जब भी कोई नया ब्रांड हेडफोन मार्केट में अपने कदम रखता है, तो सबसे पहले यह सवाल मन में आता है कि इनको क्या जरूरत पड़ी थी। अभी तक के लिए GM Modular का नाम सुनते ही दिमाग़ में घर की दीवारों पर लगे स्विच और सॉकेट आते थे, अभी भी हेडफोन आदि इस लिस्ट में नहीं था। इसके अलावा जब बॉक्स पर ध्यान दिया तो इसपर Brand of the Year 2025-26 और reddot winner 2024-25 जैसे टैग्स को देखकर इस ब्रांड से यह पढ़ते ही मेरी उम्मीदें ज्यादा बढ़ गई। अब क्या था इन्हीं उम्मीदों के साथ मेरे इस नए हेडफोन को इस्तेमाल करना शुरू किया, जो बाजार में अभी कुछ समय पहले ही आया है।
तो पिछले दस दिन इसे कानों पर टिकाए रखा है, सुबह की सैर से लेकर, ऑफिस तक के रास्ते में और, ऑफिस जाने के बाद कॉल्स आदि के अलावा, रात में 90’s के सॉन्ग्स सुनते तक मैंने इसे इस्तेमाल किया है। इस इस्तेमाल के बाद आपको मैं अपना अनुभव बताने जा रहा हूँ। क्या 1,799 रुपये के प्राइस में यह डिवाइस एक दमदार डिवाइस माना जा सकता है, या कंपनी की कोशिश बेकार हो गई है। आइए जानते हैं कि आखिर कैसा GM G+ हेडफोन। हालांकि, इसके पहले कि ज्यादा जानकारी सामने आए, आइए इसके स्पेसिफिकेशन्स पर एक नजर डाल लेते हैं।
बॉक्स खोलते ही सबसे पहली चीज़ जो ध्यान खींचती है, वह है इसका बेज कलर। यह देखने में प्रीमियम है, बेहद ही हल्का है, और ना ज्यादा फ्लैशी है और न ही ज्यादा फीका लगता है। मुझे पहली नजर में यह काफी पसंद आया है। इसे मैं डेली इस्तेमाल के लिए परफेक्ट मान रहा हूँ। हाथ में लेते ही एक बात मन में आई, इतना महँगा तो नहीं लग रहा है, लेकिन इसके बाद भी अच्छा है। अगले कुछ दिनों में यह पहला इंप्रेशन बार-बार सही साबित हुआ।
ईयर कुशन को छूते ही अंदाज़ा हो गया कि यह लंबे समय तक तो नहीं चलने वाले हैं, लेकिन कुछ दिनों तक तो आप इन्हें इस्तेमाल कर सकते हैं, अब क्योंकि सर्दियाँ शुरू होने वाली हैं, तो यह लंबे समय चल जाने वाले हैं, लेकिन अगर भीषण गर्मी में AC के बाहर आप इन्हें इस्तेमाल करते हैं तो यह कुछ ही दिन में आपका साथ छोड़ सकते थे। हालांकि, यह काफी सॉफ्ट हैं, तो इन्हें लंबे समय के लिए इस्तेमाल में लेने पर भी आपको परेशानी नहीं होती है। पहले ही दिन तीन घंटे लगातार पहनने के बाद भी कान पर कोई प्रेशर महसूस नहीं हुआ, हालांकि, मुझे इस तरह के डिवाइस की आदत नहीं है, लेकिन इसके बाद भी मुझे ज्यादा कुछ परेशानी नहीं हुई। आप इसकी लंबाई एडजस्ट कर सकते हैं और अपने अनुसार इसे सेट कर सकते हैं।
एक चीज़ जो शुरुआत में ही पसंद आ गई, यह फोल्ड हो जाता है। इसे रोज बैग में डालकर ऑफ़िस ले जाना बेहद ही आसान है, क्योंकि यह फोल्ड होकर छोटा हो जाता है। ऐसे में इसे छोटी जगह में भी रखा जा सकता है। अब इसे अगर छोटी सी बात भी कभी जाए तो भी यह बड़े काम की लग रही है। एक बात साफ कह दूँ, जॉइंट्स पूरी तरह प्लास्टिक के हैं, कोई मेटल नहीं। अगर आदत है चीज़ों को केयरलेस तरीक़े से रखने की, तो आपको इसे थोड़ा संभलकर इस्तेमाल करना होगा।
