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आपके साथ भी कभी न कभी ऐसा जरूर हुआ होगा कि नया फोन लिया, WhatsApp खोला, नंबर डाला और फिर OTP का इंतजार करना शुरू कर दिया। कभी OTP समय से या जाता है और कभी आता ही नहीं है। कभी गलत नंबर पर चला जाता है, कभी Expire हो जाता है। यह छोटी सी बात है लेकिन उस वक्त जितनी झुंझलाहट होती है, वो बताने की जरूरत नहीं। इसके अलावा OTP से जुड़ा एक और बड़ा खतरा है जो आजकल तेजी से बढ़ रहा है, यह OTP Fraud है। जालसाज किसी न किसी बहाने से OTP पूछ लेते हैं और अकाउंट खाली कर डालते हैं।
अब इन दोनों समस्याओं का एक ही हल सामने आया है और यह हल लाया है Vodafone Idea यानि Vi की ओर से पेश की गई नई सेवा। कंपनी ने Meta के साथ साझेदारी करके एक नई सर्विस लॉन्च की है जिसका नाम है Silent Mobile Verification यानि SMV। नाम से ही अंदाजा लग जाता है कि यह काम कैसे करती होगी।
SMV यानि Silent Mobile Verification एक नेटवर्क आधारित Authentication Technology है। इसका मतलब यह है कि जब आप Vi के मोबाइल नेटवर्क पर WhatsApp, Facebook या Instagram खोलते हैं और वेरिफिकेशन की जरूरत पड़ती है, तो यह काम बैकग्राउंड में अपने आप हो जाता है। इस सेवा के बाद से आपको न OTP का इंतजार करना है, न ऐप से बाहर जाकर Message Box चेक करना है, न कोई कोड डालने की जरूरत है। आपका मोबाइल नेटवर्क खुद ही आपके नंबर को वेरिफाई कर लेता है और आप सीधे लॉग इन हो जाते हैं।
असल में यह तकनीक उस भरोसे पर काम करती है जो आपके SIM और Telecom Network के बीच पहले से मौजूद है। नेटवर्क जानता है कि यह SIM किसके नाम पर है, तो वह खुद ही Meta के प्लेटफॉर्म को कन्फर्म कर देता है कि हाँ, यह वही बंदा है।
Vi की इस SMV सर्विस का फायदा इन सभी कामों में मिलेगा जहाँ अभी तक OTP या पासवर्ड की जरूरत पड़ती थी। नया SIM लेने पर नंबर वेरिफाई करते वक्त, WhatsApp या Instagram पर नया अकाउंट बनाते समय, किसी नए फोन में लॉग इन या री-लॉग इन करते वक्त, भूला हुआ अकाउंट वापस पाने में और किसी सिक्योरिटी चेक के दौरान। यानि जहाँ-जहाँ पहले OTP का चक्कर था, वहाँ-वहाँ अब SMV काम करेगी।
मेरी समझ से यह सर्विस वाकई काम की है और इसके फायदे एक नहीं बल्कि कई हैं। पहली बात, Onboarding यानि नए प्लेटफॉर्म पर जुड़ने की प्रक्रिया काफी तेज और आसान हो जाएगी। दूसरी बात, OTP से जुड़े फ्रॉड का खतरा काफी कम हो जाएगा क्योंकि OTP है ही नहीं तो चुराया क्या जाएगा। तीसरी बात, Phishing यानि नकली लिंक या मैसेज के जरिए होने वाली ठगी में भी यह तकनीक मददगार साबित होगी।
यह सवाल जरूर मन में आता है कि अगर सब कुछ बैकग्राउंड में हो रहा है तो क्या यह सुरक्षित है? जवाब है हाँ। असल में, यह तकनीक OTP से ज्यादा सुरक्षित है। OTP को Intercept किया जा सकता है, किसी को बताया जा सकता है या किसी बहाने से ठगा जा सकता है। लेकिन SMV में वेरिफिकेशन सीधे नेटवर्क लेवल पर होती है। इसे बाहरी तरीके से तोड़ना या धोखा देना बेहद मुश्किल है। भारत में डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और इसी के साथ Online Fraud के मामले भी। ऐसे में Network Based Verification एक जरूरी कदम है।
इस सेवा के इस्तेमाल के लिए आपको क्या करना होगा, इसका जवाब है कि आपको कुछ भी नहीं करना हिय। यही इस सर्विस की सबसे बड़ी खूबी है। Vi यूजर्स को कोई अलग से App डाउनलोड नहीं करनी, कोई Setting नहीं बदलनी और न ही कोई Form भरना है। जब भी Meta के प्लेटफॉर्म पर वेरिफिकेशन की जरूरत होगी और आप Vi के नेटवर्क पर होंगे, SMV अपने आप काम करेगी। बाकी टेलीकॉम कंपनियाँ भी इस दिशा में काम कर रही हैं, लेकिन फिलहाल Meta के साथ इस तरह की साझेदारी करने वाली Vi पहली भारतीय टेलीकॉम कंपनी बन गई है।
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