ओटीटी की दुनिया में दर्शकों के पास मनोरंजन के अनगिनत विकल्प हैं। यहां न किसी खास दिन का इंतजार करना पड़ता है और न ही अपनी पसंद का कंटेंट देखने के लिए किसी तय समय का। जब मन चाहे, अपनी पसंदीदा फिल्म या सीरीज स्ट्रीम की जा सकती है। भारतीय ओटीटी कंटेंट भी अब लगातार नए विषयों और दिलचस्प कहानियों के साथ विस्तार कर रहा है। खास बात यह है कि अब मनोरंजन के लिए बड़ी-बड़ी कहानियों और गंभीर संघर्षों पर ही निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। आम परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी, रिश्तों की उलझनें और मजेदार किस्से भी दर्शकों को खूब पसंद आ रहे हैं। ऐसी ही कुछ सीरीज हैं, जिनमें फैमिली ड्रामा के साथ कॉमेडी का भरपूर तड़का और कहानी को दिलचस्प बनाने वाले कई ट्विस्ट देखने को मिलते हैं। आइए, जानते हैं इन सीरीज की कहानी और इनके खास प्लॉट ट्विस्ट के बारे में।
2019 में रिलीज़ होने वाली सीरीज़ गुल्लक एक पारिवारिक सीरीज़ है, इस शो की कहानी मिडिल क्लास परिवारों में आने वाली समस्याओं और परेशानियों पर आधारित है। सीरीज़ में पैसों को लेकर घर में होने वाली बातचीत या भाई-बहनों के बीच किसी छोटी सी बात पर हुआ झगड़ा अचानक एक बड़ी भावनात्मक कहानी का रूप ले लेता है, गुल्लक के मिश्रा परिवार ने दर्शकों को यह एहसास कराया कि कभी-कभी एक दिलचस्प कहानी के लिए घर से बेहतर कोई और जगह नहीं होती।
पंचायत एक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट अभिषेक त्रिपाठी (सचिव जी) की कहानी है, जो उत्तर प्रदेश के ‘फुलेरा’ गांव में पंचायत सचिव की नौकरी ज्वाइन करते हैं। पहले दो सीजन में वे ग्रामीण जीवन से तालमेल बिठाते हैं, दोस्तों से जुड़ते हैं और प्रधान जी की बेटी रिंकी के करीब आते हैं। वहीं तीसरे और चौथे सीजन में गांव की स्थानीय राजनीति भूषण और क्रांति देवी के विपक्षी गुट के कारण बेहद गरमा जाती है। पंचायत के चौथे सीजन के अंत में मंजू देवी चुनाव हार जाती हैं और विपक्षी क्रांति देवी की फुलेरा पंचायत चुनाव में जीत होती है। और फिर इसी बीच अभिषेक अच्छे अंकों से कैट (CAT) परीक्षा पास कर लेते हैं और रिंकी के सामने अपने प्यार का इजहार करते हैं।
दुपहिया’ वेब सीरीज बिहार के काल्पनिक गांव ‘धड़कपुर’ की कहानी है, जो पिछले 24 सालों से पूरी तरह अपराध-मुक्त होने का रिकॉर्ड बनाए हुए है। पहले सीजन में गांव को एक विशेष सरकारी ट्रॉफी मिलने वाली होती है, लेकिन एक शादी से ठीक पहले दहेज की मोटरसाइकिल (दुपहिया) चोरी होने से पूरा गांव उसे ढूंढने के मजेदार मिशन में लग जाता है। 1 अक्टूबर, 2026 को रिलीज हुए इसके दूसरे सीजन में गांव में मोबाइल टावर लगवाने और नई ग्रामीण चुनौतियों को लेकर सिचुएशनल कॉमेडी दिखाई गई है। गजराज राव और स्पर्श श्रीवास्तव अभिनीत यह सीरीज ‘पंचायत’ की तरह ही हल्के-फुल्के अंदाज में ग्रामीण भारत की झलक पेश करती है।
