Airtel, Vodafone, Jio जैसे बड़े टेलिकॉम प्रदाताओं ने सरकार के सामने एक प्रस्ताव रखा है जिसके बाद आपके टेलिकॉम बिल कई गुना बढ़ सकते हैं। मोबाइल डाटा यूज़र्स और कॉलिंग के दाम 10 गुना तक बढ़ सकते हैं।
भारतीय यूज़र्स को 4G डाटा के लिए Rs 3.5 प्रति GB देना होता है और अगर कम्पनियों द्वारा दी गई मिनिमम रेट फिक्स कर दी जाती है तो आपके वर्तमान प्लान्स के दाम 5 से 10 गुना बढ़ जाएंगे।
इस समय Vodafone Idea कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और कम्पनी ने सरकार से मिनिमम डाटा प्राइस की दर Rs 35 प्रति GB की मांग की है, वहीं भारती एयरटेल ने Rs 30 प्रति GB डाटा का प्रस्ताव किया है। इसके अलावा, Reliance Jio प्रति GB के लिए Rs 20 दाम फिक्स करना चाहती है। अगर रेगुलेटर्स टेलिकॉम प्रदाताओं के इस प्रस्ताव को मानते हैं तो डाटा के दाम 10 गुना तक बढ़ जाएंगे।
उदाहरण के लिए अगर आप Rs 3.5 प्रति GB की दर से डाटा का उपयोग कर रहे हैं और Rs 599 वाला एक प्लान एक्टिवेट करते हैं जिसका वैधता 84 दिन है। इस प्लान में आपको 4G की स्पीड पर प्रतिदिन 2GB डाटा मिलता है। अगर सरकार कम्पनियों के इस प्रस्ताव को मान कर एक फ्लोर प्राइस सेट कर देती हैं तो यूज़र्स को यही प्लान Rs 3,360 से Rs 5,880 के बीच पड़ेगा।
टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया TRAI इंडस्ट्री की डिमांड को देखते हुए कॉल और डाटा सर्विस के लिए न्यूनतम दाम सेट करने के लिए पार्टीज़ से बातचीत कर रहा है।
कम्पटीशन कमीशन ऑफ़ इंडिया CCI इसके खिलाफ है। कमीशन का मानना है कि इस कदम से बाज़ार पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।