भारत जल्द ही स्मार्टफोन मैनुफेक्चुरिंग का बड़ा हब बन सकता है। सरकार ने PLI (प्रॉडक्शन-लिंक्ड इन्सेंटिव) स्कीम के तहत इस इन्सेंटिव को मंजूरी दी है जिसमें 16 स्मार्टफोन निर्माताओं कंपनियों Foxconn, Samsung, Lava, Micromax आदि मंजूरी मिली है जिसे देश में मैनुफेक्चुरिंग को बढ़ोतरी मिलेगी।
स्मार्टफोन निर्माण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारतीय पॉलिसी के अंदर बड़ा फीचर रहा है। सरकार ने देश को स्मार्टफोन के निर्माण और एक्सपोर्ट का बड़ा स्रोत बनाने के लिए $6.65 बिलियन (लगभग Rs 48,894 करोड़) की इन्सेंटिव स्कीम की घोषणा की है।
सरकारी अधिकारियों ने इस साल की शुरुआत में, पीएलआई योजना में नियमों को संशोधित कर कैप और अन्य विवादास्पद कारणों को हटाकर इसे अधिक बाजार के अनुकूल बनाया। पांच साल की अवधि में प्रोत्साहन 4% से 6% तक होता है, बशर्ते निर्माता लगभग 200 डॉलर मूल्य के स्मार्टफोन बनाता है। प्रोत्साहन केवल तभी जारी किया जाएगा जब निर्माता आधार वर्ष में उत्पादन स्तर पर 4,000 करोड़ रुपये से अधिक के उत्पादन स्तर को बढ़ाता है।
Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, 16 कंपियों को इन्सेंटिव स्कीम के अंदर मंजूरी मिली है और इन्होंने देश में प्रॉडक्शन बढ़ाने के लिए सहमती दी है। इस लिस्ट में आईफोन निर्माता Foxconn, Wistron और Pegatron भी शामिल हैं। हालांकि, सरकार ने इन कंपनियों के इंवेस्टमेंट के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की है। सोर्स के मुताबिक, कंपनियाँ पांच वर्ष के काल में भारत में करीब $900 मिलियन (लगभग Rs 6,614 करोड़) इन्वेस्ट करेंगी।
सैमसंग को भी स्कीम के तहत मंजूरी मिली है जिसका ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश में दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल मैनुफेक्चुरिंग प्लांट है। इसके अलावा, भारतीय स्मार्टफोन ब्रण्ड्स जैसे Lava और Micromax को भी मंजूरी मिली है। Reuters को दिए गए बयान के मुताबिक, ये कंपनियों से भारत में Rs 10,50,000 करोड़ की कीमत के स्मार्टफोंस बनाने की उम्मीद है।