‘ये मेरी फैमिली’ एक बेहद लोकप्रिय मध्यमवर्गीय भारतीय परिवार की कहानी है, जो 90 के दशक की पुरानी यादों और पारिवारिक रिश्तों को जीवंत करती है। पहले सीजन में 12 वर्षीय हर्षु के नजरिए से ‘गुप्ता परिवार’ की गर्मियों की छुट्टियों और भाई-बहन की खट्टी-मीठी नोकझोंक को दिखाया गया है। सीजन 2, 3 और 4 से कहानी ‘अवस्थी परिवार’ पर केंद्रित हो जाती है, जहाँ रितिका और ऋषि के बड़े होने की उलझनों, सख्त मां और कूल पिता के साथ उनकी मजेदार बॉन्डिंग को दर्शाया गया है। 16 अगस्त, 2024 को आए इसके चौथे सीजन में मानसून के बैकड्रॉप पर स्कूल के किस्सों और रोज़मर्रा कि पारिवारिक चुनौतियों के बीच आपसी प्यार की एक मासूम झलक पेश की गई है।
‘होम शांति’ देहरादून के एक मध्यमवर्गीय जोशी परिवार की कहानी है, जो सालों तक सरकारी क्वार्टर में रहने के बाद आखिरकार अपना खुद का सपनों का घर बनाने का फैसला करता है। सुप्रिया पाठक (सरला जोशी) और मनोज पाहवा (उमेश जोशी) अभिनीत इस सीरीज में घर के निर्माण के दौरान आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों जैसे ठेकेदारों की मनमानी, बजट की कमी और सरकारी दफ्तरों के चक्करों को बेहद मजाकिया ढंग से दिखाया गया है। मकान के नक्शे और कमरों की पसंद को लेकर माता-पिता और उनके दो बच्चों के बीच की खट्टी-मीठी नोकझोंक पूरी कहानी को आगे बढ़ाती है। अंततः, तमाम पारिवारिक झगड़ों और भावनात्मक उतार-चढ़ाव के बाद यह परिवार एकजुट होकर अपने आशियाने के सपने को पूरा करता है, जो दर्शकों को एक आत्मीय और हल्की-फुल्की कॉमेडी का अहसास कराता है।
‘द आम आदमी फैमिली’ (The Aam Aadmi Family) एक मध्यमवर्गीय शर्मा परिवार की रोजमर्रा की जिंदगी, उनकी खुशियों और संघर्षों को दर्शाने वाली एक बेहद लोकप्रिय ड्रामा-कॉमेडी सीरीज है। पहले दो सीजन में एक सख्त लेकिन केयरिंग पिता (ब्रजेंद्र काला), बातूनी मां, मजाकिया दादी और दो बच्चों (सोनू और बॉबी) के बीच की आम घरेलू नोकझोंक को दिखाया गया है। तीसरे सीजन में बच्चों के बड़े होने, उनके करियर और शादी से जुड़े बड़े पारिवारिक फैसलों के बीच शर्मा परिवार का आपसी तालमेल और गहरा होता है। चौथे सीजन में नई पीढ़ी के आने, पुरानी और नई सोच के टकराव और जीवन के बदलते दौर में भी इस परिवार का एक-दूसरे के प्रति अटूट प्यार और एकता देखने को मिलती है, जो दर्शकों को गुदगुदाने के साथ-साथ बेहद भावुक भी करती है।
घर वापसी की कहानी बेंगलुरु में नौकरी से निकाले गए शेखर द्विवेदी (विशाल वशिष्ठ) की है, जो इस बात को छुपाकर अपने गृहनगर इंदौर लौट आता है। घर वापस आकर जब वह अपने माता-पिता और भाई-बहनों की रोजमर्रा की जिंदगी, उनके छोटे-मोटे संघर्षों और पारिवारिक रहस्यों से जुड़ता है, तो उसे आत्म-खोज का एक नया रास्ता मिलता है। कॉर्पोरेट दुनिया की अंधी दौड़ और छोटे शहर के अपनेपन के बीच के इस सफर में वह परिवार, रिश्तों और ‘घर’ के असली मायने को गहराई से समझता है।
यह भी पढ़ें: देसी कंपनी Lava ने इंडिया में लॉन्च किया डुअल डिस्प्ले वाला Aura Curve मोबाइल फोन..देखें क्या है कीमत