डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए, भारत सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को मॉडर्न और ट्रांसपेरेंट बनाने के लिए APAAR ID की शुरुआत की है। यह आईडी हर छात्र को दी जाने वाली एक यूनिक डिजिटल पहचान है, जो उनकी संपूर्ण शिक्षा से जुड़ी जानकारी को एक जगह सुरक्षित रखती है।
APAAR का फुल फॉर्म ‘ऑटोमेटेड पर्मानेंट अकैडमिक अकाउंट रजिस्ट्री’ है। यह एक तरह का डिजिटल अकाउंट होता है जिसे ‘अकैडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC) के तहत विकसित किया गया है। इसमें छात्र की शैक्षणिक यात्रा जैसे स्कूल/कॉलेज में दाखिला, पास की गई कक्षाएं, कोर्स क्रेडिट, प्रमाणपत्र और डिग्रियों की पूरी जानकारी डिजिटल रूप में स्टोर होती है।
APAAR ID का मुख्य उद्देश्य छात्रों के शैक्षणिक डेटा को डिजिटल और सुरक्षित बनाना है। इसके कई अहम लाभ हैं:
अगर आप APAAR ID बनवाना चाहते हैं तो इसकी प्रक्रिया आसान है:
APAAR ID के लिए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा कॉलेज, विश्वविद्यालय और स्किल डेवलपमेंट कोर्स करने वाले छात्र भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। ध्यान दें, अगर छात्र की उम्र 18 साल से कम है, तो APAAR ID बनाने के लिए माता-पिता या अभिभावक की सहमति आवश्यक होगी।
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