भारत के लगभग हर घर में रात के समय बेडरूम, गलियारे या अन्य जगहों पर एक छोटा और हल्की रोशनी देने वाला बल्ब जलता हुआ दिखाई देता है, जिसे लोग आमतौर पर ‘Zero-Watt Bulb’ कहते हैं. यह बल्ब लगभग हर जगह देखने को मिल जाता है, लेकिन क्या यह वास्तव में शून्य बिजली की खपत करता है? आइए इस धारणा की सच्चाई जानते हैं.
बिल्कुल नहीं.
यदि कोई बल्ब रोशनी दे रहा है, तो वह बिजली की खपत जरूर कर रहा है. यह विज्ञान का एक सामान्य सिद्धांत है. इसलिए ऐसा कोई बल्ब नहीं होता जो बिना बिजली खर्च किए रोशनी दे सके.
इसके पीछे पुरानी आदतें और पुराने बिजली मीटर जिम्मेदार हैं. पहले घरों में एनालॉग बिजली मीटर लगाए जाते थे, जिनमें घूमने वाली डिस्क और सुई होती थी. ये मीटर बहुत कम बिजली खपत को ठीक तरह से दर्ज नहीं कर पाते थे. ऐसे में जब घर के पंखे, ट्यूब लाइट, टीवी और अन्य बड़े उपकरण बंद कर दिए जाते थे और केवल छोटा बल्ब जलता रहता था, तो मीटर की सुई बहुत कम या लगभग न के बराबर हिलती थी.
कई बार ऐसा लगता था कि मीटर की डिस्क बिल्कुल नहीं घूम रही है. यानी पहले लोगों ने मीटर को देखा तो सुई को लगभग शून्य पर पाया और यह मान लिया कि यह बल्ब बिना बिजली खर्च किए चल रहा है. यहीं से “Zero-Watt Bulb” नाम प्रचलित हो गया.
आज के समय में अधिकांश जगहों पर डिजिटल बिजली मीटर लगाए जा चुके हैं. ये मीटर बहुत कम बिजली खपत को भी दर्ज करने में सक्षम होते हैं. अब यदि आप तथाकथित Zero-Watt Bulb जलाते हैं, तो डिजिटल मीटर उसकी बिजली खपत को तुरंत रिकॉर्ड कर लेता है. इसका मतलब है कि ऐसे बल्ब की खपत भी आपके बिजली बिल में जुड़ती है. हालांकि यह खपत बहुत अधिक नहीं होती, लेकिन पूरी तरह शून्य भी नहीं होती.
पुराने प्रकार के Zero-Watt Bulb आमतौर पर 10 से 15 वॉट तक बिजली की खपत करते थे. कुछ बल्ब 5 वॉट तक की खपत करते थे, लेकिन उनकी खपत कभी भी शून्य नहीं होती थी. वहीं आधुनिक LED Zero-Watt Bulb पहले की तुलना में कहीं अधिक ऊर्जा दक्ष हैं. ये आमतौर पर 0.3 वॉट से 1 वॉट के बीच बिजली की खपत करते हैं. यह पुराने बल्बों की तुलना में काफी कम है, लेकिन फिर भी शून्य नहीं है.
यदि आपको रात के समय हल्की रोशनी की जरूरत होती है, तो LED Zero-Watt Bulb एक बेहतर विकल्प हो सकता है. ये बहुत कम बिजली की खपत करते हैं. इनकी उम्र भी काफी लंबी होती है. इसके अलावा ये बहुत कम गर्म होते हैं. ऐसे बल्ब रात में आवश्यक रोशनी उपलब्ध कराते हैं और बिजली बिल पर भी बहुत कम प्रभाव डालते हैं.
‘Zero-Watt Bulb’ वास्तव में सिर्फ एक प्रचलित नाम है, कोई तकनीकी माप नहीं. पुराने बल्ब आमतौर पर 5 से 15 वॉट तक बिजली की खपत करते थे, जबकि नए LED मॉडल आमतौर पर 1 वॉट से भी कम बिजली पर काम करते हैं. इसलिए अगली बार यदि कोई कहे कि Zero-Watt Bulb बिल्कुल मुफ्त में चलता है और बिजली की खपत नहीं करता, तो आपको इसकी वास्तविकता पता होगी.