Atul Subhash Suicide: WhatsApp का इस्तेमाल कर पुलिस की आंखों में धोखा..एक गलती और पकड़ी गई निकिता
पुलिस से बचने के लिए लगातार बदल रही थी लोकेशन
कॉल ट्रैकिंग से बचने के लिए वॉट्सऐप कॉल का इस्तेमाल
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होने से नहीं होती ट्रैकिंग

AI इंजीनियर अतुल सुभाष सुसाइड केस से पूरा देश सन्न है. खासतौर पर पुरुषों पर रहने वाले मेंटली दबाव को लेकर बातचीत शुरू हो गई. सोशल मीडिया पर भी अतुल सुभाष को न्याय दिलाने को लेकर लोग लगातार समर्थन कर रहे हैं. अब पुलिस ने अतुल सुभाष की पत्नी, साला और सास को गिरफ्तार कर लिया है.
मीडिया रिपोर्ट की माने तो अतुल सुभाष की पत्नी बचने के लिए टेक्नोलॉजी का जमकर इस्तेमाल कर रही थी. पुलिस सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी ने बताया है कि उनकी पत्नी निकिता सिंघानिया अपनी लोकेशन को लगातार बदल रही थी. कॉल ट्रेस ना हो इसके लिए वह WhatsApp Call का इस्तेमाल करती थी.
WhatsApp Call करने और लगातार लोकेशन बदलने की वजह से पुलिस को उसकी सही लोकेशन नहीं मिल पा रही थी. आपको बता दें कि WhatsApp Call एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होता है जिसकी वजह कोई थर्ड पार्टी इसको एक्सेस नहीं कर पाता है. जिसकी वजह से पुलिस को परेशानी आ रही थी.
नॉर्मल कॉल के बाद ट्रैक हुई लोकेशन
लेकिन, WhatsApp Call ना लगने की वजह से निकिता सिंघानिया को नॉर्मल फोन कॉल करना पड़ा था. जिसके बाद बेंगलुरु पुलिस ने उसे ट्रैक कर लिया. निकिता सिंघानिया को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया. फिलहाल निकिता सिंघानिया और उसका परिवार पुलिस की हिरासत में है.
एन्क्रिप्टेड होते हैं WhatsApp कॉल
माना जा रहा है कि WhatsApp कॉल के एन्क्रिप्टेड रहने की बात निकिता सिंघानिया को पता थी. इसकी वजह से वह कॉल के लिए इसका ही इस्तेमाल कर रही थी. लेकिन, एक कॉल ने उसकी लोकेशन उजागर कर दी और वह पुलिस के हत्थे चढ़ गई.
आपको बता दें कि नॉर्मल कॉल को ट्रैक कर पुलिस किसी का भी लोकेशन पता कर सकती है. इसके लिए वह दो-तीन तरीकों का इस्तेमाल करती है. इसके लिए सबसे कॉमन सेल टावर का इस्तेमाल कर लोकेशन का पता करना है. फोन को मिलने वाली तीन सेल टावर के रेडिया सिग्नल की मदद से मोबाइल की सटीक लोकेशन के बारे में पता लगाया जाता है.
Sudhanshu Shubham सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है.
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