अगर केवल और केवल भारत के बाजार को देखा जाए तो ऐसा लग सकता है कि Nothing स्मार्टफोन कंपनी एकमात्र ऐसी कंपनी है जो देश में तेजी से अपनी बढ़त बना रही है और बड़ी तेजी से बढ़ते स्मार्टफोन ब्रांड बनने की दिशा में है। आँकड़े देखें जाएँ तो भारत में इसकी स्थिति को अच्छा भी माना जा सकता है। असल में, Counterpoint Research के अनुसार Q2 2026 में कंपनी ने Year-on-Year 105% की ग्रोथ को दर्ज किया है, अगर इस आँकड़े को बारीकी से देखा जाए तो ऐसा माना जा सकता है कि इसके पीछे Nothing Phone 4a Series के अलावा IPL 2026 में Royal Challengers Bengaluru की Title Sponsorship है। हालांकि, भारत के बाहर स्थिति कुछ और ही नजर आ रही है।
Digit को कई सूत्रों की ओर से मिली जानकारी के अनुसार जहाँ एक ओर इंडिया के बाजार में Nothing बड़ी तेजी से बढ़त बनाता नजर आ रहा है। वहीं, दूसरी ओर कंपनी दुनिया भर में अपने अपने बिजनेस को समेटने की तैयारियां कर रही है। जानकारी के अनुसार, कंपनी अपने स्टाफ में कटौती कर रही है, और Internal Financial Strain से भी जूझ रही है। दूसरे शब्दों में ऐसा कहा जा सकता है कि स्थिति इस समय इतनी गंभीर है कि कंपनी अगले कुछ हफ्तों में 12 से ज्यादा देशों से बाहर निकलने की योजना बना रही है।
Digit को मिली जानकारी के अनुसार Nothing 12 से ज्यादा ग्लोबल देशों में अपने काम को बंद करने की योजना पर काम कर रही है। इनमें Middle East, Japan और Europe के कई देश हैं। इसके साथ ही कंपनी अपने Global Headcount यानि स्टाफ को भी लगभग लगभग 40% तक कम करने वाली है। Nothing का R&D Unit, जो China और London के बीच 70:30 के अनुपात में बंटा हुआ है, वहाँ भी बड़े स्तर पर Layoffs हो रही हैं, China में करीब 50% और London में 30 से 40% के आसपास स्टाफ को कम कर दिया गया है।
Nothing Phone (4b) के लॉन्च के बाद ऐसा मना जा रहा था कि इस फोन की सेल अच्छी होने वाली है, इंडिया में तो फोन की अच्छी खासी बिक्री हुई है, लेकिन ग्लोबल लेवल पर फोन के केवल 20,000 यूनिट्स ही सेल हुए, जबकि दूसरी ओर Nothing Phone (4a) और Phone (4a) Pro मिलाकर करीब 1,50,000 यूनिट्स के आँकड़े को छू पाए थे। अगर 2025 के आंकड़ों की बात करें तो Nothing ने करीब 20 लाख यूनिट्स ग्लोबली सेल किए थे, लेकिन 2026 में उम्मीद के मुताबिक सेल नहीं हुई। इसके पीछे के कारण को अगर देखा जाए तो यह Counterpoint Research में सामने आ जाता है, आँकड़ें कहते हैं कि सितंबर 2025 से मेमोरी की कीमतें लगभग लगभग चार गुना के आसपास बढ़ी, ऐसा होने से फोन्स की कीमतों में भी इजाफा हुआ, ऐसा होने से जाहिर तौर पर फोन्स की सेल बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई हैं। फोन्स के महंगे होने के कारण इनकी डिमांड सीधे तौर पर घटी है। जाहिर है कि यह दबाव ग्लोबल स्मार्टफोन्स ब्रांडस पर पड़ा है, और नथिंग भी इससे अछूता नहीं रह पाया है।