पहले दो दन तो नए गानों पर टेस्ट किया, कुछ फास्ट बीट वाले बॉलीवुड ट्रैक, कुछ हल्का-फुल्का म्यूज़िक। ऐसे में बेस का असर तुरंत महसूस हुआ। GM ने इसे Pure Bass कहा है, और मुझे लगता है कि कंपनी का यह क्लेम गलत नहीं है। 40mm ड्राइवर अपना काम ईमानदारी से करते हैं।
असली टेस्ट तब हुआ जब तीसरी शाम मैंने अपनी पुरानी प्लेलिस्ट निकाली, 90’s के वही सुहाने म्यूजिक से सराबोर बेहतरीन गाने। Kuch Kuch Hota Hai का टाइटल ट्रैक बजते ही बेस ने अच्छा साथ दिया, कोई शिकायत नहीं मिली। मगर जब कुमार सानू की आवाज़ आई, तो कुछ कमी सी महसूस हुई, वह जो बारीक़ वाइब्रेशन उनकी आवाज़ में होता है, वह पूरी तरह उभर कर नहीं आया। यह देखकर और यहीं पर मुझे निराशा होना शुरू हो गई, ऐसे में मुझे लगता है कि अगर कंपनी इसके अगले वर्जन पर जाती है तो उसमें इस कमी को दूर करने की कोशिश कंपनी को करनी चाहिए।
इसके बाद नंबर Tanha Tanha गाने का आया, उसमें जो सितार और बाँसुरी की लेयर्स हैं, वे इस हेडफोन में थोड़ी दबी हई सुनाई दीं। ऐसा नहीं कि गाना बुरा लगा, बस वह डेप्थ नहीं मिली जो एक बैलेंस्ड साउंड सिग्नेचर देता है। यहाँ मुझे यह समझ में आ गया कि इस प्राइस में बारीकी नहीं मिलने वाली है, हालांकि अगर मस्ती वाला म्यूजिक सुनना है और सब कुछ नजरंदाज करना है तो यह बढ़िया है। इसमें ट्रेबल कंट्रोल्ड मिलते हैं, ऐसे में कानों को तकलीफ़ नहीं होती, पर उस दौर के गानों की जो मिठास थी, वह थोड़ी अधूरी लग रही थी।
कॉलिंग के दौरान बातचीत की बात करें तो ऑफ़िस की तीन-चार कॉल इसी पर लीं, वॉइस क्लियर आई, दूसरी तरफ़ वाले को भी कोई शिकायत नहीं हुई। वॉइस कंट्रोल की सुविधा भी दी गई है, जिससे कॉल उठाना और म्यूज़िक बदलना आसान हो जाता है।
धीरे धीरे इस्तेमाल करते हुए कुछ बातें साफ़ हो गईं। Bluetooth 5.4 का कनेक्शन पूरे हफ़्ते एक बार भी नहीं टूटा, किचन से बेडरूम तक, दीवार के आर-पार भी आसानी से कनेक्टिविटी मिल रही थी। एक दिन लैपटॉप और फ़ोन दोनों से एक साथ जोड़कर देखा, यह डुअल पेयरिंग सच में सुविधाजनक निकली, मीटिंग लैपटॉप पर चल रही थी और नोटिफ़िकेशंस फ़ोन पर आ रहे थे। यह मुझे काफी अच्छा फीचर लगता है जो आजकल लगभग लगभग हर हेडफोन में आने लगा है।
इस हेडफोन के साथ एक चीज़ सबसे ज़्यादा सरप्राइज़ करने वाली रही, वह है FM रेडियो और SD कार्ड की सुविधा। एक दिन पुराने गानों से भरा SD कार्ड डालकर इसे टेस्ट करने का मन किया, बिना किसी इंटरनेट के, सीधा किशोर कुमार और लता मंगेशकर के गाने बजने लगे और कॉलेज की कई पुरानी यादें भी ताज़ा हो गई। इस प्राइस पर यह फ़ीचर मिलना अपने आप में एक बड़ी बात है, चार तरीक़ों से सुनने का ऑप्शन इसमें आपको मिल जाता है, यानि इसमें Bluetooth, AUX, SD कार्ड, FM रेडियो आदि का सपोर्ट एक साथ मिल जाता है, इस प्राइस में आपको यह सब एक साथ शायद ही किसी अन्य हेडफोन में मिलेगा, और अगर मिलता भी है तो आपको ऐसा हेडफोन तलाशना पड़ेगा। असल में, इंसानी के साथ साथ स्मार्टफोन्स और हेडफोन्स की भीड़ भी हमारे देश में बढ़ती जा रही है।
