Social Media पर कोई वीडियो वायरल हो रहा है, लोग भी इस वीडियो को बिना किसी जांच पड़ताल के सच मान ले रहे हैं, इसके अलावा कुछ लोग चीनी ऐप्स को भारत के लिए बड़ा खतरा बता रहे हैं। असल में, कुछ दिन पहले एक ऐसा ही वीडियो सामने आया जिसमें दावा किया गया कि एक चीनी मोबाइल एप का इस्तेमाल करके ATM को बंद और फिर से शुरू किया जा रहा है। ऐसा ही कुछ, इसके कुछ दिन पहले e-rickshaw की बैटरी को बंद करने को लेकर जानकारी सामने आई थी, ऐसा भी कह सकते हैं कि यह एप एक रीमोट कंट्रोल के जैसे काम कर रहा है। इस वीडियो ने बैंकिंग सुरक्षा को लेकर तो चिंता पैदा की ही है, इसके अलावा चीनी ऐप्स के भारत के लिए आने वाले समय में खतरा होने की भी बात कही जानी शुरू हो गई है। हालांकि, दूसरी ओर साइबर सिक्युरिटी एक्सपर्ट इसे केवल और केवल एक गुमराह करने वाला वीडियो बता रहे हैं, क्योंकि उनका कहना है कि ATM इस तरह से काम करते ही नहीं है, ऐसा दिख रहा है। आइए जानते हैं कि क्या वाकई चीनी एप भारत के लिए खतरा हैं, या फिर व्यू के लिए लोग कुछ भी वीडियो शेयर कर रहे हैं।
Social Media पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक शख्स नजर आ रहा है, जिसके हाथ में एक मोबाइल फोन है, अब यह कौन सा एप इस्तेमाल कर रहे है, यह तो नजर नहीं आ रहा है, लेकिन वीडियो में यह देखा जा सकता है कि यह ATM को इसी एप से कंट्रोल कर रहा है। हालांकि, यह कौन सा एप है इसकी जानकारी मौजूद नहीं है, लेकिन देखने में यह कुछ जाना पहचाना ही लगता है, असल में, ऐसा कुछ अभी कुछ दिन पहले ई-रिक्शा के साथ देखा गया था, यह एप इसी के हिसाब से BAT BMS भी लग रहा है। यह एक Battery Management एप कहा जा सकता है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों में बैटरी के लिए होता है। यह ऐप्स या एप केवल उन वाहनों के लिए होते हैं, जो इस तकनीकी में फिट होते हैं। इनका मुख्य काम बैटरी लेवल को चेक करना और चार्जिंग आदि को कंट्रोल करना है। इसके अलावा इस एप से ज्यादा कुछ नहीं किया जा सकता है, कुलमिलाकर यह एप बैटरी की देखरेख के लिए होता है।
अब अगर इसे ई-रिक्शा से जोड़कर देखा जा रहा है तो इसे गलत ही कहा जाना चाहिए। वीडियो में जरूर ऐसा होता देखा जा सकता है, लेकिन यह वीडियो AI से निर्मित नहीं है, इसकी कौन गारंटी लेने वाला है। असल में, ATM इस तरह से काम करते ही नहीं हैं। यह बैंक के सिक्योर नेटवर्क से जुड़े होते हैं, इसके अलावा यह प्रोटेक्टेड स्पेशलाईस्ड सॉफ्टवेयर पर चलते हैं। ऐसे में ATM को किसी भी एप के द्वारा बाहर से ऑन-ऑफ नहीं किया जा सकता है। यह अपने आप में बेहद ही बचकाना लगता है, अगर ऐसा होता तो अभी तक तो देश के सभी ATM को बंद कर दिया जाता और हंगामा मच गया होता है।
कुछ एक्स्पर्ट्स की मानें तो साफ तौर पर कहा है कि किसी भी एक नॉर्मल एप से ATM को रीमोट के जैसे ऑन-ऑफ करना संभव ही नहीं हजाई। हो सकता है कि ATM उस समय री-बूट प्रोसेस से गुजर रहा हो और इस दौरान ही किसी व्यक्ति ने इस वीडियो का निर्माण कर लिया हो। इसके अलावा यह भी संभवत: हो सकता है कि यह वीडियो AI से निर्मित किया गया हो? हालांकि, कभी कभी मशीन मैनटेनेंस सॉफ्टवेयर अपडेट या किसी ग्लिच को ठीक करने के लिए अक्सर री-स्टार्ट होती रहती है। ऐसा इसलिए भी कहा जा सकता है क्योंकि अभी तक Bank या किसी भी Financial Institution ने इस वीडियो से जुड़े किसी सिक्युरिटी ब्रीच की किसी भी जगह पर कोई पुष्टि नहीं की है।
चीनी बैटरी ऐप्स को लेकर चिंता की शुरुआत अभी नई नई नहीं है, अभी कुछ समय पहले कुछ e-rickshaws को इस एप के माध्यम से वाकई रीमोट कंट्रोल के जैसे बंद किया जा रहा था। इसके बाद सरकार ने कदम उठाया और Ministry of Electronics and IT ने BAT-BMS जैसे ऐप्स को तुरंत प्रभाव से Google Play Store और App Store से हटवा दिया था, इसके बाद से इस एप को कोई भी डाउनलोड नहीं कर सकता है। हालांकि, बहुत से अन्य वर्जन आपको गूगल प्ले स्टोर पर इस नाम से मिल जाने वाले हैं। सरकार को इस ओर भी संज्ञान लेना चाहिए और इस तरह के सभी ऐप्स को बंद कर चाहिए।
एक्स्पर्ट्स का कहना है कि आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। Banks ATMs की सुरक्षा के लिए कई लेयर्स और एन्क्रिप्शन का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन फिर भी किसी भी अनजान एप से दूर रहना और viral वीडियो में दिखाई गई हर बात को सच न मानना समझदारी है। गलत जानकारी बहुत तेजी से फैलती है इसलिए किसी नए हैक के दावे को पहले वेरीफाई करना जरूरी है, अगर आपको भी यह वीडियो मिला है तो आपको इसे शेयर नहीं करना चाहिए।
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