कूलर में डाल दें ये 20 रुपये वाली चीज, फिर करें इस्तेमाल, हिलाकर रख देगा पूरा कमरा! मानसून में जरूरी है ये उपाय
मानसून का मौसम जितना सुकूनदायक होता है, उतना ही परेशान करने वाला भी हो सकता है, खासकर जब उमस और चिपचिपाहट हावी हो जाए. बारिश के मौसम में घरों में ताजी हवा का आना-जाना भी कम हो जाता है, जिससे घुटन और बेचैनी महसूस होती है. ऐसे में बहुत से लोग अपने पुराने एयर कूलर की ओर लौटते हैं, लेकिन सवाल ये है कि क्या मानसून में कूलर चलाना सही है?
विशेषज्ञों का कहना है कि कूलर का इस्तेमाल मानसून में भी किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए सही तरीका और कुछ जरूरी सावधानियों को अपनाना बेहद जरूरी है. अगर ध्यान न दिया गया तो कूलर से बदबू, बैक्टीरिया और फंगस जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जो सिरदर्द, एलर्जी और सांस संबंधी बीमारियों का कारण बन सकती हैं.
मानसून में कूलर इस्तेमाल करने के सही तरीके
वेंटिलेशन यानी हवा की निकासी का रखें ध्यान
एवापोरेटिव कूलर तभी प्रभावी होते हैं जब कमरे में सही वेंटिलेशन हो. यानी जिस कमरे में कूलर चल रहा हो, उसकी कम से कम एक खिड़की खुली होनी चाहिए ताकि ताजा हवा आती रहे और उमस न बढ़े. बंद कमरे में कूलर चलाने से सिर्फ नमी बढ़ती है और ठंडक की जगह घुटन महसूस होती है.
कूलर पैड्स को साफ और सूखा रखें
मानसून में नमी के कारण कूलर पैड्स जल्दी गंदे हो जाते हैं. इन पर फंगस और बैक्टीरिया पनपने लगते हैं जिससे तेज बदबू आती है. हफ्ते में कम से कम एक बार पैड्स की सफाई करें या जरूरत पड़ने पर उन्हें बदल दें. हनीकॉम्ब या एंटी-बैक्टीरियल पैड्स इस मौसम के लिए ज्यादा उपयुक्त होते हैं.
पानी टंकी में रखें एंटी-बैक्टीरियल उपाय
बारिश के मौसम में पानी जल्दी खराब होता है. टंकी में जमा पानी में बैक्टीरिया पनप सकते हैं. इससे बचने के लिए टंकी में नीम के पत्ते, फिनायल या मार्केट में उपलब्ध एंटी-बैक्टीरियल सॉल्यूशन मिलाया जा सकता है. इससे पानी की बदबू और संक्रमण से बचा जा सकता है. फिनायल की गोली आप आसानी से 15-20 रुपये में खरीद सकते हैं.
सही लोकेशन पर रखें कूलर
कूलर को ऐसी जगह पर रखें जहां उसे बाहर की हवा मिल सके और वह सीलन से बचा रहे. बालकनी या खिड़की के पास कूलर रखने से इसकी कूलिंग एफिशिएंसी बढ़ती है. कूलर के एयरफ्लो के सामने कोई भारी पर्दा या दीवार नहीं होनी चाहिए.
रोजाना सफाई को बनाएं आदत
मानसून में रोजाना कूलर की सफाई करना जरूरी है. टंकी, पैड्स और ब्लोअर फैन को गुनगुने पानी से धोकर साफ करें. इससे बैक्टीरिया और फंगस से बचाव होता है और हवा भी ताजी बनी रहती है.
कई लोग सोचते हैं कि मानसून में कूलर की जरूरत नहीं होती या वह काम नहीं करता. लेकिन हकीकत ये है कि अगर इस्तेमाल सही तरीके से किया जाए, तो कूलर इस मौसम में भी राहत दे सकता है. खासकर उन इलाकों में जहां बिजली की खपत कम रखनी हो और एसी विकल्प न हो.
मानसून में कूलर चलाना गलत नहीं है, लेकिन ये तभी फायदेमंद होगा जब हम इसे साफ-सुथरे और वैज्ञानिक तरीके से इस्तेमाल करें. रोजाना सफाई, वेंटिलेशन, और पानी की गुणवत्ता का ध्यान रखकर आप न सिर्फ ठंडी हवा का आनंद ले सकते हैं बल्कि बीमारियों से भी बच सकते हैं. इस मानसून में ठंडक के साथ समझदारी भी जरूरी है.