वंदे भारत एक्सप्रेस से सफर करने वालों के लिए एक अच्छी खबर सामने है। भारतीय रेलवे की टिकटिंग, कैटरिंग और पर्यटन सेवाएं चलाने वाली IRCTC ने यात्रियों के लिए एक नई सुविधा लागू की है। नए प्रावधान के तहत अगर किसी वंदे भारत एक्सप्रेस को यात्रा के दौरान दो घंटे या उससे ज्यादा की देरी होती है, तो ऐसे यात्री जिन्होंने टिकट बुक करते समय खाने का विकल्प चुना था, उन्हें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के मुफ्त खाना उपलब्ध कराया जाएगा।
यह सुविधा सभी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों पर लागू कर दी गई है। इसमें गोरखपुर–पाटलिपुत्र–गोरखपुर और जोगबनी–दानापुर वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें भी शामिल हैं, जो मुजफ्फरपुर जंक्शन होकर गुजरती हैं।
IRCTC के अनुसार, अगर यात्रा के दौरान ट्रेन निर्धारित समय से दो घंटे या उससे ज्यादा लेट हो जाती है, तो टिकट बुकिंग के समय मील ऑप्शन चुनने वाले यात्रियों को मुफ्त में खाना दिया जाएगा। इस सुविधा के तहत यात्रियों को चावल, दाल और अचार उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे पैंट्री कार से सीधे उनकी सीट तक पहुंचाया जाएगा। अगर किसी वजह से चावल, दाल और अचार उपलब्ध नहीं हो पाते हैं, तो यात्रियों को उसकी जगह पैकेज्ड फूड दिया जाएगा।
इस नई व्यवस्था का लाभ मुजफ्फरनगर, बापू धाम मोतिहारी, हाजीपुर, समस्तीपुर, सलौना, हसनपुर रोड और सहरसा जैसे स्टेशनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को भी मिलेगा। ये यात्री अक्सर गोरखपुर–पाटलिपुत्र–गोरखपुर और दानापुर–जोगबनी वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिए पटना और कोसी क्षेत्र की ओर सफर करते हैं।
IRCTC इससे पहले राजधानी, दुरंतो और शताब्दी एक्सप्रेस के यात्रियों के लिए भी ट्रेन में देरी होने की स्थिति में मुफ्त खाना उपलब्ध कराने की व्यवस्था लागू कर चुका है।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए IRCTC समय-समय पर नई सेवाएं, नियम और रेल मार्गों से जुड़े फैसले लागू करता रहता है।
सोमवार को IRCTC ने एक और अहम घोषणा करते हुए बताया कि ईस्ट कोस्ट रेलवे के 631 रूट किलोमीटर (RKm) नेटवर्क पर ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली लगाने को मंजूरी दे दी गई है। इस प्रोटेक्ट पर करीब 270 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। रेलवे सुरक्षा को स्वदेशी तकनीक के जरिए और मजबूत बनाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह प्रोजेक्ट ईस्ट कोस्ट रेलवे के छह प्रमुख सेक्शंस को कवर करेगी। इनमें बाघुआपाल–बुढ़ापंक, हरिदासपुर–पारादीप, खुर्दा रोड (KUR)–बलांगीर, नौपाड़ा–गुनुपुर, लांजीगढ़ रोड–जूनागढ़ और बोब्बिली–सलूर सेक्शन शामिल हैं।
इसी महीने की शुरुआत में IRCTC ने अवैध ई-कैटरिंग सेवाओं पर कार्रवाई शुरू की थी। खाद्य सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़ी बढ़ती चिंताओं को देखते हुए रेलवे की टिकटिंग एजेंसी ने ऐसे 14 पोर्टल और प्लेटफॉर्म के खिलाफ अभियान चलाया, जो IRCTC के नाम और ब्रांड का गलत इस्तेमाल कर रहे थे।
IRCTC का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए अस्वच्छ परिस्थितियों में खाना तैयार किया जा रहा था। साथ ही, डिलीवरी स्टाफ और रसोई कर्मचारियों की अनिवार्य मेडिकल जांच भी नहीं कराई जा रही थी। इसके अलावा कई अनधिकृत विक्रेता ऐसा खाना सप्लाई कर रहे थे, जो FSSAI के स्वच्छता मानकों का पालन नहीं करता था। इस अभियान का उद्देश्य यात्रियों के स्वास्थ्य, डेटा सुरक्षा और रेलवे की सेवा गुणवत्ता को सुरक्षित रखना है।
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