कई स्मार्टफोन यूजर्स इस बात से परेशान रहते हैं कि ओरिजिनल फास्ट चार्जर इस्तेमाल करने के बाद भी उनका फोन पहले जैसी तेजी से चार्ज क्यों नहीं हो रहा. ज्यादातर लोग तुरंत चार्जर, USB केबल या बैटरी को खराब मान लेते हैं, जबकि कई बार इसकी असली वजह फोन में मौजूद एक स्मार्ट फीचर होता है, जिसे Adaptive Charging कहा जाता है. यह फीचर आजकल कई नए Android फोन्स में मिलता है और इसका मुख्य उद्देश्य बैटरी की हेल्थ को लंबे समय तक बेहतर बनाए रखना है. हालांकि, इसी की वजह से कई बार चार्जिंग स्पीड कम महसूस होने लगती है.
अडैप्टिव चार्जिंग दरअसल एक इंटेलिजेंट बैटरी कंट्रोल सिस्टम है, जो यूजर की रोजाना की चार्जिंग आदतों को समझकर काम करता है. उदाहरण के तौर पर अगर आप रोज रात में फोन चार्ज पर लगाते हैं और सुबह तक उसे प्लग में ही छोड़ देते हैं, तो फोन पहले तेजी से लगभग 80 प्रतिशत तक चार्ज होगा और फिर बाकी चार्ज धीरे-धीरे पूरा करेगा. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि बैटरी पर अतिरिक्त दबाव न पड़े और फोन ज्यादा गर्म न हो.
जब फोन की चार्जिंग अचानक स्लो हो जाती है तो ज्यादातर यूजर्स को लगता है कि फास्ट चार्जिंग सपोर्ट खत्म हो गया है या फिर चार्जर में दिक्कत आ गई है. लेकिन असल में कई मामलों में अडैप्टिव चार्जिंग ही बैकग्राउंड में चार्जिंग स्पीड को कंट्रोल कर रहा होता है. चूंकि यह फीचर जानबूझकर चार्जिंग को धीमा करता है, इसलिए लोगों को लगता है कि फोन में कोई तकनीकी समस्या आ गई है.
अगर आपका स्मार्टफोन जरूरत से ज्यादा धीरे चार्ज हो रहा है तो एक बार इसकी सेटिंग जरूर चेक करें. ज्यादातर एंड्राइड फोन्स में यह विकल्प इस तरह मिल सकता है:
अगर आप इसे बंद कर देते हैं, तो कई बार फोन फिर से पहले जैसी फास्ट चार्जिंग स्पीड देने लगता है.
टेक एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस फीचर को हमेशा के लिए बंद रखना बैटरी की उम्र पर असर डाल सकता है. दरअसल, लंबे समय तक बैटरी का 100 प्रतिशत चार्ज रहना उसकी क्षमता को धीरे-धीरे कम करता है. इसी वजह से स्मार्टफोन कंपनियां इसे डिफॉल्ट रूप से एक्टिव रखती हैं ताकि बैटरी लंबे समय तक बेहतर कंडीशन में बनी रहे.
अगर आपका फोन अचानक पहले से धीमा चार्ज होने लगे तो तुरंत नया चार्जर या केबल खरीदने की जरूरत नहीं है. सबसे पहले फोन की बैटरी सेटिंग में जाकर यह जरूर जांच लें कि अडैप्टिव चार्जिंग फीचर चालू तो नहीं. संभव है कि आपका फोन खराब न हो, बल्कि वह सिर्फ बैटरी को सुरक्षित रखने के लिए चार्जिंग स्पीड कम कर रहा हो.
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