Nothing के सब-ब्रांड यानि CMF को देखा जाए तो यह कंपनी शुरुआत से ही 30,000 रुपये से कम कीमत वाले फोन्स पर फोकस करती आई है, लेकिन 2026 के लिए CMF का कोई नया स्मार्टफोन अभी तक प्लान्ड नहिजन है। Nothing के Co-Founder Akis Evangelidis ने खुद इसे कंफर्म करते हुए कहा है कि, “हम एक सक्सेसर पर काम कर रहे थे, लेकिन मेमोरी की कीमतें इस लेवल पर जा चुकी हैं कि हम CMF के लिए उसी प्राइस पर एक नए फोन के लिए कोई स्टेप नहीं उठा सकते हैं।”
CMF की पूरी पहचान ही 20,000 रुपये से कम के सेगमेंट में अच्छे डिजाइन के साथ दमदार फीचर और हार्डवेयर आदि पर टिकी है और Counterpoint के अनुसार यही सेगमेंट अकेले Q2 2026 में 45% Year-on-Year गिरा है। मेमोरी की कीमतों ने इस सेगमेंट की एकोनॉमिस को ही हिलाकर कर रख दिया है। इसी कारण शायद CMF 2026 में कोई नया फोन नहीं ला रहा है। कंपनी जिस फोन को लाने वाली थी, उसे कंपनी ने Nothing में शिफ्ट कर दिया है। इस समय CMF एक ऐसा ब्रांड बन चुका है, जिसके पास कोई हीरो प्रोडक्ट नहीं है।
Himanshu Tandon, जिन्होंने CMF को किफायती सेगमेंट में एक Challenger Brand के तौर पर खड़ा किया था, वो अब कंपनी छोड़ चुके हैं। उनका जाना और प्रोडक्ट फ्रीज़, दोनों मिलकर CMF के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुके हैं। अब यह देखना बाकी है कि 2026 में कंपनी किस तरह से सरवाइव करती है?
Counterpoint के डेटा में एक जरूरी फूटनोट को भी देखा जा सकता है, जो कहता है कि Nothing का 105% Growth Figure CMF को शामिल नहीं करता, जो 2025 में एक अलग Entity के तौर पर अलग हो गई थी। जो भी ग्रोथ नोट की जा रही है, वह केवल और केवल Nothing Brand की है, और यह खासतौर पर Phone (4a) सीरीज से मिली है। आंकड़ों को बारीकी से देखा जाए तो यह भारत के मिड-रेंज सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा करने वाले किसी ब्रांड के लिए एक बहुत छोटा यूनिट है, वो भी ऐसे वक्त में जब ग्लोबल बाजारों में टोटल शिपमेंट बेहद ज्यादा गिरावट दर्ज कर रही है।
Nothing ने भारत में इस माहौल को बाकियों से बेहतर तरीके से नेविगेट किया है, यह फायदा कंपनी को प्रीमियम हार्डवेयर डिजाइन, RCB के साथ Association और कंपनी के लॉयल ग्राहकों के कारण हुआ है। हालांकि, 105% की ग्रोथ भी Year-on-Year ज्यादा अच्छी नहीं कही जा सकता है, इसके बाद भी कंपनी इंडिया में एक मजबूत स्थिति में है लेकिन ग्लोबल बाजार में अब कंपनी के हाल बुरे हो चुके हैं।
इस समय कंपनी अपने रिसोर्सेज को कम बाजारों में, छोटी छोटी टीम्स के साथ और लिमिटेड प्रोडक्ट स्कोर पर ज्यादा ध्यान दे रही है। अब यहाँ असली सवाल यह है कि क्या भारत के इस मोमेंटम का असर ग्लोबल बाजार पर भी देखने को मिलने वाला है, क्या इसके साथ ग्लोबल बाजार में कंपनी समुद्र पार कर सकती है? इसका जवाब अगले दो Quarters में साफ होना शुरू हो सकता है। Digit ने इस मुद्दे को लेकर Nothing से कमेन्ट मांगा है, अभी के लिए कंपनी ने कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन जैसे ही जवाब आता है, हम आपको जरूर बताने वाले हैं।
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