Jio Satellite Internet: 1,600 सैटेलाइट्स का मेगा स्पेस प्लान! Starlink से 8 गुना तेज स्पीड.. कब मिलेगा जियो का सुपरफास्ट इंटरनेट

HIGHLIGHTS

एलन मस्क की Starlink और जेफ बेजोस की Amazon Kuiper को टक्कर देने अंतरिक्ष में उतरेगा रिलायंस जियो।

4.8 Tbps की जबरदस्त भारतीय बैंडविड्थ कैपेसिटी, सीधे स्मार्टफोन पर मिलेगी डायरेक्ट-टू-डिवाइस कनेक्टिविटी, स्टारलिंक से 8 गुना ज्यादा स्पीड।

सितंबर 2027 में पहली टेस्ट फ्लाइट, 2028 की शुरुआत से कमर्शियल सैटेलाइट ब्रॉडबैंड शुरू होने की उम्मीद है।

सभी जानते हैं कि जियो को लॉन्च हुए पूरे 10 साल हो चुके हैं, अभी हाल ही में जियो ने अपनी 10वीं सालगिरह भी मनाई थी। कंपनी को सभी जमीन पर 4G और 5G नेटवर्क का जाल बिछाने वाली बड़ी टेलिकॉम कंपनी के तौर पर जानते हैं। हालांकि, भविष्य में रिलायंस जियो का प्लान कुछ और ही है। इस समय यानि अपने लॉन्च के 10 साल के बाद अब रिलायंस जियो (Reliance Jio) अंतरिक्ष से सीधे आपके फोन तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने की सबसे बड़ी तैयारी में लग गई है।

एक नई जानकारी ऐसा कहती है कि जियो ने 1,600 सैटेलाइट्स का लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) स्पेस प्लान तैयार कर लिया है। आइए जानते हैं कि आखिर रिलायंस जियो का यह प्लान क्या है और कैसे आपको सीधे अंतरिक्ष से आपके फोन पर इंटरनेट मिलने वाला है।

देश के दूर-दराज के इलाकों में दिया जाएगा सुपरफास्ट जियो इंटरनेट!

देश के दूर-दराज, पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में जहां मोबाइल टावर या फाइबर केबल पहुंचाना नामुमकिन है, वहां अब सीधे आसमान से बिजली की रफ्तार वाला सैटेलाइट इंटरनेट पहुँचने वाला है। भारतीय अंतरिक्ष नियामक IN-SPACe से शुरुआती हरी झंडी मिलने के बाद अब इस प्रोजेक्ट के परीक्षण और कमर्शियल रोलआउट का पूरा खाका सामने आ चुका है।

रिलायंस जियो ने अपनी सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में स्थापित करने के लिए बेहद रणनीतिक रास्ता चुना है। आइए इसपर एक नजर डाल लेते हैं। असल में, ऐसा माना जा रहा है कि जियो की सैटेलाइट्स को पृथ्वी से करीब 650 किमी की ऊंचाई वाले ऑर्बिट में रखा जाने वाला है। दरअसल, 640 से 700 किमी के बीच का स्पेस फिलहाल पूरी तरह खाली है और वहां किसी अन्य बड़ी ग्लोबल कंपनी का नेटवर्क नहीं है। इससे जियो को बिना किसी सिग्नल इंटरफेरेंस के सुरक्षित ऑर्बिटल स्लॉट्स हासिल करने में आसानी होगी।

जियो केवल घरों की छतों पर फिक्स्ड एंटीना (डिश) नहीं लगाएगा, बल्कि सीधे आम स्मार्टफोन पर कनेक्ट होने वाली ‘डायरेक्ट-टू-डिवाइस’ सैटेलाइट सर्विस भी देगा। इसके सुचारू संचालन के लिए पूरे देश में 20 से 22 हाई-टेक ग्राउंड स्टेशन तैयार किए जाएंगे।

स्टारलिंक के मुकाबले 8 गुना फास्ट मिलेगा इंटरनेट!

जियो की हर एक सैटेलाइट 100 से 150 Gbps तक का थ्रूपुट देने में सक्षम होगी। नेटवर्क एक्टिव होने पर भारत के आसमान के ऊपर एक समय में जियो की 30 से 32 सैटेलाइट्स हमेशा तैनात रहेंगी, जो मिलकर 4.8 Tbps तक की डेटा क्षमता पैदा करेंगी, जो स्टारलिंक की 600 Gbps क्षमता से लगभग 8 गुना अधिक है।

टेस्टिंग से कमर्शियल लॉन्च तक क्या है पूरा प्लान

जियो ने ऑर्बिट स्लॉट और रेडियो फ्रीक्वेंसी के लिए संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय संस्था ITU (International Telecommunication Union) में आवेदन कर दिया है। इसके रोलआउट की टाइमलाइन को अगर देखा जाए तो जानकारी मिलती है कि अगले साल सितंबर में जियो अपनी पहली प्रायोगिक सैटेलाइट्स अंतरिक्ष में भेजेगा, जहां हार्डवेयर, ग्राउंड स्टेशन लिंकिंग और सॉफ्टवेयर एल्गोरिदम की लाइव टेस्टिंग होगी।

सफल परीक्षण के बाद 2 से 3 तिमाहियों के भीतर 90 से 100 सैटेलाइट्स का पहला बड़ा जत्था भेजा जाएगा, जिसके साथ 2028 की शुरुआत से भारत में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवा शुरू हो जाएगी। 2030 तक अंतरिक्ष में 400 से 450 सैटेलाइट्स तैनात करने की योजना भी है। इसके साथ साथ 2035 तक सभी 1,600 सैटेलाइट्स का पूर्ण स्वदेशी ग्लोबल नेटवर्क अंतरिक्ष में शुरू हो जाने वाला है।

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Ashwani Kumar

Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life.

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