नवम्बर 2017 में इज़राइल की एक कम्पनी Corephotonics ने Apple के खिलाफ मुकदमा दायर किया था और कम्पनी का कहना था कि एप्पल ने पेटेंट का उलंघन्न किया था। इज़राइली कम्पनी के अनुसार, Apple ने बिना लाइसेंस के कम्पनी की डुअल कैमरा पेटेंट और ज़ूम फीचर को iPhone 7 Plus और iPhone 8 Plus में उपयोग किया है। Scribd के मुताबिक अब बीते बुधवार को Corephotonics ने एक नया मुकदमा फाइल किया है जिसमें दावा किया गया है कि एप्पल ने iPhone 7 Plus के बाद से कम्पनी के 10 पेटेंट्स को डुअल-कैमरा आईफोन में उपयोग किया। इन मॉडल्स में iPhone 8 Plus, iPhone X, iPhone XS और iPhone XS Max के नाम शामिल हैं।
इस नए मुकदमें में भी कम्पनी का कहना है कि Apple ने डुअल-कैमरा तकनीक के लाइसेंस एग्रीमेंट के लिए मुलाकात की थी लेकिन बजाए इसके iPhone 7 Plus के लिए इसे चुरा कर अपना वर्जन तैयार कर लिया। इन पेटेंट्स में ऑप्टिकल ज़ूम, मिनी टेलीफ़ोटो लेंस और ऐसा सॉफ्टवेयर जो दो रियर फेसिंग कैमरा की तस्वीरों को कंबाइन करता है शामिल है।
Corephotonics का कहना है कि Apple मौजूदा पेटेंट के बारे में जानता था और यहां तक कि अपने डुअल-कैमरा पेटेंट के लिए USPTO के साथ आवेदन भी दे चुका था। दूसरी ओर, एप्पल ने 2015 में में LinX नाम की इज़राइली ऑप्टिकल फर्म को खरीदा था। इसी साल एप्पल को एक पेटेंट प्रदान किया गया था जो L शेप के कैमरा मोड्यूल और रेफ्लेक्टिंग सर्फेस का उपयोग कर के स्मार्टफोन के लिए ज़ूम लेंस बनाएगा। एप्पल ने इसे अपनी इनोवेशन बनाकर पेश किया है लेकिन यह साफ़ नहीं है कि यह एप्पल का पेटेंट है जिसे Corephotonics के दावे के अनुसार इज़राइली कम्पनी की तकनीक पर तैयार किया गया है।