बॉक्स पर साफ़-साफ़ लिखा है, 70 घंटे तक की बैटरी और 35 घंटे टॉक टाइम। पूरे हफ़्ते इस्तेमाल करने के बाद कह सकता हूँ कि यह क्लेम हवा-हवाई तो नहीं है, लेकिन यह हेडफोन इतना भी नहीं चलता है जितना क्लेम किया जा रहा है। हाँ, इतना जरूर है कि एक बार चार्ज करने पर यह लंबे समय के लिए काम कर सकता है। मुझे हर दिन 3 घंटे के इस्तेमाल में इसे हफ्ते में 3 बार चार्ज करना पड़ा था। हालांकि, कंपनी का क्लेम पूरी तरह सही नहीं हुआ है, लेकिन इतना भी किसी हेडफोन की बैटरी का चलना इंप्रेसिव कहा जा सकता है।
नॉइज़ कैंसिलेशन की सुविधा इसमें नहीं मिलती है। एक दिन क्राउडेड मार्केट से गुज़रते हुए इस्तेमाल किया, तो बाहर की आवाज़ें साफ़ सुनाई देती रहीं। ओवर-ईयर डिजाइन से थोड़ी राहत ज़रूर मिलती है, पर ऐसा भी नहीं है कि आपको पूरी की पूरी आवाज़ें ही सुनना बंद हो जाती हैं। जॉइंट् पूरी तरह प्लास्टिक के हैं। एक बार फोल्ड करते समय हल्की सी आवाज़ आई जिससे थोड़ा डर लगा कि कहीं टूट न जाए। लेकिन कुछ हुआ नहीं, पर संभल के रखने की आदत डालनी होगी, तभी लंबे समय के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
हाई-एंड कोडेक नहीं मिलेंगे। aptX या LDAC नहीं मिलेंगे, इसलिए अगर बारीक़ी से सुनने की आदत है, तो यह हेडफोन शायद एक्सपेक्टेशंस पर खरा न उतरे। IPX रेटिंग का ज़िक्र बॉक्स पर है, पर एग्ज़ैक्ट नंबर नहीं दिया गया है। इसलिए हल्के पसीने से तो प्रोटेक्शन मिल जाएगी, पार्क में पसीने आने पर मैंने इसी IPX रेटिंग न पता होने के कारण इसे उतार ही लिया था। शायद इसी कारण मुझे सही डिटेल्स भी नहीं मिल पाई हैं, हालांकि, मुझे इसे इस्तेमाल करते रहना चाहिए था, जिससे स्थिति साफ ही हो जाती। मेरी एक सलाह है कि आप इसे पानी आदि में इस्तेमाल न ही करें।
अगर डेली कम्यूट करते हैं, SD कार्ड में पुराने ज़माने के गाने भरके रखते हैं, FM या Bluetooth दोनों चाहते हैं, बजट में रहना चाहते हैं, और लंबी बैटरी लाइफ़ प्रयोरिटी है, तो यह हेडफोन बिल्कुल आपके लिए बना है। लेकिन अगर नॉइज़ कैंसिलेशन ज़रूरी है, या 90s के गानों की हर बारीक़ी को पूरी तरह महसूस करना चाहते हैं, तो थोड़ा और बजट बढ़ाना होगा।
इतने दिन साथ रहने के बाद इस हेडफोन के लिए एक अजीब सी आदत सी बन गई है। यह Sony या Bose नहीं है, और होने का क्लेम भी नहीं करता। लेकिन जो डेली यूज़ का, बजट में रहने वाला, फिर भी फीचर से भरपूर हेडफोन चाहते हैं, उनके लिए GM G+ एक सॉलिड ऑप्शन निकला।
FM रेडियो, SD कार्ड, डुअल पेयरिग, फोल्डेबल डिज़ाइन, और एक हफ़्ते तक चलने वाली बैटरी, यह कॉम्बिनेशन इस प्राइस पर आसानी से नहीं मिलता। हालांकि, MRP 3,299 रुपये है, लेकिन इसे 1,799 रुपये (Amazon India) में खरीदा जा सकता है। अब अगर आपको नॉइज़ कैंसिलेशन या हई-एंड साउंड क्वालिटी चाहिए, तो थोड़ा और ख़र्च करके आप किसी अन्य ब्रांड तक भी जा सकते हैं।
आर्टिकल में AI से निर्मित इमेज इस्तेमाल हुई है।
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