आज के समय में अगर किसी से व्हाट्सएप पर बात करनी हो, तो दोनों तरफ व्हाट्सएप अकाउंट होना और फोन में ऐप इंस्टॉल होना पहली शर्त होती है। अगर सामने वाले के पास स्मार्टफोन नहीं है, उसने व्हाट्सएप डाउनलोड नहीं किया है या उसका अकाउंट नहीं बना है, तो उसका व्हाट्सएप कॉल पर जुड़ना इस समय तक मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। लेकिन मेटा (Meta) अब इस पुरानी दीवार को पूरी तरह गिराने की तैयारी कर रहा है। गूगल मीट (Google Meet) और जूम (Zoom) जैसे प्लेटफॉर्म्स के जैसे ही अब व्हाट्सएप भी एक क्रांतिकारी ‘गेस्ट कॉलिंग’ (Guest Calls) फीचर पर काम कर रहा है। इस नए फीचर के आने के बाद कोई भी व्यक्ति बिना व्हाट्सएप अकाउंट बनाए और बिना फोन में कोई ऐप डाउनलोड किए सीधे आपके साथ ऑडियो या वीडियो कॉल पर जुड़ सकेगा।
व्हाट्सएप के अपडेट्स पर बारीकी से नजर रखने वाले प्लेटफॉर्म WABetaInfo की एक रिपोर्ट में इस फीचर के बारे में चर्चा मिलती है। आइए समझते हैं कि यह पूरा सिस्टम कैसे काम करेगा और आम यूज़र्स के लिए यह कितना काम का साबित होने वाला है।
व्हाट्सएप की यह नई कॉलिंग तकनीक उसके पहले से टेस्ट हो रहे ‘गेस्ट चैट्स’ (Guest Chats) सिस्टम पर ही आधारित लग रही है। इसका तरीका बेहद सीधा और आसान रखा गया है। व्हाट्सएप यूजर अपने ऐप के ‘Calls’ टैब में जाकर एक सुरक्षित इनवाइट लिंक जनरेट कर सकेंगे। यहीं पर यूजर चुन सकते हैं कि उसे वॉइस कॉल करनी है या वीडियो कॉल। इसके साथ साथ यह लिंक सामान्य मैसेज, ईमेल या किसी अन्य माध्यम से उस व्यक्ति को भेजा जाएगा जिसके पास व्हाट्सएप नहीं है।
इस लिंक के मिलते ही सामने वाला व्यक्ति उस पर क्लिक करेगा। क्लिक करते ही उसके कंप्यूटर या फोन के वेब ब्राउज़र (जैसे क्रोम, सफारी या एज) में सीधे WhatsApp Web का कॉलिंग इंटरफेस खुल जाएगा। यहां यूजर से कोई पासवर्ड, ओटीपी या साइन-अप नहीं मांगा जाएगा। वह बस अपना नाम डालकर ‘गेस्ट’ के रूप में कॉल में शामिल होने की रिक्वेस्ट भेज देगा।
जब किसी प्लेटफॉर्म पर बिना अकाउंट वाले लोगों को एंट्री दी जाती है, तो सबसे बड़ा डर प्राइवेसी और सुरक्षा (Trolling या Zoombombing) का होता है। व्हाट्सएप ने इस खतरे को रोकने के लिए कई सुरक्षा घेरे तैयार किए हैं। कोई भी गेस्ट सिर्फ लिंक होने भर से सीधे कॉल के अंदर नहीं आ सकेगा। जब गेस्ट लिंक पर क्लिक करेगा, तो कॉल शुरू करने वाले होस्ट की स्क्रीन पर एक रिक्वेस्ट आएगी। जब तक होस्ट ‘Approve’ बटन नहीं दबाएगा, तब तक कोई भी बेशक उसके पास लिंक ही क्यों न हो कॉल के साथ जुड़ नहीं सकता है।
बातचीत के दौरान होस्ट कभी भी किसी भी गेस्ट को कॉल से बाहर (Remove) कर सकता है या पूरी कॉल को सभी के लिए एक साथ समाप्त कर सकता है। अकाउंट न होने के बावजूद कॉल की प्राइवेसी से कोई समझौता नहीं होगा। ब्राउज़र एक अस्थायी सेशन आईडी जनरेट करेगा, जिससे पूरी कॉल एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड रहेगी। यानी मेटा या व्हाट्सएप खुद भी आपकी बातचीत नहीं सुन सकेंगे।
ऑफिस और प्रोफेशनल मीटिंग्स में आसानी: फ्रीलांसर्स, क्लाइंट्स या इंटरव्यूज के लिए सामने वाले को जबरन व्हाट्सएप डाउनलोड कराने या फोन नंबर सेव कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा कम स्टोरेज वाले स्मार्टफोन्स के लिए यह फीचर एक वरदान जैसा हो सकता है। Zoom और Google Meet को सीधी चुनौती भी इस फीचर से मिलने वाली है।
आइए अब कुछ कमियों पर भी नजर डाल लेते हैं। नई सुविधा में कुछ लिमिटेड फीचर्स ही मिलने वाले हैं। इसका मतलब है कि अगर एक बार कॉल कट जाती है तो गेस्ट के पास उस बातचीत का कोई स्थायी रिकॉर्ड या चैट हिस्ट्री नहीं रहेगी। मोबाइल ब्राउज़र पर कई बार वेब आरटीसी (WebRTC) या कैमरा-माइक की परमिशन देना कम तकनीकी समझ वाले यूज़र्स के लिए थोड़ा उलझन भरा हो सकता है।
अनजान लोगों का झंझट भी इस फीचर के साथ बना रहने वाला है। ऐसा हो सकता है कि कॉल के लिंक पर अपना फर्जी नाम डालकर आपके कॉल पर एक अलग ही इंसान जुड़ जाए।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह गेस्ट कॉलिंग फीचर फिलहाल डेवलपमेंट फेज में है और इसे अभी आम पब्लिक बीटा टेस्टर्स के लिए भी जारी नहीं किया गया है। कंपनी पहले इसके वेब इंटरफेस और सुरक्षा पैमानों की इंटरनल टेस्टिंग पूरी करने वाली है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले हफ्तों या महीनों में इसे पहले बीटा यूज़र्स और फिर सभी के लिए रोलआउट किया जा सकता है।
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