भारतीय स्मार्टफोन बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच Transsion Holdings के ब्रांड Infinix को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उद्योग सूत्रों के अनुसार, Infinix India के CEO अनिश कपूर कंपनी से अलग हो चुके हैं या अलग होने की प्रक्रिया में हैं। हालांकि कंपनी ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भारत की रणनीति को लेकर स्थानीय नेतृत्व और ट्रांसशियन के चीनी प्रबंधन के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे।
सूत्रों का कहना है कि बिक्री रणनीति और बाजार में ब्रांड की स्थिति को लेकर दोनों पक्षों की सोच अलग थी, जिसके बाद यह स्थिति बनी। कंपनी के कुछ कर्मचारियों ने भी संकेत दिए हैं कि मार्केटिंग और प्रोडक्ट टीम के कई सदस्य अन्य स्मार्टफोन ब्रांड्स का रुख कर रहे हैं।
नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता का असर कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो पर भी दिखाई दे रहा है। जनवरी से मई 2026 के बीच Infinix ने केवल Note Edge और Note 60 Pro जैसे सीमित मॉडल लॉन्च किए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में कंपनी कहीं ज्यादा आक्रामक लॉन्च रणनीति पर काम कर रही थी।
मार्केट एनालिस्ट योगेश बरार के अनुसार, लॉन्च की धीमी रफ्तार आमतौर पर पोर्टफोलियो में कटौती, कैश संबंधी दबाव या रणनीतिक पुनर्गठन का संकेत देती है। उन्होंने कहा कि DRAM और NAND जैसे प्रमुख कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत का असर विशेष रूप से उन कंपनियों पर पड़ रहा है जिनकी बिक्री मुख्य रूप से बजट सेगमेंट में होती है।
बाजार आंकड़े भी Infinix के लिए मुश्किल दौर की ओर इशारा करते हैं। StatCounter के डेटा के अनुसार, भारत में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी दिसंबर 2025 में 1.93% तक पहुंची थी, लेकिन मई 2026 तक घटकर 1.63% रह गई। वहीं योगेश बरार के मुताबिक, जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच Infinix की शिपमेंट केवल 5 लाख यूनिट रही, जबकि पिछले वर्ष कंपनी ने करीब 29 लाख स्मार्टफोन भेजे थे।
वैश्विक स्तर पर भी ट्रांसशियन समूह दबाव में है। TechInsights की रिपोर्ट के अनुसार, Q1 2025 में समूह की संयुक्त स्मार्टफोन शिपमेंट में 22% की गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि अफ्रीकी बाजारों में कंपनी अभी भी मजबूत प्रदर्शन कर रही है, लेकिन भारत जैसे अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बाजार में स्थानीय रणनीति और मजबूत नेतृत्व की कमी चुनौती बन सकती है।
Counterpoint की जून 2026 रिपोर्ट में ट्रांसशियन को उन कंपनियों में शामिल किया गया है जिन पर सबसे ज्यादा दबाव है। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में समूह की शिपमेंट में 32% तक गिरावट आने का अनुमान है। ऐसे में Infinix के लिए आने वाले महीनों में नेतृत्व, उत्पाद रणनीति और बाजार हिस्सेदारी को लेकर कई अहम चुनौतियां सामने हैं।
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