देशभर में NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 ने अपनी नई वेब सीरीज ‘The Scam: Leaked’ का टीजर जारी कर दिया है। करीब एक मिनट का यह टीजर उस विवाद से प्रेरित नजर आता है, जिसने देश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और लाखों छात्रों के भविष्य को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी है।
टीजर की शुरुआत एक हाई-सिक्योरिटी प्रिंटिंग प्रेस से होती है, जहां मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा के गोपनीय प्रश्नपत्र कड़ी निगरानी के बीच छापे जा रहे हैं। इसके बाद प्रश्नपत्रों को “Confidential” लिखे लिफाफों में सील कर बॉक्स में पैक किया जाता है और उन्हें अपनी जगह तक पहुंचाने के लिए वाहन में लोड किया जाता है।
इसके बाद कहानी अचानक नया मोड़ लेती है। एक व्यक्ति गुप्त रूप से प्रश्नपत्र की कॉपी दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाता है। फिर इन पेपरों की तस्वीरें लेकर उन्हें ऑनलाइन चैट के जरिए तेजी से शेयर किया जाता है, जिससे पेपर लीक की घटना सामने आती हुई दिखाई जाती है।
टीजर में पेपर लीक की खबर फैलने के बाद छात्रों की निराशा और गुस्से को भी दिखाया गया है। कई सीन ऐसे हैं, जिनमें कैंडिडेट बताते हैं कि सालों की मेहनत और तैयारी परीक्षा प्रणाली में कथित भ्रष्टाचार की वजह से प्रभावित हो गई।
वीडियो इस बात को भी उजागर करता है कि निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा पर निर्भर छात्रों को इस तरह की घटनाओं के कारण मानसिक तनाव, उतार-चढ़ाव और भविष्य को लेकर चिंता का सामना करना पड़ता है।
टीजर साझा करते हुए ZEE5 ने सोशल मीडिया पर लिखा, “One paper. Millions of dreams. One leak. A nation in disbelief. The Scam: Leaked, Coming Soon on Zee5!” (एक पेपर, लाखों सपने, एक लीक और अविश्वास में डूबा पूरा देश। यह वेब सीरीज जल्द ही ZEE5 पर स्ट्रीम की जाएगी!)
इस वेब सीरीज का टीजर ऐसे समय में सामने आया है, जब NEET-UG पेपर लीक का मामला अभी भी देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस विवाद के चलते कई जगह विरोध प्रदर्शन हुए हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं। पिछले कुछ वर्षों में भी प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं के कारण कई भर्ती और एंट्रेंस परीक्षाओं को रद्द या स्थगित करना पड़ा है।
वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक इस मामले को लेकर 20 दिनों से अधिक समय से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और इस विवाद से जुड़े कथित छात्र आत्महत्या मामलों के पीड़ित परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा संसद के मानसून सत्र के पहले दिन “चलो संसद” अभियान के तहत हजारों प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च करते हुए भी नजर आए।
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