Reliance Jio आने वाले समय में 6G नेटवर्क की ओर बढ़ने के लिए एक अलग रणनीति अपना सकती है। कंपनी नए इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़े स्तर पर तैयार करने के बजाय मौजूदा नेटवर्क को सॉफ्टवेयर अपग्रेड के जरिए 6G के लिए तैयार करने की योजना बना रही है। Jio के IPO मीडिया मीट के दौरान Akash Ambani ने कंपनी की भविष्य की तकनीकी रणनीति पर बात करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि Jio का लक्ष्य अपनी तकनीक विकसित करना और उसके जरिए भारतीय ग्राहकों तक डिजिटल सेवाएं पहुंचाना है।
Akash Ambani ने कहा, “6G हमारी योजना में शामिल है। इसका मतलब है कि हम नए इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करने के बजाय सॉफ्टवेयर अपग्रेड के जरिए 6G की ओर बढ़ेंगे।”
कंपनी के नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी देते हुए Akash Ambani ने बताया कि Jio के पास पूरे भारत में 3,60,000 से अधिक टावर हैं। इसके अलावा, कंपनी का फाइबर नेटवर्क एक मिलियन यानी 10 लाख रूट किलोमीटर से भी ज्यादा लंबा है।
उन्होंने दोहराया कि Jio का पहला उद्देश्य तकनीक को आम भारतीयों तक पहुंचाना और उसे सभी के लिए पहुंच योग्य बनाना है। कंपनी अपने नेटवर्क और तकनीकी क्षमताओं के जरिए देश में डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने पर जोर दे रही है।
Akash Ambani ने Jio की ग्रोथ में कंपनी की खुद की विकसित की गई एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी को अहम बताया। उनके मुताबिक, Jio का टेक्नोलॉजी स्टैक मोबाइल नेटवर्क से लेकर इंटीग्रेटेड होम प्लेटफॉर्म, डिवाइस, ऑपरेटिंग सिस्टम और डिजिटल एप्लिकेशन तक फैला हुआ है।
उन्होंने कहा कि कंपनी ने इस तकनीक को खुद विकसित करने के साथ-साथ इसे लागू किया है और अपने नेटवर्क में संचालित भी किया है। Ambani के अनुसार, तकनीक पर अपना नियंत्रण होने से Jio को ग्राहकों की जरूरतों के हिसाब से बेहतर सेवाएं देने और अपने प्लेटफॉर्म पर नए डिजिटल प्रोडक्ट पेश करने में मदद मिलती है।
Akash Ambani के मुताबिक, Jio की स्वदेशी तकनीक भारत के लिए टेक्नोलॉजी एक्सपोर्टर बनने की संभावनाएं भी पैदा करती है। इससे देश में विकसित तकनीक को दूसरे बाजारों तक पहुंचाने का रास्ता खुल सकता है।
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