ऐसा कई बार होता है फोन पर किसी का कॉल आते ही असमंजस की स्थिति बन जाती है, फोन उठाने वाला इस सोच में पड़ जाता है कि सामने वाला आपको किस कारण से कॉल कर रहा है, यह कौन है और कहाँ काम करता है। यह पता ही नहीं चल पाता कि आखिर यह व्यक्ति जो कॉल कर रहा है, वह काम कहाँ करता है। असल में, ऑफिस, बिजनेस, हायरिंग या क्लाइंट्स से जुड़ी कॉल्स में सिर्फ कॉलर का नाम देखकर यह अंदाजा लगाना नामुमकिन होता है कि फोन करने वाला किस कंपनी या पद पर काम करता है, या इसका संबंध है।
इसी समस्या को हल करने के लिए या ऐसा भी कह सकते हैं कि आपको यह बताने के लिए कि जो आपको कॉल कर रहा है, वहाँ कहाँ काम करता है, एक दमदार फीचर Truecaller प्लेटफॉर्म में जोड़ दिया गया है। कंपनी ने LinkedIn के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस नए इंटीग्रेशन के बाद अब कॉलर आईडी स्क्रीन पर यूजर के नाम और फोटो के साथ-साथ उसकी लिंक्डइन से वेरिफाइड प्रोफेशनल जानकारी भी नजर आने वाली है। इसका मतलब है कि अब आपको पता चलने वाला है कि जो आपको कॉल कर रहा है, वह किस कंपनी ने और इस समय किस पद पर काम करता है।
इस नए फीचर की मदद से यूजर्स अब अपने ट्रूकॉलर प्रोफाइल पर अपना जॉब टाइटल और कंपनी का नाम दिखा सकेंगे। यदि लिंक्डइन पर आपकी प्रोफाइल पहले से वेरिफाइड है, तो ट्रूकॉलर की कॉलर आईडी पर भी आधिकारिक ‘वेरिफिकेशन सिग्नल’ दिखेगा। इसके अतिरिक्त, कॉल स्क्रीन पर दिखने वाली प्रोफाइल से सीधे उस व्यक्ति के लिंक्डइन अकाउंट पर भी जाने की सुविधा मिलेगी। फिलहाल यह सेवा एंड्रॉयड यूज़र्स के लिए रोलआउट की जा रही है, जबकि आईफोन (iOS) यूज़र्स को यह फीचर आने वाले समय में मिल जाने की संभावना है। हालांकि, गोपनीयता का ध्यान रखते हुए कंपनी ने इसे पूरी तरह ऑप्शनल रखा है, यानी यूजर अपनी मर्जी से ही लिंक्डइन प्रोफाइल को लिंक कर सकते हैं। कंपनी खुद से ऐसा नहीं करने वाली है।
यह नया फीचर उन प्रोफेशनल्स, फ्रीलांसर्स और कारोबारियों के लिए बेहद मददगार होने वाला है, जिन्हें रोजाना दर्जनों नए रिक्रूटर्स, क्लाइंट्स, वेंडर्स और सेल्स एग्जीक्यूटिव्स की कॉल्स आती हैं। अब किसी नए नंबर से घंटी बजते ही स्क्रीन पर यह साफ हो जाएगा कि कॉल करने वाला किसी बड़ी कंपनी का एचआर है, कोई नया क्लाइंट है या फिर कोई सर्विस प्रोवाइडर आपको कॉल कर रहा है। इससे जरूरी बिजनेस कॉल्स को मिस होने से बचाया जा सकेगा और अनचाहे कॉल्स को फिल्टर करना भी बेहद आसान हो जाने वाला है।
नए यूज़र्स की सहूलियत के लिए ट्रूकॉलर ने ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया को भी पहले से फास्ट कर दिया है। अब प्लेटफॉर्म पर साइन-अप करते समय ‘लॉगिन विद लिंक्डइन’ (Login with LinkedIn) का ऑप्शन आने वाला है। इस ऑप्शन का चुनाव करते ही यूजर का पूरा नाम, प्रोफाइल पिक्चर, डेजिग्नेशन और कंपनी की जानकारी सीधे लिंक्डइन से ऑटो-फेच होकर ट्रूकॉलर प्रोफाइल में सेट हो जाएगी। इससे यूज़र को बार-बार अपनी प्रोफाइल डिटेल्स मैनुअली भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी और कॉलर आईडी तुरंत प्रोफेशनल आइडेंटिटी के साथ तैयार हो जाने वाली है।
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