आज भारत के जाने-माने शायर, गीतकार और सामाजिक कार्यकर्त्ता Kaifi Azmi की 101वीं सालगिरह है। उन्होंने 20वीं सदी में प्रेम कविता, बॉलीवुड में गाने, लिरिक्स और स्क्रीन प्ले लिखे और जाने-माने कवि कहलाये।
Syed Athar Hussain Rizvi (Kaifi Azmi) का जन्म 1919 में उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ में हुआ था और उनके पिता ज़मींदार थे। कैफ़ी आज़मी के पिता उन्हें ऊंची तालीम देना चाहते थे और इसलिए उनका दाखिला लखनऊ के प्रसिद्ध सेमिनरी सुल्तान उल मदारिस कराया था। कैफ़ी आज़मी के अंदर का शायर बचपन से जिंदा था।
उन्होंने 11 वर्ष की उम्र में अपनी पहली कविता लिखी। कैफ़ी आज़मी महात्मा गांधी के 1942 में हुए भारत छोड़ो आन्दोलन से प्रेरित होते हुए बढ़े हुए और बाद में एक उर्दू अख़बार के लिए लिखने के मकसद से मुंबई चले गए।
Kaifi Azmi ने 1943 में अपनी कविताओं की पहली पुस्तक झंकार प्रकाशित की और प्रभावशाली प्रगतिशील लेखक संघ के सदस्य बन गए जिन्होंने सामाजिक-आर्थिक सुधारों की प्रगति में लिखा।
कैफ़ी आज़मी को अपने काम के लिए कई पुरस्कार मिले जिसमें फिल्मफेयर अवार्ड्स, पद्मश्री अवार्ड आदि नाम शुमार हैं। कैफ़ी आज़मी अनुभवी अभिनेत्री शबाना आज़मी के पिता हैं।