोखाधड़ी की तुरंत पहचान करने और किसी भी नए प्रकार के स्कैम पैटर्न्स को पहले ही ट्रैक करने की आजादी देता है। यह नया फीचर ट्रूकॉलर की कॉलर आइडेंटिटी और स्पैम कॉल ब्लॉकिंग सेवाओं से आगे बढ़कर एक ऑल-इन-वन साइबर सेफ्टी प्लेटफॉर्म बनने की दिशा में बड़ा कदम है।

कैसे यूजर्स की मदद करता है ये टूल?

यह नया टूल कई तरह के फ्रॉड डिटेक्शन मैकेनिज्म को एक ही डैशबोर्ड पर लेकर आता है। ऑनलाइन ठगी के दौरान जालसाज आमतौर पर तीन चीजों का इस्तेमाल करते हैं। इनमें सबसे पहले एक फोन नंबर, फर्जी वेब लिंक्स और डराने या लालच देने वाली कहानियां आदि शामिल होती हैं। ट्रूकॉलर का स्कैम चेकर इन तीनों पैमानों पर किसी भी संदिग्ध बातचीत या मैसेज की पड़ताल करता है, जिससे यूजर्स किसी भी अनजान व्यक्ति को जवाब देने या लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी पहचान को चेक कर सकते हैं।

4 प्रमुख लेयर्स में काम करता है यह सिक्योरिटी टूल

आइए जानते हैं कि यह टूल किस तरह से काम करता है, इसके अलावा कैसे यह यूजर्स को सुरक्षा प्रदान करने वाला है।

अगर आपको किसी एसएमएस या व्हाट्सएप पर कोई लिंक मिला है, तो आप उस वेब एड्रेस को सीधे इस टूल में पेस्ट कर सकते हैं। सिस्टम तुरंत जांच कर बताएगा कि वह लिंक किसी फिशिंग कैंपेन, मैलवेयर या फर्जी बैंकिंग पोर्टल से जुड़ा है या नहीं।

यह टूल ट्रूकॉलर के ऑटोमेटेड डिटेक्शन इंफ्रास्ट्रक्चर और करोड़ों यूजर्स द्वारा रिपोर्ट किए गए कम्युनिटी डेटा को स्कैन करके उस नंबर का पूरा रिस्क प्रोफाइल आपके सामने रखने वाला है।

स्कैमफीड डेटाबेस (Scamfeed Database)

यूजर्स इस डेटाबेस में जाकर देख सकते हैं कि क्या हाल के दिनों में अन्य लोगों के साथ भी ठीक उसी तरह का फ्रॉड करने की कोशिश की गई है और ठगों ने उसमें किस तरह के हथकंडे अपनाए थे।

अगर आपको किसी अजीब कॉल या मैसेज पर शक होता है, तो आप अपनी भाषा में उस बातचीत का विवरण लिखकर सर्च कर सकते हैं। सिस्टम आपके टेक्स्ट को समझकर उसमें मौजूद किसी भी नंबर या लिंक को कम्युनिटी रिपोर्ट्स से क्रॉस-वेरिफाई कर तुरंत अलर्ट जारी कर देगा।

भारत में एंड्रॉयड यूजर्स के लिए सबसे पहले शुरुआत

ट्रूकॉलर स्कैम चेकर वर्तमान में कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए दुनिया भर में सभी के लिए उपलब्ध है। वहीं स्मार्टफोन ऐप की बात करें तो मोबाइल पर इसका पहला आधिकारिक रोलआउट भारत में एंड्रॉयड यूजर्स के लिए शुरू कर दिया गया है। आने वाले समय में इसे आईफोन (iOS) और अन्य अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों में भी शुरू कर दिया जाने वाला है।

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Ashwani Kumar

Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life.

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