भारत में गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही लाखों यात्री एक बार फिर ट्रेन टिकट बुकिंग की परेशानी से जूझने की तैयारी में लग गए हैं. दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में रहने वाले मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए छुट्टियों में घर लौटना अक्सर एक बड़ी समस्या लेकर आता है वेटिंग लिस्ट.
कई सालों से Tatkal टिकट बुकिंग आम यात्रियों के लिए लगभग नामुमकिन जैसी महसूस होती रही है. लोग जब तक कैप्चा भरते या यात्री की जानकारी डालते, तब तक टिकट कुछ ही सेकंड में खत्म हो जाते थे. कई यात्रियों का मानना था कि ऑटोमेटेड बॉट्स और टिकट एजेंट आम लोगों से पहले ही सीटें बुक कर लेते हैं.
अब Indian Railways और IRCTC ने इन समस्याओं से निपटने के लिए नया AI आधारित सिस्टम शुरू किया है. इसके साथ ही रेलवे ने गर्मियों के सीजन के लिए 908 स्पेशल ट्रेनें और 18 हजार से ज्यादा ट्रिप्स का भी ऐलान किया है.
भारतीय रेलवे ने मई 2026 से देशभर में नया “Citizen-First Rail Ticketing and AI Scheduling” सिस्टम शुरू किया है. इस नए सिस्टम में कई बड़े बदलाव शामिल किए गए हैं. इसमें AI आधारित फर्जी बुकिंग पहचान सिस्टम, रियल टाइम वेटिंग लिस्ट मैनेजमेंट, बॉट बुकिंग रोकने की तकनीक और ट्रेन शेड्यूलिंग का स्मार्ट विश्लेषण शामिल है.
रेलवे के मुताबिक इसका मकसद टिकटों की कालाबाजारी रोकना और असली यात्रियों को टिकट मिलने की संभावना बढ़ाना है.
रेलवे का नया AI सिस्टम संदिग्ध बुकिंग गतिविधियों को तुरंत पहचानने के लिए बनाया गया है. रेलवे के अनुसार यह सिस्टम बहुत तेजी से टाइपिंग करना, ऑटोमेटेड यात्री जानकारी भरना, Tatkal बुकिंग के दौरान बॉट जैसी गतिविधियां, एक ही IP एड्रेस से कई बुकिंग और असामान्य रूप से तेज पेमेंट प्रोसेस जैसी चीजों को पकड़ सकता है.
उदाहरण के तौर पर अगर कोई यूजर कुछ ही सेकंड में यात्री जानकारी भरकर पेमेंट पेज तक पहुंच जाता है, तो सिस्टम उसे बॉट गतिविधि मान सकता है. ऐसे अकाउंट या सेशन तुरंत ब्लॉक भी किए जा सकते हैं.
Tatkal बुकिंग लंबे समय से भारतीय रेल यात्रियों के लिए सबसे तनावपूर्ण अनुभवों में से एक रही है. यात्रियों की शिकायत रहती थी कि पीक टाइम में IRCTC सर्वर धीमा पड़ जाता था, टिकट कुछ ही सेकंड में खत्म हो जाते थे और एजेंट गैरकानूनी सॉफ्टवेयर व स्क्रिप्ट का इस्तेमाल करते थे. बॉट्स इंसानों से तेज टिकट बुक कर लेते थे, जिससे आम यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलना बेहद मुश्किल हो जाता था.
रेलवे ने अब Tatkal बुकिंग के लिए सुरक्षा नियम और सख्त कर दिए हैं. यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने IRCTC अकाउंट को Aadhaar से लिंक करें, OTP वेरिफिकेशन पूरा करें और पूरी तरह वेरिफाइड प्रोफाइल इस्तेमाल करें. अधिकारियों के मुताबिक वेरिफाइड अकाउंट को बुकिंग के दौरान ज्यादा आसान एक्सेस मिल सकता है. इससे फर्जी अकाउंट और बल्क टिकट बुकिंग कम होने की उम्मीद है.
Tatkal बुकिंग का समय पहले जैसा ही रहेगा. AC क्लास के लिए सुबह 10 बजे और Sleeper व non-AC क्लास के लिए सुबह 11 बजे बुकिंग शुरू होगी. हालांकि अब नया AI सिस्टम रियल टाइम में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेगा.
विशेषज्ञों का मानना है कि सबसे ज्यादा राहत उन रूट्स पर मिल सकती है जहां हर साल भारी भीड़ रहती है. इनमें दिल्ली से पटना, मुंबई से वाराणसी, बेंगलुरु से गोरखपुर और अहमदाबाद से दरभंगा जैसे रूट शामिल हैं. छुट्टियों के दौरान इन रूट्स पर वेटिंग लिस्ट कई बार 400 के पार पहुंच जाती है.
नया AI सिस्टम हाई डिमांड रूट्स, वेटिंग लिस्ट की बढ़ोतरी, कोच ऑक्यूपेंसी और यात्रियों के ट्रैफिक पैटर्न का भी विश्लेषण करेगा. अगर किसी रूट पर अचानक मांग बढ़ती है, तो AI रेलवे अधिकारियों को अतिरिक्त कोच जोड़ने, ट्रेन की संख्या बढ़ाने या नई ट्रिप शुरू करने का सुझाव दे सकता है.
रेलवे के मुताबिक अब रिफंड प्रोसेस पहले से ज्यादा तेज और आसान हो गया है. नई व्यवस्था में जल्दी टिकट कैंसिल करने पर जल्दी रिफंड मिल सकता है. डिजिटल पेमेंट की वजह से पैसे तेजी से ट्रांसफर होंगे और खाली सीटें भी ऑनलाइन जल्दी दिख सकती हैं. पहले कई बार रिफंड आने में कई दिन लग जाते थे. अब कई मामलों में कुछ घंटों के भीतर रिफंड मिलने की संभावना है.
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