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किसान हो गए हाई-टेक, NASA के सैटेलाइट को चकमा देकर जला रहे पराली? जानें पूरा मामला

किसान हो गए हाई-टेक, NASA के सैटेलाइट को चकमा देकर जला रहे पराली? जानें पूरा मामला

दिल्ली-NCR का AQI लगातार बढ़ता ही जा रहा है. एयर पॉल्यूशन इतना ज्यादा हो गया है कि दिल्ली और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों का हाल बेदम हो चुका है. दिल्ली-एनसीआर किसी गैस चैंबर से कम नहीं लग रही है. इसको लेकर लोगों को मास्क लगाने की सलाह दी जा रही है. ज्यादा स्कूल और ऑफिसों को ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट कर दिया गया है.

अब मीडिया रिपोर्ट में एक हैरान कर देने वाली बात सामने आई है. मीडिया रिपोर्ट में वैज्ञानिक हिरेन जेठवा के हवाले से कहा जा रहा है कि सैटेलाइट को चकमा देने में किसान माहिर हो चुके हैं. हिरेन जेठवा ने X पर इसको लेकर डिटेल्स में लिखा है. उनके अनुसार, नासा का एक्वा सैटेलाइट और नासा-एनओएए का सुओमी-एनपीपी सैटेलाइट भारत और पाकिस्तान के ऊपर दोपहर 1.30 से 2 बजे गुजरता है.

उन्होंने आगे दावा किया है कि किसान उसके बाद पराली जलाते हैं. इससे ये इन सैटेलाइट की नजर में यह नहीं आता है. लेकिन, कोरिया के सैटेलाइट GEO-KOMPSAT-2A (GK2A) की तस्वीरों में दोपहर 3 बजे के बाद इन इलाकों में धुंआ देखा जा सकता है. यह सैटेलाइट हर 10 मिनट में उस एरिया से गुजरता है.

कोरियन सैटेलाइट का जिक्र

कोरिया की सैटेलाइट से शॉर्टवेव इंफ्रारेड रेडिएशन डेटा और इमेजरी दिखाती है कि नासा के सैटेलाइट गुजरने के बाद घंटों उस एरिया में धुंआ जारी रहता है. आपको बता दें कि सैटेलाइट के गुजरने का वक्त ऑफिशियल वेबसाइट पर दर्ज होता है. जिसको कोई भी चेक कर सकता है.

एक्सपर्ट खारिज कर रहे दावा

हिरेन जेठवा के इस दावे को कई एक्सपर्ट खारिज भी करते हैं. मौसम विभाग के एक्सपर्ट के अनुसार, किसान के सैटेलाइट को दावा देने वाली बात काल्पनिक लगती है. उनका कहना है डेटा में रात में भी आग लगने की घटना शामिल है. जो संभव नहीं लगता है.

हालांकि, सच्चाई का पता तो जांच के बाद ही चल पाएगा. लेकिन, पराली जलाने को लेकर सख्त कानूनी निर्देश के बाद भी पराली जलाने के कई मामले दर्ज किए गए हैं. जिसकी वजह से दिल्ली और उसके आसपास की हवा लगातार खराब हो रही है.

Sudhanshu Shubham

Sudhanshu Shubham

Sudhanshu Shubham सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है.

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