मार्केट में आया Ghost Tapping स्कैम! भीड़ में बिना कार्ड निकाले चोरी हो रहे पैसे, जानें डिजिटल जेबकतरा के बारे में सबकुछ

क्या आप भी विदेश घूमने और शॉपिंग के शौकीन हैं? तो यह खबर आपके लिए एक ‘रेड अलर्ट’ है. दुनिया भर के टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स पर एक नया और बेहद शातिर स्कैम फैल रहा है जिसे ‘घोस्ट टैपिंग’ (Ghost Tapping) नाम दिया गया है. जेब में रहने के बाद भी आपके क्रेडिट या डेबिट कार्ड से पैसे कट सकते हैं.

स्कैमर्स ‘टैप-टू-पे’ (NFC) टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग कर रहे हैं. भीड़भाड़ वाले एयरपोर्ट्स, फेस्टिवल और बाजारों में स्कैमर्स अदृश्य ‘डिजिटल जेबकतरे’ बन चुके हैं. अगर आप नहीं चाहते कि आपकी अगली ट्रिप का बजट इस फ्रॉड की भेंट चढ़ जाए, तो यह जानना जरूरी है कि यह स्कैम कैसे काम करता है और इससे कैसे बचा जाए.

घोस्ट टैपिंग से लग सकता है चूना

यह एक ऐसा प्रोसेस है जिसमें जालसाज एक NFC-इनेबल्ड डिवाइस का उपयोग करके आपके कार्ड से चुपचाप पेमेंट कर लेते हैं, और पीड़ित को इसकी भनक तक नहीं लगती. कई रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस स्कैम के लिए न तो आपके कार्ड के पिन (PIN) की जरूरत होती है और न ही किसी OTP की.

यदि आपके क्रेडिट कार्ड या फोन में ‘टैप-टू-पे’ इनेबल है, तो स्कैमर बस आपके करीब खड़ा होकर वायरलेस तरीके से ट्रांजेक्शन शुरू कर सकता है या आपका पेमेंट डेटा चुरा सकता है.

कैसे काम करता है ये स्कैम?

घोस्ट टैपिंग पूरी तरह से नियर फील्ड कम्युनिकेशन (NFC) टेक्नोलॉजी पर निर्भर है. यह वही तकनीक जो आपके Apple Pay, Google Pay या Samsung Wallet में होती है. स्कैमर्स अपनी जेब में पोर्टेबल NFC रीडर्स (PoS मशीनें) या मॉडिफाइड स्मार्टफोन्स लेकर चलते हैं.

वे भीड़भाड़ वाली जगहों जैसे एयरपोर्ट की लाइनों, मेलों या व्यस्त बाजारों में अपने शिकार के करीब सटकर खड़े हो जाते हैं. जैसे ही डिवाइस आपकी जेब या बैग के पास आता है, मशीन आपके कार्ड से संपर्क बनाती है और पैसा कट जाता है. कभी-कभी फर्जी वेंडर्स आपसे छोटी खरीद के लिए टैप करने को कहते हैं, लेकिन मशीन में रकम ज्यादा भरी होती है.

सबसे ज्यादा खतरा कहां है?

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अभी तक कोई देश-विशिष्ट आधिकारिक डेटा नहीं है, लेकिन हाई-टूरिज्म वाले क्षेत्रों में इसके मामले तेजी से बढ़े हैं.

टूरिस्ट ही क्यों बनते हैं शिकार?

पर्यटक इस स्कैम के सबसे आसान टारगेट होते हैं क्योंकि वे सुविधा के लिए ‘टैप-टू-पे’ पर बहुत निर्भर करते हैं. भीड़भाड़ और नई जगह होने के कारण वे अपने आसपास ध्यान नहीं दे पाते है. वे विदेशी मुद्रा की समझ कम होने के कारण वे ओवरचार्जिंग को तुरंत नहीं पकड़ पाते हैं.

बचाव के 5 आसान तरीके

  • NFC बंद रखें: जब इस्तेमाल न कर रहे हों, तो अपने स्मार्टफोन की सेटिंग में जाकर NFC को OFF कर दें. सतर्क रहें!
  • RFID-ब्लॉकिंग वॉलेट: ऐसे पर्स या कार्ड स्लीव्स का इस्तेमाल करें जिनमें RFID शील्ड हो. यह मेटल की परत आपके कार्ड के सिग्नल को बाहर जाने से रोकती है.
  • अनजान वेंडर्स से बचें: सड़क किनारे की दुकानों या बिना ब्रांड वाले स्टॉल्स पर कार्ड टैप करने से बचें.
  • अलर्ट ऑन रखें: अपने बैंकिंग ऐप में इंस्टेंट ट्रांजेक्शन अलर्ट (SMS/Email) इनेबल रखें.
  • बायोमेट्रिक लॉक: मोबाइल वॉलेट्स (Google Pay/Apple Pay) में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन (फिंगरप्रिंट/फेस आईडी) लगाकर रखें, ताकि आपकी मर्जी के बिना पेमेंट न हो.

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Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है.

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