अगर आप 2026 में नया AC खरीदने जा रहे हैं, तो एक आम कन्फ्यूजन जरूर सामने आता है. दो AC साथ रखे होते हैं, दोनों 1.5 टन इन्वर्टर मॉडल, फीचर्स लगभग एक जैसे, लेकिन एक की कीमत करीब 35,000 रुपये और दूसरे की 45,000 रुपये. यहीं से असली सवाल शुरू होता है कि अभी पैसे बचाएं या बाद में बिजली बिल में बचत करें.
अगर आपको लग रहा है कि पहले 5-स्टार AC अब 4-स्टार हो गए हैं, तो यह आपकी गलतफहमी नहीं है. Bureau of Energy Efficiency ने 1 जनवरी 2026 से नए नियम लागू किए हैं, जिससे स्टार रेटिंग के मानक और सख्त हो गए हैं. अब AC की रेटिंग ISEER (Indian Seasonal Energy Efficiency Ratio) के आधार पर तय होती है. जितना ज्यादा ISEER, उतनी कम बिजली खपत.
यही वजह है कि पुराने 5-स्टार AC अब एक स्टार नीचे दिख रहे हैं.
खरीदते समय 10,000 रुपये का अंतर बड़ा लगता है, लेकिन असली फर्क इस्तेमाल के बाद दिखता है. एक 3-स्टार 1.5 टन AC साल में करीब 1100 यूनिट बिजली खर्च करता है, जिसका बिल करीब 8,800 रुपये हो सकता है. वहीं 5-स्टार AC सिर्फ 750 यूनिट के आसपास खर्च करता है, जिससे सालाना बिल लगभग 6,000 रुपये तक रह सकता है.
यानि बाद के सालों में सीधा फायदा शुरू हो जाता है.
5-स्टार AC सिर्फ बिजली बचाने के लिए नहीं होते, बल्कि इनमें बेहतर टेक्नोलॉजी भी मिलती है.
जैसे:
ये AC लगातार ऑन-ऑफ होने के बजाय स्थिर कूलिंग देते हैं, जिससे रात में ज्यादा आराम मिलता है.
हर किसी के लिए 5-स्टार जरूरी नहीं है.
अगर:
तो 3-स्टार AC आपके लिए सही विकल्प हो सकता है.
अगर:
तो 5-स्टार AC लेना ज्यादा समझदारी है.
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